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अलीगढ़ : हमले में दंपती के सिर की हड्डियां टूटीं, 20 अधिक चोट के निशान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्वार्सी क्षेत्र के देवसैनी गांव में खूनी रंजिश में दंपती की मौत सिर में धारदार हथियार से गंभीर चोटें आने से हुई थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, दंपती के सिर में धारदार हथियार के अलावा किसी वजनी वस्तु से हमला किया गया था, जिससे दोनों के सिर में चोट के 20 से अधिक निशान थे और सिर की हड्डियां टूट चुकी थीं। अत्यधिक रक्त स्राव हो जाने के कारण दंपती की मौत हुई थी।
पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों के शव बरला क्षेत्र के पैतृक गांव रहमापुर ले जाया गया, जहां देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हुई बेटी डॉली की जेएन मेडिकल कॉलेज में हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में है।
गांव देवसैनी में तनाव के मद्देनजर पीएसी के जवान तैनात हैं। पुलिस ने सात आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि तीन टीमें फरार हमलावरों की तलाश में दविश दे रही हैं। सोमवार देर रात देवसैनी गांव में दो साल से चली आ रही रंजिश और नाली के विवाद में राज मिस्त्री ठेकेदार जोगेंद्र सिंह (50) और उनकी पत्नी सर्वेश देवी (45) की पीट-पीटकर व धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हमले में दंपती के बेटे सोनू, विशाल के अलावा बेटी डॉली गंभीर रूप से घायल हो गए। इनका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। संवाद
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गांव में पसरा रहा सन्नाटा
देवसैनी गांव में सोमवार रात खूनी रंजिश के बाद फोर्स तैैनात है और सन्नाटा पसरा है। इस सन्नाटे को गांव में सायरन बजाती घूम रहीं पुलिस की गाड़ियां तोड़ रही हैं। हमलावर व पीड़ित परिवारों के घरों पर ताले लटक रहे हैं। ग्रामीणों में घटना को लेकर चर्चाएं हैं। हालांकि, पड़ोसी घटनाक्रम को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। बस उनका यही कहना है कि रात में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज व विवाद जरूर हुआ था, लेकिन दंपती की हत्या और उनके तीनों बच्चों के घायल होने की जानकारी देररात में ही हो सकी थी। घटना के दौरान अचानक बिजली भी गुल हो गई थी। माना जा रहा है कि हमलावरों ने जानबूझकर बिजली गायब करा दी थी।
सूचना के एक घंटे बाद पहुंची थी पुलिस
ग्रामीणों की मानें तो मारपीट की सूचना पर इलाका पुलिस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची थी। यदि पुलिस समय पर पहुंच जाती तो दंपती का अत्यधिक खून न बहता और उन्हें समय पर उपचार मिल जाता, जिससे उनकी जान बच सकती थी।
गांव में अंतिम संस्कार
राज मिस्त्री ठेकेदार जोंगेंद्र सिंह का पैतृक गांव बरला क्षेत्र के रहमापुर में है। जोगेंद्र की मां और परिजनों के अलावा दूसरे नंबर का बेटा सोनू गांव में ही रहते हैं। परिजनों की मर्जी पर दंपती के शव को गांव लाया गया, जहां देर शाम पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दो दिन पहले छाई थीं खुशियां, अब घर में मातम
जोगेंद्र के दूसरे नंबर के बेटे सोनू का शनिवार को ही रिश्ता तय हुआ था। इससे घर में खुशी का माहौल था। लेकिन सिर्फ चार फुट की नाली और टूटी सड़क के विवाद में हुई हत्या के बाद घर में मातम पसर गया है। हमलावर व पीड़ित पक्ष आपस में दूर के रिश्तेदार भी हैं।
तीन आरोपियों को जेल भेजा, अन्य की तलाश जारी
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत के अनुसार, दंपती की हत्या के मामले में बड़े बेटे रवि की ओर से एवन सिंह, उसके बेटे विजय, भूपेंद्र, जितेंद्र, अजय, टीटू समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें से जितेंद्र और अजय को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि भूपेंद्र को मंगलवार को पकड़कर जेल भेजा गया है। फरार आरोपियों की तलाश को तीन टीमें जुटी हुई हैं। गांव में फोर्स तैनात है।
