{"_id":"586968aa4f1c1b425ceee387","slug":"amu-student-will-go-on-delhi-roads-nafees-fatima","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू के छात्र उतरेंगे दिल्ली की सड़कों पर : फातिमा नफीस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू के छात्र उतरेंगे दिल्ली की सड़कों पर : फातिमा नफीस
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 02 Jan 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
एएमयू के छात्र उतरेंगे दिल्ली की सड़कों पर : फातिमा नफीस
- फोटो : Dig Vishal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेएनयू से गायब हुए छात्र नजीब की मां फातिमा नफीस और उसका भाई मो. मुजीब रविवार को एएमयू पहुंचे। यहां पर उन्हाेंने आह्वान किया कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के छात्र दिल्ली की सड़कों पर उतरे और गायब नजीब की तलाश कराने में उनकी सहायता करें। इस पर छात्र संघ ने हर संभव मद्द का भरोसा दिलाया है।
फातिमा नफीस ने कहा है कि जब तक नजीब एएमयू में पढ़ा तब तक वह सुरक्षित था। एएमयू से जेएनयू पहुंचने पर ही उसके साथ अनहोनी हुई है। अब वह अपने बच्चों को एएमयू से आगे नहीं जाने देंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कई दिनों बाद डॉग स्क्वाइड भेजा था। अगर पहले ही भेजा होता तो नजीब के कमरे से उसकी तलाश हो सकती थी। यही नहीं शक के आधार पकड़े गए नौ लड़कों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सिवाय उनका हॉस्टल बदलने के अलावा। जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बोलीं कि पीएम मोदी और अमित शाह को छोड़कर वह राजनाथ सिंह तक से इस मामले में फरियाद कर चुकी हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली है।
दिल्ली के तत्कालीन उप राज्यपाल नजीब जंग ने तो ये कह दिया था कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि घुमा देने भर से काम हो जाएगा। बोलीं अब 23 जनवरी को होने वाले टेस्ट से शायद कुछ पता चले, जिसमें शक के आधार पर नौ लड़कों से पूछताछ होगी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनके नाम से एक चिट्ठी एएमयू में भेजी थी, जिसको केस की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने ले लिया है। उन्हें दिखाया तक नहीं गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
फातिमा नफीस ने कहा है कि जब तक नजीब एएमयू में पढ़ा तब तक वह सुरक्षित था। एएमयू से जेएनयू पहुंचने पर ही उसके साथ अनहोनी हुई है। अब वह अपने बच्चों को एएमयू से आगे नहीं जाने देंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कई दिनों बाद डॉग स्क्वाइड भेजा था। अगर पहले ही भेजा होता तो नजीब के कमरे से उसकी तलाश हो सकती थी। यही नहीं शक के आधार पकड़े गए नौ लड़कों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सिवाय उनका हॉस्टल बदलने के अलावा। जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बोलीं कि पीएम मोदी और अमित शाह को छोड़कर वह राजनाथ सिंह तक से इस मामले में फरियाद कर चुकी हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली है।
विज्ञापन
दिल्ली के तत्कालीन उप राज्यपाल नजीब जंग ने तो ये कह दिया था कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि घुमा देने भर से काम हो जाएगा। बोलीं अब 23 जनवरी को होने वाले टेस्ट से शायद कुछ पता चले, जिसमें शक के आधार पर नौ लड़कों से पूछताछ होगी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनके नाम से एक चिट्ठी एएमयू में भेजी थी, जिसको केस की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने ले लिया है। उन्हें दिखाया तक नहीं गया।
विज्ञापन