फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   AMU 'sanctuary' of chaotic and violent elements

Aligarh: एएमयू अराजक और हिंसक तत्वों का 'अभयारण्य', बनाने का जिम्मेदार कौन

Sat, 29 Jul 2023 06:18 PM IST
चमन शर्मा कुमार अतुल, अमर उजाला, अलीगढ़
कुमार अतुल, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 29 Jul 2023 06:18 PM IST
सार

एएमयू में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं, यहां तक कि कुछ तत्वों के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बातों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। शुतुरमर्गी रवैया अख्तियार करके एएमयू इंतजामिया अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता। तालीम के इस अजीम इदारे पर बदनुमा दाग लगाने वाली घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई न करने से कई सवाल उठने लगे हैं। 

विज्ञापन
AMU 'sanctuary' of chaotic and violent elements
एएमयू - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आज की पीढ़ी को शायद ही इस बात का इल्म हो कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का एएमयू से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ाव था। 29 अक्तूबर 1920 को महात्मा गांधी को एएमयू छात्रसंघ की मानद आजीवन सदस्यता दी गई थी। जिस विश्वविद्यालय ने अहिंसा के सबसे बड़े पैरोकार की तीन-तीन बार मेजबानी की हो, उसमें गुंडई और हिंसा की बार-बार घटनाएं हों तो यह इंतजामिया के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। सवाल यह भी है कि आखिर वे कौन लोग हैं जो एएमयू जैसे आलमी तालीमी इदारे को अराजक और हिंसक तत्वों का अभयारण्य बना रहे हैं।

विज्ञापन


एएमयू में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं, यहां तक कि कुछ तत्वों के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बातों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। शुतुरमर्गी रवैया अख्तियार करके एएमयू इंतजामिया अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता। तालीम के इस अजीम इदारे पर बदनुमा दाग लगाने वाली घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई न करने से कई सवाल उठने लगे हैं। 
विज्ञापन


एएमयू छात्र फैजान के खतरनाक आतंकी संगठन से संबंध होने पर देश की चोटी की जांच एंजेसी एनआईए ने एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार भी कर लिया। उससे कई संगीन खुलासे भी हो रहे हैं। इंतजामिया है कि आरोपी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठा है। विश्वविद्यालय जैसी स्वायत्त संस्था को किसका इंतजार है। कौन आदेश देगा, कौन कहेगा कि आप आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के आरोपी छात्र पर कार्रवाई करें। इसका मतलब साफ है कि इंतजामिया अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एएमयू में बाहरी लोग घुस कर उसे सुरक्षित शरण स्थली की तरह उपयोग कर रहे हैं । शायद इन अराजक और बाहरी लोगों से गंभीर छात्र भी परेशान हों, लेकिन इंतजामिया की पेशानी पर कोई बल नहीं है। आपका निगरानी तंत्र कितना लचर है, इसी बात से पता चलता है कि बाहरी लोग आते हैं। किसी को बंधक बनाकर विश्वविद्यालय परिसर में लाते हैं। बेल्ट से पीटते हैं। मानवीय गरिमा को तार-तार करते हुए जूते से नाक रगड़वाई जाती है। और आरोपी खरामा-खरामा आराम से चला जाता है। पीटने वाला शख्स मुस्लिम, पीड़ित युवक हिंदू। इंतजामिया का रवैया लचर है। ऐसे में इंतजामिया पर इस तालीम की नगरी को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का इल्जाम लगे तो अचरज की बात नहीं। ऐसे में बाहरी लोगों को भी अपनी मजहबी दुकान चलाने का पूरा मौका मिल रहा है। 

बृहस्पतिवार को दो समुदायों के छात्रों का आमने-सामने आना बेहद चिंता का विषय है। उन छात्रों को भी क्या कहिए जो सिर्फ मजहब के नाम पर हिंसक तत्वों की हिमायत में आ जाते हैं। साफ है कि एएमयू सुलग रहा है। इंतजामिया का ढीला रवैया जारी रहा तो माहौल बिगाड़ने में देरी नहीं लगेगी। 

एएमयू में अहिंसा के पुजारी बापू ने तीन बार (1916, 1920 और 1929 में) दौरा किया था। बापू के एएमयू में हिंसा और अराजकता न सिर्फ चिंताजनक है बल्कि शर्मनाक भी है। अगर एएमयू इंतजामिया हाथ पर हाथ धरे बैठा है तो स्थानीय पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह अपना निगरानी तंत्र मजबूत रखे और समय रहते कठोर कार्रवाई करे। समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए और स्थिति हाथ से निकलेगी तो फिर लकीर पीटने के अलावा कुछ नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed