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Aligarh News: बिजली बिलों में 10 फीसदी ईंधन अधिभार से गुस्सा
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : samvad
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने जून से बिजली के बिलों में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार वसूलने के फैसले के खिलाफ अलीगढ़ के व्यापारियों और उद्यमियों में गुस्सा है। इसके विरोध में व्यापारियों ने बैठक की और इस निर्णय वापस लेने की मांग की।
शांति सरोवर स्थित कैंप कार्यालय में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि उपभोक्ताओं पर पहले से ही फिक्स चार्ज के साथ आठ अन्य टैक्स थोपे गए हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त 10 फीसदी का करंट कमर तोड़ने वाला है। प्रदेश मंत्री दिनेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51000 करोड़ रुपया पहले से ही सरप्लस जमा है तो इस घाटे को उसी फंड से समायोजित क्यों नहीं किया जा रहा।
दूसरी ओर, सासनीगेट औद्योगिक वेलफेयर संस्थान के अध्यक्ष राजेश सरकोड़ा और महामंत्री कौशल गौड़ की अगुवाई में हुई बैठक में उद्यमियों ने कहा कि भीषण गर्मी और अघोषित कटौती के बीच यह टैक्स व्यापारिक उत्पीड़न है। इससे लघु और मध्यम उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ेगी। बैठक में नितिन अग्रवाल, अनुज उपाध्याय, मनोज काका, और तरुण गुप्ता आदि उद्यमी मौजूद रहे।
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शांति सरोवर स्थित कैंप कार्यालय में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि उपभोक्ताओं पर पहले से ही फिक्स चार्ज के साथ आठ अन्य टैक्स थोपे गए हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त 10 फीसदी का करंट कमर तोड़ने वाला है। प्रदेश मंत्री दिनेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51000 करोड़ रुपया पहले से ही सरप्लस जमा है तो इस घाटे को उसी फंड से समायोजित क्यों नहीं किया जा रहा।
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दूसरी ओर, सासनीगेट औद्योगिक वेलफेयर संस्थान के अध्यक्ष राजेश सरकोड़ा और महामंत्री कौशल गौड़ की अगुवाई में हुई बैठक में उद्यमियों ने कहा कि भीषण गर्मी और अघोषित कटौती के बीच यह टैक्स व्यापारिक उत्पीड़न है। इससे लघु और मध्यम उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ेगी। बैठक में नितिन अग्रवाल, अनुज उपाध्याय, मनोज काका, और तरुण गुप्ता आदि उद्यमी मौजूद रहे।
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