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अलीगढ़ : स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रासिंग गायब, लाइट देखने में भी दिक्कत

Sun, 20 Dec 2020 12:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 12:12 AM IST
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Aligarh: Stop line, zebra crossing missing, difficulty in seeing light
अलीगढ़ : एटा चुंगी चौराहे पर नही है कोई जेब्रा क्रॉसिंग। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
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अलीगढ़। स्मार्ट सिटी योजना के तहत बीस प्रमुख चौराहों पर इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) चालू है। सीट बेल्ट और हेलमेट नहीं लगाने पर हजारों वाहन स्वामियों के चालान कट चुके हैं। इन चौराहों पर लगे सेंसर युक्त कैमरे फोटो खींच कर वाहन स्वामी के पास ई चालान भेजने में सक्षम हैं। इसके लिए सेवा भवन में बने कंट्रोल रूम की व्यवस्था यातायात पुलिस को सौंप दी गई है।
इन आधुनिक व्यवस्थाओं के बीच चौराहों पर बायीं ओर मुड़ने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है। न ही अभी तक स्ट्रिपिंग का काम हुआ है। हरी व लाल बत्तियों को देखने के लिए वाहन चालकों को इधर-उधर झांकना पड़ता है, क्योंकि इन सभी लाइटों को ऐसे व्यवस्थित नहीं किया गया है कि चालक सीधे उनको देख सके। कई चौराहों पर इन लाइटों को जहां जगह मिली, वहां लगा दिया गया है।
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यायायात के नियमों के मुताबिक, चौराहों पर बिना रुके बायीं ओर मुड़ने, हरी व लाल बत्ती सामने की ओर दिखने, जेब्रा क्रासिंग, स्टॉप लाइन, बायीं ओर मुड़ने की सफेद संकेतक पट्टी होनी चाहिए। लेकिन अलीगढ़ में अभी तक ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं हुई है। यहां तक शहर के सबसे चौड़े चौराहों में शुमार सेंटर प्वाइंट और क्वार्सी चौराहे पर भी ऐसा इंतजाम नहीं किया गया है, जबकि यहां पर जगह की कोई कमी नहीं है। गत दिवस नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह से मिले शहर के प्रतिष्ठित लोगों ने ये सवाल उठाए तो वह भी सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि अभी तक जो हुआ, वो हुआ। अब वह सभी के सुझाव के साथ शहर का विकास कार्य आगे बढ़ाएंगे।
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सांसद व डीएम तक यातायात व्यवस्था पर उठा चुके हैं सवाल
प्रेम रंजन सिंह के बयान से ठीक उलट पूर्व नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया था कि अभी चौराहों की ज्यामितीय सही करने के लिए कुछ काम बाकी है, जिसे मार्च 2021 तक पूरा किया जाएगा। इसमें कई सड़कों का निर्माण भी शामिल है। दिसंबर 2018 में जब इन चौराहों पर स्मार्ट सिटी का काम शुरू करने के लिए तोड़फोड़ हुई थी, तब भी व्यापारियों को अपने सवाल के जवाब नहीं मिले थे। दो साल बाद करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी स्थिति कमोबेश वही है। सालाना करोड़ों रुपये का रोड टैक्स देने वाली जिले की जनता की इन समस्याओं की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सांसद सतीश गौतम, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह इस आधुनिक यातायात व्यवस्था पर सीधे सवाल उठा चुके हैं। आलम ये है कि मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने हाल ही में आईजी पुलिस पीयूष मोर्डिया को इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारियों के पास सटीक जवाब नहीं है।

- जनता से संवाद जारी है। उनके सुझाव को नोट करने के बाद उसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है। जहां भी सुधार की गुंजाइश है, वहां नियमानुसार व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
- प्रेम रंजन सिंह, नगर आयुक्त एवं सीईओ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट।
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