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अलीगढ़ः एआरएम खुर्जा की कार्रवाई पर आरएम की आपत्ति ने खड़े किए कई सवाल
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शनिवार को एटा डिपो की रोडवेज बस में एआरएम खुर्जा उमेश आर्य द्वारा 45 यात्रियों के बिना टिकट यात्रा करने पर की गई कार्रवाई पर आरएम की आपत्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि एआरएम खुर्जा उमेश आर्य का कहना है कि उन्होंने सही कार्रवाई की है। नंबरों को लेकर कोई गलतफहमी नहीं है। 45 सवारियां बिना टिकट पकड़ी गई थीं। अब आरएम अलीगढ़ को शक है तो हम कुछ नहीं कर सकते। वह चाहें जिस प्रकार इसकी जांच करा सकते हैं। जबकि आरएम अलीगढ़ मो. परवेज खान अभी भी बिना टिकट संख्या को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कहीं न कहीं गलती हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए।
प्रकरण के अनुसार प्रकरण के अनुसार शनिवार को एटा बस अड्डे से एक बस दिल्ली के लिए चली। इसमें खुर्जा व बुलंदशहर के बीच खुर्जा एआरएम उमेश आर्य ने बस को चेक किया था। जिसमें 45 यात्रियों की टिकट नहीं मिली थी। उन्होंने 45 डब्ल्यूटी कार्रवाई कर क्षेत्रीय प्रबंधक को रिपोर्ट भेजी। प्रारंभिक दृष्टया इस मामले में चालक-परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई। एटा के दो टीआई प्रवीन व ऋषि दीक्षित को निलंबित कर दिया गया था। जिन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी कासगंज और हाथरस मार्ग पर थी, जबकि अलीगढ़ मार्ग पर आरएम अलीगढ़ का स्क्वायड था।
फिर कैसे उनके ऊपर कार्रवाई की जा रही है, जबकि इस मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ आया है। क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद परवेज खान ने लखनऊ उच्चाधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दी और खुर्जा एआरएम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। क्षेत्रीय प्रबंधक मो. परवेज खान का कहना है कि संख्या गलत लिखी गई है। जबकि एआरएम खुर्जा उमेश आर्य ने कहा कि मौके पर 45 यात्री बिना टिकट मिले थे, जबकि बस में कुल 85 सवारियां थीं। लिखित कार्रवाई के बाद ड्राइवर ने खुद हस्ताक्षर किए थे। अगर क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़ को कोई शक है तो वह जांच करा सकते हैं। हमने बिल्कुल सही कार्रवाई की है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना टिकट यात्री अलीगढ़ रूट पर मिले थे। जिस रूट पर आरएम स्क्वायड की ड्यूटी थी। क्या उनके ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर एआरएम खुर्जा सही आंकड़ा बता रहे हैं तो आरएम अलीगढ़ उसे सही क्यों नहीं मान रहे हैं। फिलहाल उच्चाधिकारियों के दखल के बाद ही यह जांच आगे बढ़ेगी। तब तक के लिए मामला शांत हो गया है।
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प्रकरण के अनुसार प्रकरण के अनुसार शनिवार को एटा बस अड्डे से एक बस दिल्ली के लिए चली। इसमें खुर्जा व बुलंदशहर के बीच खुर्जा एआरएम उमेश आर्य ने बस को चेक किया था। जिसमें 45 यात्रियों की टिकट नहीं मिली थी। उन्होंने 45 डब्ल्यूटी कार्रवाई कर क्षेत्रीय प्रबंधक को रिपोर्ट भेजी। प्रारंभिक दृष्टया इस मामले में चालक-परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई। एटा के दो टीआई प्रवीन व ऋषि दीक्षित को निलंबित कर दिया गया था। जिन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी कासगंज और हाथरस मार्ग पर थी, जबकि अलीगढ़ मार्ग पर आरएम अलीगढ़ का स्क्वायड था।
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फिर कैसे उनके ऊपर कार्रवाई की जा रही है, जबकि इस मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ आया है। क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद परवेज खान ने लखनऊ उच्चाधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दी और खुर्जा एआरएम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। क्षेत्रीय प्रबंधक मो. परवेज खान का कहना है कि संख्या गलत लिखी गई है। जबकि एआरएम खुर्जा उमेश आर्य ने कहा कि मौके पर 45 यात्री बिना टिकट मिले थे, जबकि बस में कुल 85 सवारियां थीं। लिखित कार्रवाई के बाद ड्राइवर ने खुद हस्ताक्षर किए थे। अगर क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़ को कोई शक है तो वह जांच करा सकते हैं। हमने बिल्कुल सही कार्रवाई की है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना टिकट यात्री अलीगढ़ रूट पर मिले थे। जिस रूट पर आरएम स्क्वायड की ड्यूटी थी। क्या उनके ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर एआरएम खुर्जा सही आंकड़ा बता रहे हैं तो आरएम अलीगढ़ उसे सही क्यों नहीं मान रहे हैं। फिलहाल उच्चाधिकारियों के दखल के बाद ही यह जांच आगे बढ़ेगी। तब तक के लिए मामला शांत हो गया है।
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