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एएमयू छात्र फराज का दिल्ली में इंतकाल
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:23 AM IST
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एएमयू छात्र फराज का दिल्ली में इंतकाल
- फोटो : Rupesh
एएमयू के सुलेमान हॉल में पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग के हवाले करने वाले बीटेक इलेक्ट्रानिक्स फाइनल ईयर के छात्र फराज मो. तारिक का उपचार के दौरान दिल्ली में इंतकाल हो गया। देर शाम छात्र का जनाजा आने के बाद धौर्रा में चीख-पुकार मच गई। मगरिब की नमाज के बाद फराज को यूनिवर्सिटी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
रविवार रात बीटेक छात्र फराज मो. तारिक ने एएमयू के सुलेमान हॉल में पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 80 प्रतिशत से अधिक जल चुके फराज को बेहतर उपचार के लिए देर रात दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया था, जहां सोमवार सुबह उसका इंतकाल हो गया। फराज के अब्बू मो. तारिक मसूद एवं अम्मी बहरीन में रहते हैं।
सूचना के बाद अम्मी एवं अब्बू परिवार समेत सोमवार को दिल्ली पहुंच गए और वहां से फराज के जनाजे को लेकर देर शाम धौर्रा स्थित रिश्तेदार के घर पहुंचे। मगरिब की नमाज के बाद फराज को यूनिवर्सिटी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम के अधिकारियों ने भी फराज के जनाजे को कंधा दिया।
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फराज मूलरूप से बिहार के सहरसा का निवासी था और सुलेमान हॉल में रहता था। उसके स्थानीय अभिभावक धौर्रा में रहते हैं। बीटेक फाइनल ईयर में बैकलॉग लगने के कारण फराज अवसाद में था। फराज के रिश्तेदार आफताब भाई ने बताया कि फराज से छोटा एक भाई व बहन हैं। उसके अब्बू एएमयू छात्र रह चुके है और वर्तमान में बहरीन में नौकरी करते हैं। उसके मामू देर रात तक पहुंचने वाले हैं। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि फराज को यूनिवर्सिटी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। एएमयू छात्रों में गम का माहौल है।
आखिर सुलेमान हॉल में कैसे पहुंचा फराज
फराज देर रात एएमयू के सुलेमान हॉल में कैसे पहुंचा, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। एएमयू में अभी ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है और तमाम हॉल बंद हैं। सिर्फ शोध छात्र-छात्राओं के लिए समर हॉस्टल बनाया गया है।
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रविवार रात बीटेक छात्र फराज मो. तारिक ने एएमयू के सुलेमान हॉल में पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 80 प्रतिशत से अधिक जल चुके फराज को बेहतर उपचार के लिए देर रात दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया था, जहां सोमवार सुबह उसका इंतकाल हो गया। फराज के अब्बू मो. तारिक मसूद एवं अम्मी बहरीन में रहते हैं।
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सूचना के बाद अम्मी एवं अब्बू परिवार समेत सोमवार को दिल्ली पहुंच गए और वहां से फराज के जनाजे को लेकर देर शाम धौर्रा स्थित रिश्तेदार के घर पहुंचे। मगरिब की नमाज के बाद फराज को यूनिवर्सिटी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम के अधिकारियों ने भी फराज के जनाजे को कंधा दिया।
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फराज मूलरूप से बिहार के सहरसा का निवासी था और सुलेमान हॉल में रहता था। उसके स्थानीय अभिभावक धौर्रा में रहते हैं। बीटेक फाइनल ईयर में बैकलॉग लगने के कारण फराज अवसाद में था। फराज के रिश्तेदार आफताब भाई ने बताया कि फराज से छोटा एक भाई व बहन हैं। उसके अब्बू एएमयू छात्र रह चुके है और वर्तमान में बहरीन में नौकरी करते हैं। उसके मामू देर रात तक पहुंचने वाले हैं। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि फराज को यूनिवर्सिटी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। एएमयू छात्रों में गम का माहौल है।
आखिर सुलेमान हॉल में कैसे पहुंचा फराज
फराज देर रात एएमयू के सुलेमान हॉल में कैसे पहुंचा, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। एएमयू में अभी ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है और तमाम हॉल बंद हैं। सिर्फ शोध छात्र-छात्राओं के लिए समर हॉस्टल बनाया गया है।