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अलीगढ़ के दंगों का मांगा इनपुट: पलायन वाले इलाकों का तैयार होगा रिकार्ड, ढूंढी जाएंगी वजह

Thu, 19 Dec 2024 12:28 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 19 Dec 2024 12:28 PM IST
सार

अलीगढ़ में हुए दंगो का इतिहास खंगाला जा रहा है। इन दंगों में कुछ इलाकों से लोग पलायन कर गए, जिसके बाद वहां के मंदिर वीरान हो गए। धीरे-धीरे उन पर कब्जे हो गए। 

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Aligarh riots and exodus
पथराव प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संभल की घनी मुस्लिम आबादी में मंदिर मिलने के बाद से प्रदेशभर में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। ये ऐसे इलाके रहे हैं जो पिछले दशकों में सांप्रदायिक दंगों से प्रभावित रहे हैं और हिंदू आबादी इन इलाकों से पलायन कर गई, जिसके बाद मंदिर वीरान हो गए। धीरे-धीरे उन पर कब्जे शुरू हो गए। अलीगढ़ में सांप्रदायिक दंगों का लंबा इतिहास रहा है। यहां कई महीने तक लगातार कर्फयू भी लगा है। दंगों में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। शासन स्तर से अलीगढ़ के दंगों का इनपुट मांगा गया है, जिससे उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके।

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आजादी के बाद से अब तक के कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अलीगढ़ ने सांप्रदायिक दंगे देखे हैं। अलीगढ़ में चुनावों में हार-जीत को भी सांप्रदायिक नजरिए से ही देखा जाता है। अयोध्या का राम मंदिर आंदोलन और गोधरा कांड देश की बड़े मामले थे, जिनके बाद अलीगढ़ दंगों की आग में जला है। इसके अलावा त्योहारों पर भी दो समुदायों के बीच भिड़ंत की तमाम घटनाएं हुई हैं। 
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1971, 1980, 1990, 1992, 2003, 2006 में हुए दंगों को याद कर आज भी लोग सहम जाते हैं। हालांकि बाद में भी कई बार सांप्रदायिक झड़पें हुई हैं। कनवरी गंज, बनिया पाड़ा, महावीर गंज, मानिक चौक, सुरेंद्र नगर, जयगंज आदि इलाकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो जीवनभर दंगों के मुकदमे झेले हैं। इस स्थिति में कई इलाकों से हिंदू पलायन कर चुके हैं। यह मामला कई बार मीडिया में सुर्खियों में आया है।

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अलीगढ़ संवेदनशील शहरों की सूची में शामिल रहता है। दंगों का यहां लंबा इतिहास रहा है। शासन स्तर पर इसकी जानकारी रहती है, लेकिन जब-जब स्थानीय स्तर से इनपुट मांगा जाता है तो जानकारी दी जाती है।- प्रभाकर चौधरी, डीआईजी


अलीगढ़ में हुए प्रमुख दंगे

  • 1971 : लोकसभा चुनाव के दौरान अलीगढ़ में दंगा भड़का था। बताते हैं कि आजादी के बाद यह पहला बड़ा दंगा था, जिसमें कफ्र्यू लगाया गया था। मतदान की तिथि आगे बढ़ा दी थी।
  • 1980: रेलवे रोड की दही वाली गली में दंगा भड़का था, जो लंबे समय तक चला। दंगों का यह दौर अलीगढ़ ने 1982 तक देखा। इस दौरान कई बार कर्फ्यू लगा।
  • 1990 : राम मंदिर आंदोलन के बाद देशभर में हलचल शुरू हुई तो प्रदेशभर में दंगे भड़के थे। इसी दौरान अलीगढ़ में दंगा भड़का और कर्फ्यू भी लगाया गया।
  • 1991: राम मंदिर आंदोलन के दौरान शहर में दंगा भड़का था। एक महीने तक कर्फ्यू लगाया गया था। इसके बाद 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने के दौरान एहतियातन कर्फ्यू लगाया गया।
  • 2003 : खैर रोड स्थित रोरावर इलाके में कब्रिस्तान से श्मशानघाट जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद शहर में दंगा हुआ, जिसमें एक महीने के लिए कर्फ्यू लगा था।
  • 2006 : रेलवे रोड क्षेत्र की दही वाली गली में मंदिर पर झंडी लगाने को लेकर हुए विवाद में दंगा हुआ था। कई बार दंगा भड़का, सबसे ज्यादा 100 दिन तक कर्फ्यू लगा।
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