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पांच साल बाद बिना बाईपास के पूरा होगा अलीगढ़ पलवल हाईवे
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आशीष निगम
किसी भी शहर या जिले का विकास उसके आधारभूत ढांचे से आंका जाता है। वहां कितना विकास है, इसकी रफ्तार कितनी तेज है। इसमें सड़कों का सर्वाधिक महत्व है। जिले में हाईवे का निर्माण लगातार हो रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त है। आलम ये है कि पांच साल में 67.5 किमी लंबे अलीगढ़ पलवल हाईवे को पूरा नहीं किया जा सका है। अभी तक इस हाईवे के खैर और जट्टारी बाईपास का निर्माण अधर में है। उस पर भी हद तो ये है कि अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि ये दोनों बाईपास कौन सा विभाग बनवाएगा..? सिस्टम की इतनी सुस्ती उस रोड पर है, जिस पर अलीगढ़ का आगे का विकास टिका है।
खैर में दस किमी लंबा और जट्टारी में 5.50 किमी लंबा बाईपास बनना प्रस्तावित है। इसके लिए शासन ने बीती 22 अक्तूबर 2020 पूरे हाईवे को पीडब्ल्यूडी से लेकर एनएचआई को हस्तांतरित करने की पेशकश में कर दी थी। जवाब में एलएचआई के अधिकारियों ने कहा कि हाईवे का निर्माण कार्य अनुबंध के अनुसार पूरा किया जाए। बाईपास बनवाए जाएं। एक वर्ष तक निर्माण करने वाली फर्म ही इसकी देखरेख करे। उसके बाद ही वह इस हाईवे को अपनी देखरेख में लेंगे। इन शर्तों के साथ एनएचआई ने 28 नंवबर 2020 को इस प्रस्ताव को शासन को वापस कर दिया।
तब से अभी तक इस बाबत कोई फैसला नहीं हुआ है। फैसला नहीं होने के कारण हाईवे की सार्थकता के लिए सर्वाधिक आवश्यक दो बाईपास नहीं बन पा रहे हैं। फिलहाल हाईवे पर नादा पुल और सोफा नहर पर पुल बनाने का काम जारी है। ये पुल इसी महीने में पूरे होने की उम्मीद है। जुलाई में इस हाईवे को बिना बाईपास के ही पूरा कर लिया जाएगा। यही विकास की असल रफ्तार है, जिसमें महज 67.5 किमी लंबे हाईवे को पूरा करने में पांच साल का वक्त लग गया। इस बीच दूसरी सरकार का भी कार्यकाल संपन्न होने को आ रहा है।
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शासन स्तर से फैसला होते ही खैर और जट्टारी बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि इसके बारे में जल्द ही कोई ठोस निर्णय हो जाएगा। दोनों बाईपास की संभावित लागत 210 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल बाईपास को छोड़ दें तो हाईवे का काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा।
-एके शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नोडल आफिस
अलीगढ़-पलवल हाईवे का महत्व
1-सारसौल चौराहे से 47 किमी दूर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1334 हेक्टेयर में शुरू हो चुका है।
2-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वर्ष 2020 में दुनिया के 100 रणनीतिक ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
3-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मैन्युफैक्चरिंग इलेक्ट्रानिक जोन एमईजेड नाम से इलेक्ट्रानिक सिटी बनाई जाएगी। इसमें देश-विदेश की कंपनियां टीवी, मोबाइल, एलईडी सहित अन्य उपकरण बनाएंगी।
4-सारसौल चौराहे से 125 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 32-33 में लगभग 50 एकड़ जमीन में 600 करोड़ की लागत से टाय सिटी बसने जा रही है। ये एशिया में पहला और विश्व में दूसरा खिलौने बनाने का बड़ा प्रोजेक्ट है।
5-सारसौल चौराहे से 128 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 21 और 22 में फिल्म सिटी बनाने का फैसला हो चुका है। ये 100 एकड़ में बनाई जाएगी।
6-सारसौल चौराहे से 10 किमी दूर लोधा के पास गांव ल्हौसरा में लगभग 39 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर बसने जा रहा है।
7-सारसौल चौराहे से 13 किमी दूर यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अंडला में लगभग 52.77 हेक्टेयर में बसेगा। जमीन स्थानांतरण शुरू।
8-सारसौल चौराहे से 11 किमी दूर स्व. राजा महेंद्र प्रताप राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय लोधा में बनना प्रस्तावित है। इसको लेकर जमीन की तलाश पूरी हुई। 100 करोड़ से शुरू होगा काम।
9-अलीगढ़ महायोजना में नई बसावट के वास्ते इस हाईवे का विशेष महत्व रखा जा रहा है। जिससे नई बसावट को पहले से ही आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण को देखते हुए काम किया जाए।
वर्तमान स्थिति
वर्ष 2016 में 552.28 करोड़ रुपये का फोरलेन प्रोजेक्ट मंजूर हुआ
हाईवे की लंबाई 67.5 किमी और चौड़ाई दोनों तरफ लगभग 8.75 मीटर
हाईवे के बीच एक ग्रीन बेल्ट बन रही है, अभी तक कहीं भी टोल नहीं
वर्ष 2021 जुलाई में काम पूरा होगा, लेकिन खैर जट्टारी हाईवे नहीं बने
खैर और जट्टारी बाईपास निर्माण के लिए 180 करोड़ रुपये की जरूरत है
दो बाईपास के लिए ही इस रोड को एनएचआई को देने की पेशकश है
एचएचआई ने रुचि नहीं दिखाई और शासन ने पैसा नहीं दिया तो काम रुका
