अमर उजाला-शारदा ग्रुप भविष्य ज्योति सम्मान: मेडल और सर्टिफिकेट पाकर मेधावियों के खिले चेहरे
अमर उजाला व शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति विद्यार्थी सम्मान- 2019 कार्यक्रम में मेडल, सर्टिफिकेट पाकर मेधावियों के चेहरे खिल गए। इन चुनिंदा मेधावियों को हजारों विद्यार्थियों में तलाश कर उन्हें सम्मानित किया गया है। मुख्य अतिथि मंडलायुक्त अजयदीप सिंह ने मेधावियों को प्रेरक उदाहरणों से प्रेरित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
रविवार को धर्म समाज महाविद्यालय के सभागार में सुबह नौ बजे से ही यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ पहुंच गए। इन मेधावियों को सर्टिफिकेट दिया गया। वहीं, अपने-अपने बोर्ड में उत्कृष्ट अंकों से पास होने वाले विद्यार्थियों को जब मंच पर सम्मानित करने के लिए बुलाया गया, तो वह खुशी से झूमे उठे। थाना बन्नादेवी की थानेदार अरुणा राय ने मेधावियों को मेडल पहनाया, जबकि मंडलायुक्त अजयदीप सिंह ने सर्टिफिकेट प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
हर विद्यार्थी के सम्मान पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता। सभागार की कुर्सियां मेधावियों से भरी रहीं। शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के डॉ. अतुल नारंग, अमन सचदेवा ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में जुट जाने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी कमजोरी व मजबूत पक्ष को पहचानें। उन्होंने कई प्रेरण उदाहरण भी दिए। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
नई प्रेरणा, ऊर्जा लेकर सभागार से निकलेंगे मेधावी: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त अजयदीप सिंह ने कहा कि, सर्वश्रेष्ठ अंकों से पास होने वाले मेधावियों को बधाई देते हैं और उनकी सराहना भी करते हैं। कहा, मुझे यकीन है कि मेधावी इस सभागार से एक नई प्रेरणा और ऊर्जा लेकर निकलेंगे। यही उनके जीवन में सफलता के मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ए यानि एम्बीशंस (महत्वकांक्षा) यह हर व्यक्ति में होनी चाहिए, लेकिन अति महत्वकांक्षा नहीं होनी चाहिए। ए यानि एटीट्यूड (रवैया) सकारात्मक होना चाहिए।
किसी में कमी में ढूंढने में अपनी ऊर्जा को न गंवाए। ए यानि अवेयरनेस (जागरूकता) बहुत जरूरी है। क्या कुछ नया हो रहा है, इसकी जानकारी रखें। बी यानि बॉडी (शरीर) को फिट रखें। शरीर को बीमारी से मुक्त रखें। बी यानि ब्रेथ (सांस) को मजबूत बनाएं। स्टेमिना बढ़ाएं। बी यानि बिहेवियर (व्यवहार) व्यवहार को अच्छा रखें। अहंकारी व्यवहार से बचें। बी यानि ब्रेन (दिमाग) को चैतन्य रखें, ताकि नए-नए विचारों का सृजन हो सके। सी यानि क्लियरटी (स्पष्टता) अपने लक्ष्य को निर्धारित करें। सी यानि कांफिडेंस (आत्म विश्वास) हो, लेकिन अति आत्म विश्वास न हो। अपने पर विश्वास बनाएं। सी यानि कमिटमेंट (वचनबद्धता) बहुत जरूरी है, जो ठान लिया हो, उसे करना चाहिए। मगर सब सकारात्मक होना चाहिए। सी यानि कंसिसटेंसी (निरंतरता) बनी रहनी चाहिए।
जिंदगी की रेस बिना जूते के जीते हैं : अरुणा
थाना बन्नादेवी की थानाध्यक्ष अरुणा राय ने कहा कि, उन्होंने अपनी जिंदगी की रेस महंगे और नामी कंपनियों के जूते के बगैर जीते हैं। विद्यार्थियों से कहा कि वह मेहनत करें और लक्ष्य बनाकर उसे पाने की कोशिश में जुट जाएं।
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