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Cancer: 20 वर्ष के शोध में एएमयू डॉक्टरों ने खोजी ब्रेन कैंसर की नई दवा, चूहों पर शुरू होगा क्लीनिकल ट्रायल

Sun, 23 Mar 2025 10:47 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 23 Mar 2025 10:47 AM IST
सार

शोधकर्ताओं ने बताया कि उनका मकसद ऐसी दवा खोजना था, जो कीमोथैरेपी और टेमोजोलोमाइड से अधिक प्रभावी हो। काफी शोध और प्रयासों के बाद “एआरएसएच-क्यू” दवा खोजी गई, जिसने प्रारंभिक परीक्षणों में असाधारण परिणाम दिए हैं।

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AMU doctors discovered a new medicine for brain cancer
ब्रेन रिसर्च सेंटर में शोध दल डॉ. मुशीर अहमद, आरिफ अली, बसरी के साथ डॉ. मेहदी हयात शाही - फोटो : विवि

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के इंटरडिसिप्लीनरी ब्रेन रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने ब्रेन कैंसर की एक नई दवा खोज ली है। विवि में ब्रेन कैंसर के इलाज के लिए बनी दवा ‘एआरएसएच-क्यू’ को पेटेंट भी मिल गया है। वर्ष 2005 से विवि में इस पर शोध चल रहा है। अब चूहे पर क्लीनिकल ट्रायल होगा। इसके बाद मानव पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। शोध टीम का कहना है कि यह दवा दूसरी दवाओं से काफी प्रभावी होगी।

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ब्रेन कैंसर पर जारी शोध में सकारात्मक परिणाम आने पर शोध टीम के अगुआ डॉ. मेहंदी हयात शाही, सदस्य डॉ. मुशीर अहमद, आरिफ अली, मोहम्मद मुजम्मिल, बासरी और स्वालीह पी. के चेहरे खिल गए। यह दवा उन कैंसर मरीजों और लोगों के लिए संजीवनी साबित होने वाली है, जिनमें दोबारा ब्रेन कैंसर की संभावनाएं होती हैं। ब्रेन कैंसर से सर्वाधिक मौतें होती हैं। इस दवा की खोज अधिक प्रभावी उपचार विकल्पों के लिए आशा की किरण है।
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शोधकर्ताओं ने बताया कि उनका मकसद ऐसी दवा खोजना था, जो कीमोथैरेपी और टेमोजोलोमाइड से अधिक प्रभावी हो। काफी शोध और प्रयासों के बाद “एआरएसएच-क्यू” दवा खोजी गई, जिसने प्रारंभिक परीक्षणों में असाधारण परिणाम दिए हैं। “एआरएसएच-क्यू” ने ब्रेन कैंसर कोशिकाओं को रोकने में असाधारण क्षमता दिखाई है। खासतौर से उन स्टेम कोशिकाओं को जो रेडिएशन और कीमोथैरेपी के प्रति प्रतिरोधक होती हैं।
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अमेरिका से ब्रेन सेल मंगवाकर शुरू किया शोध
वर्ष 2005 से ब्रेन कैंसर की इस नई दवा पर शोध कर रहे हैं। अमेरिका से ब्रेन सेल (मानव ब्रेन नहीं) मंगवाकर उस पर परीक्षण शुरू किया गया था। सोनिक हेजहोग सेल सिग्नलिंग पाथवे पर कार्य किया है, जो ब्रेन कैंसर और अन्य घातक रोगों में स्टेम कोशिकाओं की भूमिका के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद “एआरएसएच-क्यू” दवा खोजी गई, जिसके प्रारंभिक परीक्षणों में अच्छे नतीजे आए हैं। अब चूहे पर क्लीनिकल ट्रायल होगा। उसके बाद मानव पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा।-डॉ. मेहंदी हयात शाही, शोधकर्ता, इंटरडिसिप्लीनरी ब्रेन रिसर्च सेंटर, एएमयू।

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