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अलीगढ़ : दूरी का हवाला देकर स्कूल में प्रवेश देने से किया मना
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए लगातार कवायद की जा रही है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय नंबर-63 पीएसी में तीन बच्चों को प्रवेश देने से इसलिए मना कर दिया गया कि बच्चों का घर स्कूल से एक किलोमीटर दूर है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में बीएसए के हस्तक्षेप से इन बच्चों को प्रवेश मिल गया।
बुधवार को 38वीं वाहिनी पीएसी परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अभिभावक अपने तीन बच्चों को प्रवेश दिलाने पहुंचे, लेकिन प्रधानाध्यापिका ने बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया। अभिभावक ने इसकी जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रांत मंत्री (ब्रज प्रांत) बलदेव चौधरी सीटू को दी। स्कूल पहुंचकर बलदेव चौधरी ने वजह पूछी तो प्रधानाध्यापिका सविता रानी अग्रवाल भड़क गईं। दोनों में बहसबाजी भी हुई।
बाद में प्रधानाध्यापिका ने कहा कि इन बच्चों का घर विद्यालय से एक किलोमीटर दूर है, इसलिए प्रवेश नहीं दे सकती। अभी तीन बच्चे लाएं, फिर 10 बच्चे लाएंगे तो उन्हें प्रवेश कैसे देंगे। इस संबंध में बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह की बात प्रधानाध्यापिका को नहीं कहनी चाहिए। साथ ही, दूर के बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश दिया जा सकता है। न देने का कोई नियम नहीं है। इस मामले में प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए लगातार कवायद की जा रही है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय नंबर-63 पीएसी में तीन बच्चों को प्रवेश देने से इसलिए मना कर दिया गया कि बच्चों का घर स्कूल से एक किलोमीटर दूर है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में बीएसए के हस्तक्षेप से इन बच्चों को प्रवेश मिल गया।
बुधवार को 38वीं वाहिनी पीएसी परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अभिभावक अपने तीन बच्चों को प्रवेश दिलाने पहुंचे, लेकिन प्रधानाध्यापिका ने बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया। अभिभावक ने इसकी जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रांत मंत्री (ब्रज प्रांत) बलदेव चौधरी सीटू को दी। स्कूल पहुंचकर बलदेव चौधरी ने वजह पूछी तो प्रधानाध्यापिका सविता रानी अग्रवाल भड़क गईं। दोनों में बहसबाजी भी हुई।
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बाद में प्रधानाध्यापिका ने कहा कि इन बच्चों का घर विद्यालय से एक किलोमीटर दूर है, इसलिए प्रवेश नहीं दे सकती। अभी तीन बच्चे लाएं, फिर 10 बच्चे लाएंगे तो उन्हें प्रवेश कैसे देंगे। इस संबंध में बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह की बात प्रधानाध्यापिका को नहीं कहनी चाहिए। साथ ही, दूर के बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश दिया जा सकता है। न देने का कोई नियम नहीं है। इस मामले में प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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