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जाटलैंड के वार्ड 30 में हार-जीत तय करेंगे ब्राह्मण
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जिला पंचायत के चुनाव में प्रचार समाप्त हो गया है। हरेक वार्ड में राजनीतिक उठापटक और जातिगत समीकरण के आधार पर हार जीत को लेकर बहस चल रही है। कल होने वाले मतदान का सभी को बेसब्री से इंतजार है। इगलास के जाटलैंड में पड़ने वाले वार्ड 30 में भी गली नुक्कड़ यही बहस जारी है। यहां ब्राह्मणों की संख्या निर्णायक स्थिति में है। दूसरे नंबर पर जाट और तीसरे पर मुस्लिम और जाटव हैं।
रालोद ने यहां से सुंदर सिंह पर भरोसा दिखाया तो कांग्रेस ने निर्दलीय विकास पंडित (पूर्व जिपं सदस्य) को समर्थन दिया है। बसपा ने जाहिद खान पर दांव लगाया है तो भाजपा से योगेश गौड़ प्रत्याशी हैं। निर्दलीय प्रत्याशी एवं इगलास ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष चौ. योगेश सिंह भी मजबूत स्थिति में है।
इसी तरह से वीरेंद्र कुमार, जतन कुमार भी टक्कर दे रहे हैं। वार्ड में पहले मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला था लेकिन रालोद से सुंदर सिंह के आते ही ये चतुष्कोणीय हो गया है। हरियाणा में सरकारी ठेकेदार सुंदर सिंह इससे पहले वार्ड 29 में एक साल से तैयारी कर रहे थे, लेकिन आरक्षण में वो वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया।
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इसके बाद पार्टी ने उनको वार्ड नंबर-30 से उतार दिया। इसी वार्ड से रालोद का समर्थन मांग रहे जतन कुमार और वीरेंद्र सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुंदर सिंह की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी एवं कांग्रेस समर्थित विकास पचौरी उर्फ कन्हैया पंडित भी दावेदार हैं। वह पूर्व में वर्ष 2012 में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। स्थानीय राजनीति से अच्छी तरह से परिचित हैं। कांग्रेस भी उनकी जीत के प्रति उत्सुक है। बसपा से जाहिद खान को युवा जाट नेता विश्वेंद्र सिंह का साथ मिल रहा है।
मुस्लिम, जाटव और कुछ जाटों के साथ जाहिद मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी योगेश गौड़ इगलास भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कालीचरण गौड़ के बेटे हैं, किसान आंदोलन के कारण उनको कुछ परेशानी हो रही है, क्योंकि किसान आंदोलन को जाटों का आंदोलन बता कर भाजपा पूर्व में भी सवालों के घेरे में आ चुकी है।
हालांकि, भाजपाई अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे हैं, लेकिन पार्टी से मौका नहीं बागी हुए गोपाल शर्मा उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। यहां पर सपा का दावेदार नहीं है। 48 गांव के इस वार्ड में 16 प्रत्याशियों का फैसला कल मतदान पेटिकाओं में बंद हो जाएगा। दो मई को जनता का रुख भी स्पष्ट होगा।
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रालोद ने यहां से सुंदर सिंह पर भरोसा दिखाया तो कांग्रेस ने निर्दलीय विकास पंडित (पूर्व जिपं सदस्य) को समर्थन दिया है। बसपा ने जाहिद खान पर दांव लगाया है तो भाजपा से योगेश गौड़ प्रत्याशी हैं। निर्दलीय प्रत्याशी एवं इगलास ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष चौ. योगेश सिंह भी मजबूत स्थिति में है।
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इसी तरह से वीरेंद्र कुमार, जतन कुमार भी टक्कर दे रहे हैं। वार्ड में पहले मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला था लेकिन रालोद से सुंदर सिंह के आते ही ये चतुष्कोणीय हो गया है। हरियाणा में सरकारी ठेकेदार सुंदर सिंह इससे पहले वार्ड 29 में एक साल से तैयारी कर रहे थे, लेकिन आरक्षण में वो वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया।
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इसके बाद पार्टी ने उनको वार्ड नंबर-30 से उतार दिया। इसी वार्ड से रालोद का समर्थन मांग रहे जतन कुमार और वीरेंद्र सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुंदर सिंह की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी एवं कांग्रेस समर्थित विकास पचौरी उर्फ कन्हैया पंडित भी दावेदार हैं। वह पूर्व में वर्ष 2012 में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। स्थानीय राजनीति से अच्छी तरह से परिचित हैं। कांग्रेस भी उनकी जीत के प्रति उत्सुक है। बसपा से जाहिद खान को युवा जाट नेता विश्वेंद्र सिंह का साथ मिल रहा है।
मुस्लिम, जाटव और कुछ जाटों के साथ जाहिद मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी योगेश गौड़ इगलास भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कालीचरण गौड़ के बेटे हैं, किसान आंदोलन के कारण उनको कुछ परेशानी हो रही है, क्योंकि किसान आंदोलन को जाटों का आंदोलन बता कर भाजपा पूर्व में भी सवालों के घेरे में आ चुकी है।
हालांकि, भाजपाई अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे हैं, लेकिन पार्टी से मौका नहीं बागी हुए गोपाल शर्मा उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। यहां पर सपा का दावेदार नहीं है। 48 गांव के इस वार्ड में 16 प्रत्याशियों का फैसला कल मतदान पेटिकाओं में बंद हो जाएगा। दो मई को जनता का रुख भी स्पष्ट होगा।