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गरीबों को न्याय दिलाने वाली सोच रखें : न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कृष्णांजलि नाट्यशाला में प्रदेश अधिवक्ता सम्मेलन दीप जल?
- फोटो : CITY OFFICE
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कृष्णांजलि मंच पर शनिवार को आयोजित प्रदेश अधिवक्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने अधिवक्ताओं का आह्वान किया कि वह गरीबों को न्याय दिलाने वाली सोच रखें। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में कई ज्वलंत मुद्दे भी उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोक सेवा अधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति इफाकत अली खान, अपर जिला जज शाहिद रजा, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं वर्तमान सचिव शिव किशोर गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकारों ने देवी वंदना एवं सरस्वती गान की प्रस्तुति दी।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि अलीगढ़ से मेरा गहरा रिश्ता है, मैं यहां जिला जज रहा और यहां पर मेरी ननिहाल भी है। यहां अपना बचपन भी बिताया है। उन्होंने कहा, मैंने अपने जिला जज के कार्यकाल में दीवानी की बिल्डिंग को हेरिटेज बिल्डिंग घोषित कराया और हर महीने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति को आमंत्रित कर सेमिनारों का आयोजन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को न्याय मिल जाए, यह हमारी सोच होनी चाहिए, क्योंकि गरीब आदमी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा नहीं लड़ सकता है।
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उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति इफाकत अली खान ने कहा कि न बार अलग है न बेंच, हम एक दूसरे के पूरक हैं। अधिवक्ता और न्याय अधिकारी दोनों का समाज के प्रति दायित्व है। एडीजे प्रथम शाहिद रजा ने कहा कि अधिवक्ताओं एवं जनता की समस्याओं से हम परिचित हैं। शिव किशोर गौड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए तय किया है कि यदि किसी अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। 80 वर्ष की आयु सीमा की रोक को हटा दिया गया है।
बार अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष राम बाबू शर्मा, दुर्गेश चंद्र गौतम, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल कृष्ण जौहरी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव, आर के चौधरी, एटा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह चौहान, एल्डर कमेटी के चेयरमैन पीके सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सम्मेलन में न्यायिक अधिकारी नंद प्रताप आझा, महेशानंद झा, टीएन पासवान, स्वतंत्र प्रताप सिंह, अनुपम सिंह, दीपक कुमार मिश्रा, प्रतिभा चौधरी व सीजेएम करुणा सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
इससे पूर्व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों का सम्मान किया गया। इनमें केके तिवारी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, पूर्व अध्यक्ष गणेश कुमार शर्मा, राजकुमार यदुवंशी, शैलेंद्र कुमार सिंह, इस्लाम खान, सरफराज खान, बीनू गुप्ता, विजयपाल सिंह यादव, उदय वीर सिंह राणा, बृजेश कुमार, महेश, ललित गौतम, सरनाम सिंह, काजी प्रवेज अख्तर, उमेश पाठक, अजय पाठक, संजीव शर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रदर्शनी कार्यकारिणी सदस्य डॉ राकेश सक्सेना आदि शामिल थे। संचालन महासचिव संजय पाठक ने किया। संयोजक एवं पूर्व अध्यक्ष जगदीश सारस्वत ने सभी को धन्यवाद दिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोक सेवा अधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति इफाकत अली खान, अपर जिला जज शाहिद रजा, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं वर्तमान सचिव शिव किशोर गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकारों ने देवी वंदना एवं सरस्वती गान की प्रस्तुति दी।
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मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि अलीगढ़ से मेरा गहरा रिश्ता है, मैं यहां जिला जज रहा और यहां पर मेरी ननिहाल भी है। यहां अपना बचपन भी बिताया है। उन्होंने कहा, मैंने अपने जिला जज के कार्यकाल में दीवानी की बिल्डिंग को हेरिटेज बिल्डिंग घोषित कराया और हर महीने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति को आमंत्रित कर सेमिनारों का आयोजन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को न्याय मिल जाए, यह हमारी सोच होनी चाहिए, क्योंकि गरीब आदमी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा नहीं लड़ सकता है।
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उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति इफाकत अली खान ने कहा कि न बार अलग है न बेंच, हम एक दूसरे के पूरक हैं। अधिवक्ता और न्याय अधिकारी दोनों का समाज के प्रति दायित्व है। एडीजे प्रथम शाहिद रजा ने कहा कि अधिवक्ताओं एवं जनता की समस्याओं से हम परिचित हैं। शिव किशोर गौड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए तय किया है कि यदि किसी अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। 80 वर्ष की आयु सीमा की रोक को हटा दिया गया है।
बार अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष राम बाबू शर्मा, दुर्गेश चंद्र गौतम, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल कृष्ण जौहरी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव, आर के चौधरी, एटा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह चौहान, एल्डर कमेटी के चेयरमैन पीके सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सम्मेलन में न्यायिक अधिकारी नंद प्रताप आझा, महेशानंद झा, टीएन पासवान, स्वतंत्र प्रताप सिंह, अनुपम सिंह, दीपक कुमार मिश्रा, प्रतिभा चौधरी व सीजेएम करुणा सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
इससे पूर्व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों का सम्मान किया गया। इनमें केके तिवारी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, पूर्व अध्यक्ष गणेश कुमार शर्मा, राजकुमार यदुवंशी, शैलेंद्र कुमार सिंह, इस्लाम खान, सरफराज खान, बीनू गुप्ता, विजयपाल सिंह यादव, उदय वीर सिंह राणा, बृजेश कुमार, महेश, ललित गौतम, सरनाम सिंह, काजी प्रवेज अख्तर, उमेश पाठक, अजय पाठक, संजीव शर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रदर्शनी कार्यकारिणी सदस्य डॉ राकेश सक्सेना आदि शामिल थे। संचालन महासचिव संजय पाठक ने किया। संयोजक एवं पूर्व अध्यक्ष जगदीश सारस्वत ने सभी को धन्यवाद दिया।