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एएमयू कभी अल्पसंख्यक संस्थान न था और न होेगा
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:12 AM IST
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अधिवेशन के दूसरे दिन एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप का मसला जोर-शोर से उठा। इस मौके पर वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि एएमयू न कभी अल्पसंख्यक संस्थान था और न ही होगा। जब बीएचयू केवल हिंदुओं की यूनिवर्सिटी नहीं है तो फिर एएमयू केवल मुस्लिमों की यूनिवर्सिटी कैसे हो सकती है?
शहर के रतनप्रेम डीएवी कन्या इंटर कॉलेज में चल रहे 56वें प्रांतीय अधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पांचजन्य के प्रधान संपादक हितेश शंकर थे। विशिष्ट अतिथि एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर व सांसद सतीश गौतम रहे। अन्य मंचासीन अतिथियों में आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक डॉ. हरीश, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रभास्कर राय, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा थे। मुख्य अतिथि हितेश शंकर ने कहा कि बड़े-बड़े फैसले लेने की क्षमता आज युवाओं के हाथ में है।
उन्होंने इस मौके पर स्थान, ज्ञान और बलिदान पर विशेष बल दिया। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने एएमयू का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एएमयू न तो अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय था और न ही होगा। जब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय केवल हिंदुओं के लिए नहीं हो सकता तो एएमयू केवल मुस्लिमों के लिए कै से हो सकता है? एएमयू में प्रवेश के लिए समान मापदंड होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि एबीवीपी ऐसा संगठन है, जोेकि अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता की बात कहता है। संगठन ने हमेशा छात्र हित का काम किया है और करता रहेगा। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि एबीवीपी ऐसा संगठन है, जिसने अपने एक जमीनी कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बना दिया। उन्होंने भी कहा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है बल्कि सेंट्रल पार्लियामेंट एक्ट के तहत बनाई गई यूनिवर्सिटी है।
इसके पहले आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश ने पर्यावरण को बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेदों में भी पर्यावरण संतुलन की बात कही गई है। इसलिए पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय, क्षेत्रीय सहसंगठन मंत्री रमेश गढ़िया, राकेश चतुर्वेदी, दीपक रिषी, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ अनूप शर्मा, संदीप चाणक्य, जिला संयोजक निखिल माहेश्वरी, धीरज चौधरी, पुष्पेंद्र जादौन, सीटू चौधरी, सुमित भारद्वाज, हरिओम गौड़, अखिलेश गौतम, मुकुल शर्मा आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस मौके पर राजीव अग्रवाल, डॉ. जयंत आदि ने बाहर से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया। उसके बाद खुले अधिवेशन में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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शहर के रतनप्रेम डीएवी कन्या इंटर कॉलेज में चल रहे 56वें प्रांतीय अधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पांचजन्य के प्रधान संपादक हितेश शंकर थे। विशिष्ट अतिथि एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर व सांसद सतीश गौतम रहे। अन्य मंचासीन अतिथियों में आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक डॉ. हरीश, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रभास्कर राय, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा थे। मुख्य अतिथि हितेश शंकर ने कहा कि बड़े-बड़े फैसले लेने की क्षमता आज युवाओं के हाथ में है।
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उन्होंने इस मौके पर स्थान, ज्ञान और बलिदान पर विशेष बल दिया। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने एएमयू का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एएमयू न तो अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय था और न ही होगा। जब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय केवल हिंदुओं के लिए नहीं हो सकता तो एएमयू केवल मुस्लिमों के लिए कै से हो सकता है? एएमयू में प्रवेश के लिए समान मापदंड होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि एबीवीपी ऐसा संगठन है, जोेकि अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता की बात कहता है। संगठन ने हमेशा छात्र हित का काम किया है और करता रहेगा। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि एबीवीपी ऐसा संगठन है, जिसने अपने एक जमीनी कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बना दिया। उन्होंने भी कहा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है बल्कि सेंट्रल पार्लियामेंट एक्ट के तहत बनाई गई यूनिवर्सिटी है।
इसके पहले आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश ने पर्यावरण को बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेदों में भी पर्यावरण संतुलन की बात कही गई है। इसलिए पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय, क्षेत्रीय सहसंगठन मंत्री रमेश गढ़िया, राकेश चतुर्वेदी, दीपक रिषी, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ अनूप शर्मा, संदीप चाणक्य, जिला संयोजक निखिल माहेश्वरी, धीरज चौधरी, पुष्पेंद्र जादौन, सीटू चौधरी, सुमित भारद्वाज, हरिओम गौड़, अखिलेश गौतम, मुकुल शर्मा आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस मौके पर राजीव अग्रवाल, डॉ. जयंत आदि ने बाहर से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया। उसके बाद खुले अधिवेशन में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।