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बाथरूम गंदे, होम्योपैथी के डॉक्टर नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो/ अलीगढ़
Updated Thu, 25 Jun 2015 01:40 AM IST
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अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करने आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विशेष कार्य अधिकारी डॉ. विकास सेठी ने बुधवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीन दयाल संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण किया।
इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सांसे अटकीं रहीं। डॉ. सेठी ने जिला अस्पताल में मंगलवार की रात को ही औचक निरीक्षण किया था, लेकिन बुधवार को सीएमओ कार्यालय में बैठकर स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर तक मंगवा लिए। यहां के अलावा डॉ. सेठी गांधी नेत्र चिकित्सालय भी पहुंचे। जिला अस्पताल से बाहर निकले तो सिर्फ इतना ही कहा कि सब गड़बड़ है। बड़ी खराब स्थिति है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल परिसर में ऐसा कोई विभाग नहीं छोड़ा जहां पर निरीक्षण के दौरान डॉ. सेठी को खामी न मिली हो। इसके लिए उन्होंने जमकर स्टाफ को फटकारा। हिदायत दे दी कि यह सब स्थिति वह शासन के समक्ष रखेंगे। जिला अस्पताल में डॉ. सेठी को एक डॉक्टर की छह हजार रुपये मांगने के लिए शिकायत की गई। बहार से दवाएं मंगाने और ठीक से इलाज न करने की भी शिकायतें की गईं।
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टीबी वार्ड के पास में ही भयंकर गंदगी देख डॉ. सेठी ने कहा कि इस स्थिति में टीबी ठीक होगी या और फैलेगी? इस पर मौजूद स्टाफ दाएं बाएं झांकता नजर आया। आयुष वार्ड में होम्योपैथी के डॉक्टर ही नहीं मिले। यूनानी डॉक्टर आयुर्वेद की जगह और आयुर्वेद के डॉक्टर ओपीडी में मौजूद थे। इस पर डॉ. सेठी ने कड़ी नाराजगी जताई।
सीएमओ ऑफिस की एक महिला कर्मचारी पर 200 रुपये मांगने की शिकायत की गई। इसी दौरान सीएमएस कार्यालय में एक हाथ के फ्रैक्चर का केस आया। आरोप लगाया कि डॉक्टर 15 हजार रुपये मांग रहे हैं। डॉ. सेठी ने फोन पर किसी डीके नाम के विशेषज्ञ से परामर्श किया तो पाया कि इतना खर्चा आना स्वाभाविक है। इसके बाद मरीज को भरोसा दिलाया कि उसका सही से इलाज होगा।
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इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सांसे अटकीं रहीं। डॉ. सेठी ने जिला अस्पताल में मंगलवार की रात को ही औचक निरीक्षण किया था, लेकिन बुधवार को सीएमओ कार्यालय में बैठकर स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर तक मंगवा लिए। यहां के अलावा डॉ. सेठी गांधी नेत्र चिकित्सालय भी पहुंचे। जिला अस्पताल से बाहर निकले तो सिर्फ इतना ही कहा कि सब गड़बड़ है। बड़ी खराब स्थिति है।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल परिसर में ऐसा कोई विभाग नहीं छोड़ा जहां पर निरीक्षण के दौरान डॉ. सेठी को खामी न मिली हो। इसके लिए उन्होंने जमकर स्टाफ को फटकारा। हिदायत दे दी कि यह सब स्थिति वह शासन के समक्ष रखेंगे। जिला अस्पताल में डॉ. सेठी को एक डॉक्टर की छह हजार रुपये मांगने के लिए शिकायत की गई। बहार से दवाएं मंगाने और ठीक से इलाज न करने की भी शिकायतें की गईं।
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टीबी वार्ड के पास में ही भयंकर गंदगी देख डॉ. सेठी ने कहा कि इस स्थिति में टीबी ठीक होगी या और फैलेगी? इस पर मौजूद स्टाफ दाएं बाएं झांकता नजर आया। आयुष वार्ड में होम्योपैथी के डॉक्टर ही नहीं मिले। यूनानी डॉक्टर आयुर्वेद की जगह और आयुर्वेद के डॉक्टर ओपीडी में मौजूद थे। इस पर डॉ. सेठी ने कड़ी नाराजगी जताई।
सीएमओ ऑफिस की एक महिला कर्मचारी पर 200 रुपये मांगने की शिकायत की गई। इसी दौरान सीएमएस कार्यालय में एक हाथ के फ्रैक्चर का केस आया। आरोप लगाया कि डॉक्टर 15 हजार रुपये मांग रहे हैं। डॉ. सेठी ने फोन पर किसी डीके नाम के विशेषज्ञ से परामर्श किया तो पाया कि इतना खर्चा आना स्वाभाविक है। इसके बाद मरीज को भरोसा दिलाया कि उसका सही से इलाज होगा।