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क्वार्सी क्षेत्र के देवसैनी गांव में खूनी रंजिश में दंपती की मौत सिर में धारदार हथियार से गंभीर चोटें आने से हुई थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, दंपती के सिर में धारदार हथियार के अलावा किसी वजनी वस्तु से हमला किया गया था, जिससे दोनों के सिर में चोट के 20 से अधिक निशान थे और सिर की हड्डियां टूट चुकी थीं। अत्यधिक रक्त स्राव हो जाने के कारण दंपती की मौत हुई थी।
पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों के शव बरला क्षेत्र के पैतृक गांव रहमापुर ले जाया गया, जहां देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हुई बेटी डॉली की जेएन मेडिकल कॉलेज में हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में है।
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गांव देवसैनी में तनाव के मद्देनजर पीएसी के जवान तैनात हैं। पुलिस ने सात आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि तीन टीमें फरार हमलावरों की तलाश में दविश दे रही हैं। सोमवार देर रात देवसैनी गांव में दो साल से चली आ रही रंजिश और नाली के विवाद में राज मिस्त्री ठेकेदार जोगेंद्र सिंह (50) और उनकी पत्नी सर्वेश देवी (45) की पीट-पीटकर व धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हमले में दंपती के बेटे सोनू, विशाल के अलावा बेटी डॉली गंभीर रूप से घायल हो गए। इनका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। संवाद
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गांव में पसरा रहा सन्नाटा
देवसैनी गांव में सोमवार रात खूनी रंजिश के बाद फोर्स तैैनात है और सन्नाटा पसरा है। इस सन्नाटे को गांव में सायरन बजाती घूम रहीं पुलिस की गाड़ियां तोड़ रही हैं। हमलावर व पीड़ित परिवारों के घरों पर ताले लटक रहे हैं। ग्रामीणों में घटना को लेकर चर्चाएं हैं। हालांकि, पड़ोसी घटनाक्रम को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। बस उनका यही कहना है कि रात में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज व विवाद जरूर हुआ था, लेकिन दंपती की हत्या और उनके तीनों बच्चों के घायल होने की जानकारी देररात में ही हो सकी थी। घटना के दौरान अचानक बिजली भी गुल हो गई थी। माना जा रहा है कि हमलावरों ने जानबूझकर बिजली गायब करा दी थी।
सूचना के एक घंटे बाद पहुंची थी पुलिस
ग्रामीणों की मानें तो मारपीट की सूचना पर इलाका पुलिस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची थी। यदि पुलिस समय पर पहुंच जाती तो दंपती का अत्यधिक खून न बहता और उन्हें समय पर उपचार मिल जाता, जिससे उनकी जान बच सकती थी।
गांव में अंतिम संस्कार
राज मिस्त्री ठेकेदार जोंगेंद्र सिंह का पैतृक गांव बरला क्षेत्र के रहमापुर में है। जोगेंद्र की मां और परिजनों के अलावा दूसरे नंबर का बेटा सोनू गांव में ही रहते हैं। परिजनों की मर्जी पर दंपती के शव को गांव लाया गया, जहां देर शाम पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दो दिन पहले छाई थीं खुशियां, अब घर में मातम
जोगेंद्र के दूसरे नंबर के बेटे सोनू का शनिवार को ही रिश्ता तय हुआ था। इससे घर में खुशी का माहौल था। लेकिन सिर्फ चार फुट की नाली और टूटी सड़क के विवाद में हुई हत्या के बाद घर में मातम पसर गया है। हमलावर व पीड़ित पक्ष आपस में दूर के रिश्तेदार भी हैं।
तीन आरोपियों को जेल भेजा, अन्य की तलाश जारी
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत के अनुसार, दंपती की हत्या के मामले में बड़े बेटे रवि की ओर से एवन सिंह, उसके बेटे विजय, भूपेंद्र, जितेंद्र, अजय, टीटू समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें से जितेंद्र और अजय को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि भूपेंद्र को मंगलवार को पकड़कर जेल भेजा गया है। फरार आरोपियों की तलाश को तीन टीमें जुटी हुई हैं। गांव में फोर्स तैनात है।