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अमर उजाला लाइवः किशनपुर चौराहे पर फुटपाथ पर कब्जा, लगता है जाम
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रामघाट रोड किशनपुर तिराहे पर लगा जाम।
- फोटो : CITY OFFICE
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शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली रामघाट रोड पर संत फिदेलिस स्कूल के सामने और किशनपुर चौराहे पर लगाई गई ट्रैफिक लाइटें जाम का कारण बन गई हैं। इस रोड के फुटपाथ पर कब्जा है। यह हाल तब है, जब पिछले सप्ताह ही इस मार्ग पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था।
सोमवार को अमर उजाला की टीम रामघाट रोड के किशनपुर चौराहे का हाल जानने पहुंची। इस चौराहा पर पिछले दिनों ही नगर निगम की ओर से ट्रैफिक लाइट लगाई गई है। चौराहे से एक रास्ता क्वार्सी चौराहा, दूसरा दुबे पड़ाव, तीसरा मैरिस रोड और चौथा किशनपुर की ओर जा रहा है। मगर, अधिकांश वाहन दुबे पड़ाव और क्वार्सी चौराहा जाने वाले रहते हैं। ऐसे में ये लाइटें स्थापित होने से पहले यातायात सुचारु रहता था। इन लाइटों के लगने के बाद लोगों को चौराहे पर रुकना पड़ता है। किशनपुर व मैरिस रोड की ओर जाने वाले कुछेक वाहनों को एक मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इधर, बत्ती जब हरी होती है तो वाहनों चालकों द्वारा जल्दी निकलने की हड़बड़ी में जाम लग जाता है। यही हाल संत फिदेलिस के सामने स्थित स्वर्ण जयंती नगर तिराहा का भी हो गया है। इस रोड के फुटपाथ पर कब्जा है। अस्पताल, मैरिज होम्स व शॉपिंग कांप्लेक्स सहित कई इमारतों के नक्शे में पार्किंग एरिया है। मगर, वह कागजों से जमीन पर नहीं उतरा है। लाइफ लाइन जाम से जूझती रहती है।
इस चौराहे पर ट्रैफिक लाइटें स्थापित करने का औचित्य समझ नहीं आया। पहले की अपेक्षा अब अधिक जाम लगता है। इस समस्या से जिला प्रशासन निजात दिलाने के लिए कोई कदम उठाए।
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- विवेक वर्मा, स्थानीय निवासी
रामघाट रोड को शहर की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसकी छवि अतिक्रमण ने धूमिल कर दी है। दर्जनों बार अभियान चलते हैं। मगर, नतीजा शून्य रहता है। जिन इमारतों में पार्किंग एरिया नहीं हैं। उनके मालिकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
. आदर्श शर्मा, स्थानीय निवासी
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सोमवार को अमर उजाला की टीम रामघाट रोड के किशनपुर चौराहे का हाल जानने पहुंची। इस चौराहा पर पिछले दिनों ही नगर निगम की ओर से ट्रैफिक लाइट लगाई गई है। चौराहे से एक रास्ता क्वार्सी चौराहा, दूसरा दुबे पड़ाव, तीसरा मैरिस रोड और चौथा किशनपुर की ओर जा रहा है। मगर, अधिकांश वाहन दुबे पड़ाव और क्वार्सी चौराहा जाने वाले रहते हैं। ऐसे में ये लाइटें स्थापित होने से पहले यातायात सुचारु रहता था। इन लाइटों के लगने के बाद लोगों को चौराहे पर रुकना पड़ता है। किशनपुर व मैरिस रोड की ओर जाने वाले कुछेक वाहनों को एक मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इधर, बत्ती जब हरी होती है तो वाहनों चालकों द्वारा जल्दी निकलने की हड़बड़ी में जाम लग जाता है। यही हाल संत फिदेलिस के सामने स्थित स्वर्ण जयंती नगर तिराहा का भी हो गया है। इस रोड के फुटपाथ पर कब्जा है। अस्पताल, मैरिज होम्स व शॉपिंग कांप्लेक्स सहित कई इमारतों के नक्शे में पार्किंग एरिया है। मगर, वह कागजों से जमीन पर नहीं उतरा है। लाइफ लाइन जाम से जूझती रहती है।
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इस चौराहे पर ट्रैफिक लाइटें स्थापित करने का औचित्य समझ नहीं आया। पहले की अपेक्षा अब अधिक जाम लगता है। इस समस्या से जिला प्रशासन निजात दिलाने के लिए कोई कदम उठाए।
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- विवेक वर्मा, स्थानीय निवासी
रामघाट रोड को शहर की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसकी छवि अतिक्रमण ने धूमिल कर दी है। दर्जनों बार अभियान चलते हैं। मगर, नतीजा शून्य रहता है। जिन इमारतों में पार्किंग एरिया नहीं हैं। उनके मालिकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
. आदर्श शर्मा, स्थानीय निवासी