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AMU: 20 करोड़ की अनियमितता का आरोप, प्रोफेसर ने कैग से की शिकायत, ऑडिट की मांग
Wed, 29 Oct 2025 10:36 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 29 Oct 2025 10:36 PM IST
सार
विवि के जानकारों का कहना है कि पोर्टल पर एनआरआई कोटे के तहत विद्यार्थियों को सेल्फ फाइनेंस और रेगुलर की फीस जमा करनी होती है। यूनिवर्सिटी ने पोर्टल की जांच की तो पता चला कि फीस नहीं जमा है, जबकि विद्यार्थियों कहना है कि फीस जमा कर दी है।
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एएमयू
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में 20 करोड़ रुपये की अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों का आरोप यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद सज्जाद ने लगाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उप महालेखाकार को शिकायत की है।
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आरोप है कि सेल्फ फाइनेंस स्कीम और एनआरआई कोटे के तहत कई विद्यार्थियों से फीस की वसूली नहीं की गई है। इसकी शिकायत शिक्षा मंत्रालय में हुई। इसके बाद इंतजामिया ने 23 अगस्त को कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी एक अन्य प्रोफेसर की चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। उन्हें 30 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी। शिकायतकर्ता प्रो. सज्जाद ने आरोप लगाया कि जांच समिति गठित होने के बावजूद अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। समिति में उन्हीं लोगों को शामिल किया गया है, जिन पर जांच होनी चाहिए।
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उन्हाेंने कुछ शिक्षकों को नियमों के विरुद्ध पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने और लंबे समय से एक ही व्यक्ति के प्रशासनिक पदों पर बने रहने पर भी सवाल उठाए हैं। जबकि उनकी नियमित नियुक्ति 2004 के बाद हुई थी। लंबे समय से कुछ अध्यापक प्रशासनिक पदों पर बने हुए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
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उधर, विवि के जानकारों का कहना है कि पोर्टल पर एनआरआई कोटे के तहत विद्यार्थियों को सेल्फ फाइनेंस और रेगुलर की फीस जमा करनी होती है। यूनिवर्सिटी ने पोर्टल की जांच की तो पता चला कि फीस नहीं जमा है, जबकि विद्यार्थियों कहना है कि फीस जमा कर दी है। इस संबंध में विवि के कुलसचिव प्रो. आसिम जफर ने बताया कि फीस के मामले में जांच चल रही है।