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अलीगढ़ की सड़कें... घर के बदले पहुंचा दें अस्पताल
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दोदपुर मार्ग की टूटी सड़क । अमर उजाला
- फोटो : CITY OFFICE
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एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के स्मार्ट सिटी की सड़कें ऐसी हैं कि घर के बदले अस्पताल पहुंचने का खतरा अधिक है। प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। मुख्य बाजार और गली-मोहल्लों की स्थिति और भी खराब है। महीनों पहले जलापूर्ति एवं सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़कें दुरुस्त नहीं की गई हैं।
शहर के प्रमुख रामघाट रोड पर एचडीएफसी बैंक के सामने मेन होल के गड्ढे में साइकिल सवार बाबा कॉलोनी धनीपुर निवासी पवन गिर गए। उनकी नजर बैंक की ओर थी और साइकिल गड्ढे में चली गई। संयोग अच्छा था कि कुछ नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि पीछे से तेजी से वाहन निकल रहे थे। एचडीएफसी बैंक से लेकर जनकपुरी मोड़ तक ही चार-पांच गड्ढे हैं, जो कभी अप्रिय घटना का कारण बन सकते हैं। रामघाट रोड पर पीएससी के पास की सड़क पर रोज हजारों लोग कष्ट झेलते हैं। मथुरा रोड पर महेश्वर इंटर कॉलेज से एटूजेड के बीच करीब 300 मीटर की सड़क पर एक-एक फुट गहरे गड्ढे हैं। महीनों से लोग गिर रहे हैं और धूल फांक रहे हैं, लेकिन किसी को चिंता नहीं है। आगरा रोड, जीटी रोड एवं अन्य प्रमुख सड़कों की भी स्थिति इससे जुदा नहीं है। जलापूर्ति एवं सीवर लाइन के लिए शहर के प्रत्येक क्षेत्र में खुदाई हुई। पाइप लाइन डालने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क को समतल नहीं किया गया। ऐसी ही सड़कों में अब्दुल करीम चौराहे से महावीरगंज, बारहद्वारी से देहलीगेट, रसलगंज, अब्दुल करीम चौराहे से कनवरीगंज आदि शामिल हैं, यहां पर शायद ही कोई दिन हो, जब इन सड़कों पर दुर्घटनाएं नहीं होती हों। स्मार्ट सिटी की खराब सड़कों से न सिर्फ चलने-फिरने बल्कि व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई क्षेत्र में तो लोग जाने से परहेज करने लगे हैं।
नगर निगम का दावा, 30 किमी में से 28 किमी सड़क को किया जा चुका है गड्ढा मुक्त
महानगर में नगर निगम, पीडब्लूडी और एनएचएआई आदि विभागों की सड़कें हैं। जलापूर्ति एवं सीवर लाइन का काम जल निगम के जिम्मे हैं। नगर निगम के अधिकारी सड़कों की बदहाली के लिए जल निगम पर ठीकरा फोड़ देते हैं। पाइप लाइन की खुदाई जल निगम द्वारा की जा रही है, इसलिए खोदी गई सड़क को पूर्व की तरह समतल करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। नगर आयुक्त गौरांग राठी का कहना है कि खराब सड़कों के लिए सिर्फ नगर निगम कैसे जिम्मेदार है। नगर निगम के अभियंता अशोक कुमार भाटी का कहना है कि नगर निगम द्वारा 30 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करना था। अब तक करीब 28 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। 31 अक्तूबर तक 30 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन का कहना है कि 15 अगस्त के पहले खोदी गई सड़कों को दुरुस्त कर दिया गया है। 15 अगस्त के बाद खोदी गई सड़कों को बनाने का काम चल रहा है। पंकज रंजन का कहना है कि खुदाई एक महीने की प्रक्रिया है। सात दिन में ही शिकायत आने लगती है।
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ये सड़कें हैं खराब
