{"_id":"60bc8ea98ebc3eb5fd358603","slug":"aligarh-noorpur-hindu-families-migration-update-sadhvi-prachi-supposed-to-visit","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदू परिवार पलायन मामला: नूरपुर पहुंच सकती हैं साध्वी प्राची, गांव के सभी रास्ते सील, भारी फोर्स तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदू परिवार पलायन मामला: नूरपुर पहुंच सकती हैं साध्वी प्राची, गांव के सभी रास्ते सील, भारी फोर्स तैनात
Sun, 06 Jun 2021 02:30 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 06 Jun 2021 02:30 PM IST
सार
बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों के पलायन की खबर के कारण अलीगढ़ का नूरपुर गांव चर्चा में है। उम्मीद है कि साध्वी प्राची आज वहां पहुंच सकती हैं। इसे लेकर गांव में भारी फोर्स की तैनाती की गई है।
विज्ञापन
नूरपुर लोगों ने लगाए मकान बिकाऊ है के पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ के नूरपुर गांव में हिंदू परिवारों के पलायन की खबर सामने आने के बाद रविवार को साध्वी प्राची के वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस सूचना को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। एसडीएम व सीओ खैर की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पुलिसबल के साथ पीएसी तैनात है। पुलिस ने गांव नूरपुर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया है और बाहरी लोगों के गांव के अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि अलीगढ़ जनपद के टप्पल थाना क्षेत्र में गांव नूरपुर निवासी हिंदू समाज के निवासियों ने 30 मई को दरवाजों पर 'मकान बिकाऊ है' लिखकर और पलायन की धमकी देकर जिले में हलचल मचा दी थी। आरोप है कि दो दिन पहले गांव में आई एक बरात को चढ़ने से समुदाय विशेष के लोगों ने रोका था। झगड़ा व मारपीट की थी। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
विज्ञापन
नूरपुर गांव में मुस्लिम समाज की करीब 800 और हिंदू अनुसूचित जाति (जाटव समाज की) आबादी करीब 125 परिवारों की है। गांव के ओमप्रकाश के अनुसार दो दिन पहले उनकी दो बेटियों की बरात आई थी। वकील पुत्र अल्लाराजी के भड़काने पर समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने बरात चढ़त से रोकी और मारपीट की थी।
विज्ञापन
एक गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया था। 25 अप्रैल और 9 मई को भी अनुसूचित जाति के परिवारों में आई बरात चढ़त के दौरान इसी तरह झगड़ा, मारपीट की गई थी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस आंख बंद कर रही। न्याय नहीं मिलता तो वह घरों को बेचकर गांव से पलायन कर जाएंगे।
दूसरे पक्ष के वकील पुत्र अल्लाराजी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया था कि नमाज के समय बैंडबाजा और डीजे बजाते हुए लोग मस्जिद के चबूतरे पर चढ़े। मना करने पर ओमप्रकाश आदि ने झगड़ा व मारपीट की।