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अलीगढ़ के कारोबारी सहित 1000 लोगों से 100 करोड़ की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़/नोएडा।
Updated Fri, 11 Dec 2015 01:17 AM IST
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यूपी एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) ने इंश्योरेंस के नाम पर अलीगढ़ के कारोबारी सहित 1000 लोगों से 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
यूपी एसटीएफ टीम के एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के नेतृत्व में दिल्ली के कृष्णा नगर में दो ठिकानों और नोएडा सेक्टर-4 में दो ठिकानों पर छापेमारी कर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर यहां से 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
खास बात है कि इस जालसाज नेटवर्क के खिलाफ सबसे पहला मुकदमा गांधीपार्क में जुलाई माह में कोर्टयार्ड कंपाउंड के कारोबारी ने दर्ज कराया था। इसी मुकदमे की जांच करते हुए बृहस्पतिवार को यह कार्रवाई हुई है।
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डॉ. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, गांधीपार्क के कोर्टयार्ड कंपाउंड कंपनी बाग निवासी निवासी शिवम मित्तल ने जुलाई 2015 में गांधी पार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनसे इंश्योरेंस के नाम पर पंकज मेहरा व उनके अज्ञात साथियों ने 54 लाख का फर्जीवाड़ा किया गया है। यह फर्जीवाड़ा 2014 से 2015 के बीच किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन शासन के निर्देश पर जांच के लिए यह मामला एसटीएफ को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने का धंधा दिल्ली और नोएडा से कॉल सेंटर के जरिये चल रहा है।
एक सूचना के आधार पर बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित गली नंबर-1, निरंकारी भवन वाली गली कृष्णा नगर और नोएडा स्थित सेक्टर-4 के ए-4 और ए-9 में छापेमारी की गई।
छापेमारी के बाद उक्त स्थानों से गिरोह की मास्टमाइंड पूजा मेहरा, उसके पति निखिल मेहरा, पार्टनर रवि मेहरा और संजय समेत 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, एक अन्य प्रमुख साथी रूपेश फरार होने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम रवाना कर दी गई है।
एएसपी का दावा है कि तीन माह से फर्जी कॉल सेंटर के जरिये 1000 से ज्यादा लोगों से 100 करोड़ की ठगी की गई है। फिलहाल 12 बैंक अकाउंट की डिटेल मिली है, जिसके आधार पर उनके अकाउंट सीज कर 20 करोड़ की ट्रांजक्शन की जानकारी मिली है।
आरोपी हर सप्ताह एक नया बैंक अकाउंट खोलते थे। सभी अकाउंट फर्जी तरीके से खोलकर रुपयों की ट्रांजक्शन की जाती थी। खास बात यह है कि इस गिरोह की 11 कंपनियां अलग-अलग नाम से स्थापित हैं, जिसे पूजा मेहरा मॉनिटर करती थी।
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यूपी एसटीएफ टीम के एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के नेतृत्व में दिल्ली के कृष्णा नगर में दो ठिकानों और नोएडा सेक्टर-4 में दो ठिकानों पर छापेमारी कर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर यहां से 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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खास बात है कि इस जालसाज नेटवर्क के खिलाफ सबसे पहला मुकदमा गांधीपार्क में जुलाई माह में कोर्टयार्ड कंपाउंड के कारोबारी ने दर्ज कराया था। इसी मुकदमे की जांच करते हुए बृहस्पतिवार को यह कार्रवाई हुई है।
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डॉ. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, गांधीपार्क के कोर्टयार्ड कंपाउंड कंपनी बाग निवासी निवासी शिवम मित्तल ने जुलाई 2015 में गांधी पार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनसे इंश्योरेंस के नाम पर पंकज मेहरा व उनके अज्ञात साथियों ने 54 लाख का फर्जीवाड़ा किया गया है। यह फर्जीवाड़ा 2014 से 2015 के बीच किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन शासन के निर्देश पर जांच के लिए यह मामला एसटीएफ को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने का धंधा दिल्ली और नोएडा से कॉल सेंटर के जरिये चल रहा है।
एक सूचना के आधार पर बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित गली नंबर-1, निरंकारी भवन वाली गली कृष्णा नगर और नोएडा स्थित सेक्टर-4 के ए-4 और ए-9 में छापेमारी की गई।
छापेमारी के बाद उक्त स्थानों से गिरोह की मास्टमाइंड पूजा मेहरा, उसके पति निखिल मेहरा, पार्टनर रवि मेहरा और संजय समेत 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, एक अन्य प्रमुख साथी रूपेश फरार होने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम रवाना कर दी गई है।
एएसपी का दावा है कि तीन माह से फर्जी कॉल सेंटर के जरिये 1000 से ज्यादा लोगों से 100 करोड़ की ठगी की गई है। फिलहाल 12 बैंक अकाउंट की डिटेल मिली है, जिसके आधार पर उनके अकाउंट सीज कर 20 करोड़ की ट्रांजक्शन की जानकारी मिली है।
आरोपी हर सप्ताह एक नया बैंक अकाउंट खोलते थे। सभी अकाउंट फर्जी तरीके से खोलकर रुपयों की ट्रांजक्शन की जाती थी। खास बात यह है कि इस गिरोह की 11 कंपनियां अलग-अलग नाम से स्थापित हैं, जिसे पूजा मेहरा मॉनिटर करती थी।