अब्दुल करीम चौराहा से बारहद्वारी, बारहद्वारी से देहली गेट, रसलगंज, सब्जी मंडी चौराहा से कनवरीगंज, सराय हरनारायण रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड, रामघाट रोड, जीटी रोड, निजामी पुलिया से नदीम तरीन चौराहे तक, मेडिकल रोड प्रिंट प्वाइंट चौराहे से अनवर हुदा कंपाउंड तक, धौर्रा माफी से जमालपुर मेन रोड आदि।
सड़क की खुदाई शुरू हुई तो बड़ी खुशी हुई थी। व्यापारियों एवं ग्राहकों को लाभ होगा। लेकिन हुआ उल्टा। महामारी के पहले अब्दुल करीम चौराहे से बारहद्वारी तक सड़क की खुदाई हुई थी। आज तक सड़क को समतल नहीं किया गया। रोज दुर्घटनाएं होती हैं। ग्राहक मुंह मोड़ रहे हैं।
- अमित कुमार, किराना व्यापारी, कनवरीगंज
कनवरीगंज में डेढ़ साल पहले खुदाई हुई थी। आज तक कुछ नहीं हुआ। पूरा कनवरीगंज तबाह हो गया है। रोज टिर्री पलटते हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं। दिन में कई बार जाम लगता है। कारोबार चौपट हो रहा है। जनता बहुत परेशान है। कही भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- सोमांक वार्ष्णेय, व्यापारी, कनवरीगंज
मेनहोल का ढक्कन नीचे धंस गया है। महीनों से ऐसा ही है। अपने स्तर से मिट्टी या गिट्टी आदि डाल देता हूं। कुछ समय बाद वह भी हट जाती है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। लोग चोटिल होते हैं। 400 मीटर में ऐसे चार-पांच प्वाइंट है, जिसे ठीक करना बहुत जरूरी है।
- राकेश, दुकानदार, रामघाट रोड
जीटी रोड एवं आगरा रोड के ज्वाइंट स्थल (गांधी पार्क) पर चार-महीने से मेन होल का ढक्कन धंस गया है। यह प्वाइंट तिराहे पर है। टर्निंग प्वाइंट होने की वजह से आगरा की तरफ से आने वाले वाहन अचानक इसमें चले जाते हैं। इस जगह कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
- पूरन सिंह, ऑटो चालक
रसलगंज क्षेत्र में काफी समय पहले खुदाई हुई थी। उसके बाद किसी ने सड़क को समतल नहीं किया। लॉकडाउन के समय कम लोग आते-जाते थे, इसलिए ध्यान नहीं गया। अब लोग निकल रहे हैं। टिर्री पलटने से लोग चोटिल होते हैं। जिला अस्पताल के गेट पर बुरा हाल है।
- तारिक, स्थानीय दुकानदार
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शहर के प्रमुख रामघाट रोड पर एचडीएफसी बैंक के सामने मेन होल के गड्ढे में साइकिल सवार बाबा कॉलोनी धनीपुर निवासी पवन गिर गए। उनकी नजर बैंक की ओर थी और साइकिल गड्ढे में चली गई। संयोग अच्छा था कि कुछ नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि पीछे से तेजी से वाहन निकल रहे थे। एचडीएफसी बैंक से लेकर जनकपुरी मोड़ तक ही चार-पांच गड्ढे हैं, जो कभी अप्रिय घटना का कारण बन सकते हैं। रामघाट रोड पर पीएससी के पास की सड़क पर रोज हजारों लोग कष्ट झेलते हैं। मथुरा रोड पर महेश्वर इंटर कॉलेज से एटूजेड के बीच करीब 300 मीटर की सड़क पर एक-एक फुट गहरे गड्ढे हैं। महीनों से लोग गिर रहे हैं और धूल फांक रहे हैं, लेकिन किसी को चिंता नहीं है। आगरा रोड, जीटी रोड एवं अन्य प्रमुख सड़कों की भी स्थिति इससे जुदा नहीं है। जलापूर्ति एवं सीवर लाइन के लिए शहर के प्रत्येक क्षेत्र में खुदाई हुई। पाइप लाइन डालने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क को समतल नहीं किया गया। ऐसी ही सड़कों में अब्दुल करीम चौराहे से महावीरगंज, बारहद्वारी से देहलीगेट, रसलगंज, अब्दुल करीम चौराहे से कनवरीगंज आदि शामिल हैं, यहां पर शायद ही कोई दिन हो, जब इन सड़कों पर दुर्घटनाएं नहीं होती हों। स्मार्ट सिटी की खराब सड़कों से न सिर्फ चलने-फिरने बल्कि व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई क्षेत्र में तो लोग जाने से परहेज करने लगे हैं।
