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बदइंतजामी के पंच से बॉक्सिंग रिंग ‘ढेर’
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रामघाट रोड स्थित अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम के बॉक्सिंग कोट बदहाल हालात में ।
- फोटो : CITY OFFICE
राष्ट्रमंडल खेलों में जब भारतीय मुक्केबाजों निकहत जरीन, अमित पंघाल जैसे खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीता तो स्थानीय खिलाड़ियों का जोश सातवें आसमान पर था। वह भी पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं, लेकिन महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग बदइंतजामी का शिकार है। रिंग की फर्श और छत टूट चुकी है। ऐसे में बदहाल रिंग में मुक्केबाज अभ्यास नहीं कर पाते हैं। अभ्यास के लिए निजी एकेडमियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2017-18 में करीब 10 लाख रुपये से बॉक्सिंग रिंग तैयार की गई थी। लेकिन देखरेख के अभाव और बदइंतजामी के कारण रिंग की दशा बेहद खराब है। रिंग में लगा रस्सा, छत और फर्श खराब हो गए हैं। मुक्केबाज रिंकी शर्मा व प्रदीप प्रलय के मुताबिक, रिंग की हालत तब तक सही रही, जब तक यहां पर बॉक्सिंग प्रशिक्षकों की तैनाती रही। एक समय पर यहां कभी 25-30 मुक्केबाज अभ्यास करते थे। वर्तमान में उनकी संख्या न के बराबर है। अब वह केवल दौड़ लगाने के लिए स्टेडियम में आते हैं, जबकि अभ्यास निजी बॉक्सिंग एकेडमी में करते हैं।
उप क्रीड़ा अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि कोरोना काल में खेल गतिविधियां न होने से बॉक्सिंग रिंग खराब हो गई। इसके बारे में खेल निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।
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प्रशिक्षकों की है दरकार
कोरोना काल से पहले स्टेडियम में 9-10 प्रशिक्षकों की तैनाती थी, लेकिन अब दो प्रशिक्षक रह गए हैं। एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, लॉन टेनिस सहित अन्य खेलों में भी प्रशिक्षक नहीं हैं।
साइकिल स्टैंड में वसूली से खिलाड़ियों में आक्रोश
स्टेडियम के साइकिल स्टैंड में साइकिल खड़ी करने के नाम पर खिलाड़ियों में आक्रोश है। खिलाड़ियों ने कहा कि पहले पैसे नहीं लिए जाते थे। खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि वह मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, इसलिए उनसे पैसे न लिए जाए।
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महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2017-18 में करीब 10 लाख रुपये से बॉक्सिंग रिंग तैयार की गई थी। लेकिन देखरेख के अभाव और बदइंतजामी के कारण रिंग की दशा बेहद खराब है। रिंग में लगा रस्सा, छत और फर्श खराब हो गए हैं। मुक्केबाज रिंकी शर्मा व प्रदीप प्रलय के मुताबिक, रिंग की हालत तब तक सही रही, जब तक यहां पर बॉक्सिंग प्रशिक्षकों की तैनाती रही। एक समय पर यहां कभी 25-30 मुक्केबाज अभ्यास करते थे। वर्तमान में उनकी संख्या न के बराबर है। अब वह केवल दौड़ लगाने के लिए स्टेडियम में आते हैं, जबकि अभ्यास निजी बॉक्सिंग एकेडमी में करते हैं।
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उप क्रीड़ा अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि कोरोना काल में खेल गतिविधियां न होने से बॉक्सिंग रिंग खराब हो गई। इसके बारे में खेल निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।
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प्रशिक्षकों की है दरकार
कोरोना काल से पहले स्टेडियम में 9-10 प्रशिक्षकों की तैनाती थी, लेकिन अब दो प्रशिक्षक रह गए हैं। एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, लॉन टेनिस सहित अन्य खेलों में भी प्रशिक्षक नहीं हैं।
साइकिल स्टैंड में वसूली से खिलाड़ियों में आक्रोश
स्टेडियम के साइकिल स्टैंड में साइकिल खड़ी करने के नाम पर खिलाड़ियों में आक्रोश है। खिलाड़ियों ने कहा कि पहले पैसे नहीं लिए जाते थे। खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि वह मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, इसलिए उनसे पैसे न लिए जाए।