नादा पुल और सोफा नहर पर काम जारी है, इसको जल्द पूरा किया जाएगा
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किसी भी शहर या जिले का विकास उसके आधारभूत ढांचे से आंका जाता है। वहां कितना विकास है, इसकी रफ्तार कितनी तेज है। इसमें सड़कों का सर्वाधिक महत्व है। जिले में हाईवे का निर्माण लगातार हो रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त है। आलम ये है कि पांच साल में 67.5 किमी लंबे अलीगढ़ पलवल हाईवे को पूरा नहीं किया जा सका है। अभी तक इस हाईवे के खैर और जट्टारी बाईपास का निर्माण अधर में है। उस पर भी हद तो ये है कि अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि ये दोनों बाईपास कौन सा विभाग बनवाएगा..? सिस्टम की इतनी सुस्ती उस रोड पर है, जिस पर अलीगढ़ का आगे का विकास टिका है।
खैर में दस किमी लंबा और जट्टारी में 5.50 किमी लंबा बाईपास बनना प्रस्तावित है। इसके लिए शासन ने बीती 22 अक्तूबर 2020 पूरे हाईवे को पीडब्ल्यूडी से लेकर एनएचआई को हस्तांतरित करने की पेशकश में कर दी थी। जवाब में एलएचआई के अधिकारियों ने कहा कि हाईवे का निर्माण कार्य अनुबंध के अनुसार पूरा किया जाए। बाईपास बनवाए जाएं। एक वर्ष तक निर्माण करने वाली फर्म ही इसकी देखरेख करे। उसके बाद ही वह इस हाईवे को अपनी देखरेख में लेंगे। इन शर्तों के साथ एनएचआई ने 28 नंवबर 2020 को इस प्रस्ताव को शासन को वापस कर दिया।
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तब से अभी तक इस बाबत कोई फैसला नहीं हुआ है। फैसला नहीं होने के कारण हाईवे की सार्थकता के लिए सर्वाधिक आवश्यक दो बाईपास नहीं बन पा रहे हैं। फिलहाल हाईवे पर नादा पुल और सोफा नहर पर पुल बनाने का काम जारी है। ये पुल इसी महीने में पूरे होने की उम्मीद है। जुलाई में इस हाईवे को बिना बाईपास के ही पूरा कर लिया जाएगा। यही विकास की असल रफ्तार है, जिसमें महज 67.5 किमी लंबे हाईवे को पूरा करने में पांच साल का वक्त लग गया। इस बीच दूसरी सरकार का भी कार्यकाल संपन्न होने को आ रहा है।
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शासन स्तर से फैसला होते ही खैर और जट्टारी बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि इसके बारे में जल्द ही कोई ठोस निर्णय हो जाएगा। दोनों बाईपास की संभावित लागत 210 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल बाईपास को छोड़ दें तो हाईवे का काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा।
-एके शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नोडल आफिस
अलीगढ़-पलवल हाईवे का महत्व
1-सारसौल चौराहे से 47 किमी दूर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1334 हेक्टेयर में शुरू हो चुका है।
2-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वर्ष 2020 में दुनिया के 100 रणनीतिक ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
3-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मैन्युफैक्चरिंग इलेक्ट्रानिक जोन एमईजेड नाम से इलेक्ट्रानिक सिटी बनाई जाएगी। इसमें देश-विदेश की कंपनियां टीवी, मोबाइल, एलईडी सहित अन्य उपकरण बनाएंगी।
4-सारसौल चौराहे से 125 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 32-33 में लगभग 50 एकड़ जमीन में 600 करोड़ की लागत से टाय सिटी बसने जा रही है। ये एशिया में पहला और विश्व में दूसरा खिलौने बनाने का बड़ा प्रोजेक्ट है।
5-सारसौल चौराहे से 128 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 21 और 22 में फिल्म सिटी बनाने का फैसला हो चुका है। ये 100 एकड़ में बनाई जाएगी।
6-सारसौल चौराहे से 10 किमी दूर लोधा के पास गांव ल्हौसरा में लगभग 39 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर बसने जा रहा है।
7-सारसौल चौराहे से 13 किमी दूर यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अंडला में लगभग 52.77 हेक्टेयर में बसेगा। जमीन स्थानांतरण शुरू।
8-सारसौल चौराहे से 11 किमी दूर स्व. राजा महेंद्र प्रताप राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय लोधा में बनना प्रस्तावित है। इसको लेकर जमीन की तलाश पूरी हुई। 100 करोड़ से शुरू होगा काम।
9-अलीगढ़ महायोजना में नई बसावट के वास्ते इस हाईवे का विशेष महत्व रखा जा रहा है। जिससे नई बसावट को पहले से ही आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण को देखते हुए काम किया जाए।
वर्तमान स्थिति
वर्ष 2016 में 552.28 करोड़ रुपये का फोरलेन प्रोजेक्ट मंजूर हुआ
हाईवे की लंबाई 67.5 किमी और चौड़ाई दोनों तरफ लगभग 8.75 मीटर
हाईवे के बीच एक ग्रीन बेल्ट बन रही है, अभी तक कहीं भी टोल नहीं
वर्ष 2021 जुलाई में काम पूरा होगा, लेकिन खैर जट्टारी हाईवे नहीं बने
खैर और जट्टारी बाईपास निर्माण के लिए 180 करोड़ रुपये की जरूरत है
दो बाईपास के लिए ही इस रोड को एनएचआई को देने की पेशकश है
एचएचआई ने रुचि नहीं दिखाई और शासन ने पैसा नहीं दिया तो काम रुका
नादा पुल और सोफा नहर पर काम जारी है, इसको जल्द पूरा किया जाएगा