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नगर निगम का दावा, 30 किमी में से 28 किमी सड़क को किया जा चुका है गड्ढा मुक्त
महानगर में नगर निगम, पीडब्लूडी और एनएचएआई आदि विभागों की सड़कें हैं। जलापूर्ति एवं सीवर लाइन का काम जल निगम के जिम्मे हैं। नगर निगम के अधिकारी सड़कों की बदहाली के लिए जल निगम पर ठीकरा फोड़ देते हैं। पाइप लाइन की खुदाई जल निगम द्वारा की जा रही है, इसलिए खोदी गई सड़क को पूर्व की तरह समतल करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। नगर आयुक्त गौरांग राठी का कहना है कि खराब सड़कों के लिए सिर्फ नगर निगम कैसे जिम्मेदार है। नगर निगम के अभियंता अशोक कुमार भाटी का कहना है कि नगर निगम द्वारा 30 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करना था। अब तक करीब 28 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। 31 अक्तूबर तक 30 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन का कहना है कि 15 अगस्त के पहले खोदी गई सड़कों को दुरुस्त कर दिया गया है। 15 अगस्त के बाद खोदी गई सड़कों को बनाने का काम चल रहा है। पंकज रंजन का कहना है कि खुदाई एक महीने की प्रक्रिया है। सात दिन में ही शिकायत आने लगती है।
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ये सड़कें हैं खराब
अब्दुल करीम चौराहा से बारहद्वारी, बारहद्वारी से देहली गेट, रसलगंज, सब्जी मंडी चौराहा से कनवरीगंज, सराय हरनारायण रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड, रामघाट रोड, जीटी रोड, निजामी पुलिया से नदीम तरीन चौराहे तक, मेडिकल रोड प्रिंट प्वाइंट चौराहे से अनवर हुदा कंपाउंड तक, धौर्रा माफी से जमालपुर मेन रोड आदि।
सड़क की खुदाई शुरू हुई तो बड़ी खुशी हुई थी। व्यापारियों एवं ग्राहकों को लाभ होगा। लेकिन हुआ उल्टा। महामारी के पहले अब्दुल करीम चौराहे से बारहद्वारी तक सड़क की खुदाई हुई थी। आज तक सड़क को समतल नहीं किया गया। रोज दुर्घटनाएं होती हैं। ग्राहक मुंह मोड़ रहे हैं।
- अमित कुमार, किराना व्यापारी, कनवरीगंज
कनवरीगंज में डेढ़ साल पहले खुदाई हुई थी। आज तक कुछ नहीं हुआ। पूरा कनवरीगंज तबाह हो गया है। रोज टिर्री पलटते हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं। दिन में कई बार जाम लगता है। कारोबार चौपट हो रहा है। जनता बहुत परेशान है। कही भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- सोमांक वार्ष्णेय, व्यापारी, कनवरीगंज
मेनहोल का ढक्कन नीचे धंस गया है। महीनों से ऐसा ही है। अपने स्तर से मिट्टी या गिट्टी आदि डाल देता हूं। कुछ समय बाद वह भी हट जाती है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। लोग चोटिल होते हैं। 400 मीटर में ऐसे चार-पांच प्वाइंट है, जिसे ठीक करना बहुत जरूरी है।
- राकेश, दुकानदार, रामघाट रोड
जीटी रोड एवं आगरा रोड के ज्वाइंट स्थल (गांधी पार्क) पर चार-महीने से मेन होल का ढक्कन धंस गया है। यह प्वाइंट तिराहे पर है। टर्निंग प्वाइंट होने की वजह से आगरा की तरफ से आने वाले वाहन अचानक इसमें चले जाते हैं। इस जगह कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
- पूरन सिंह, ऑटो चालक
रसलगंज क्षेत्र में काफी समय पहले खुदाई हुई थी। उसके बाद किसी ने सड़क को समतल नहीं किया। लॉकडाउन के समय कम लोग आते-जाते थे, इसलिए ध्यान नहीं गया। अब लोग निकल रहे हैं। टिर्री पलटने से लोग चोटिल होते हैं। जिला अस्पताल के गेट पर बुरा हाल है।
- तारिक, स्थानीय दुकानदार

रावण टीला मार्ग में टूटी सड़क । अमर उजाला- फोटो : CITY OFFICE