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अलीगढ़ः जाट समाज की नब्ज पर रखा हाथ, इशारों-इशारों में यूपी चुनाव का ‘आगाज’
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सम्बोधित करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
- फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों-इशारों में यूपी का चुनावी बिगुल फूंक दिया। यह कार्य दिग्गज जाट नेता व स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर विश्वविद्यालय की सौगात देकर की। चौ.चरण सिंह व सर छोटू राम के इतिहास का स्मरण कर उन्होंने पश्चिमी यूपी के जाट समाज को साधने की कोशिश की है। साथ में छोटे किसानों की नब्ज पर हाथ रखा। सरकार द्वारा छोटे किसानों को दी जा रही योजनाओं का गुणगान कर किसान आंदोलन का प्रभाव कम करने की भी कोशिश की। अंत में उन्होंने एक ही संदेश दिया कि किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। अब यूपी देश के विकास के नेतृत्व की ओर अग्रसर है। इस तरह यूपी चुनाव की घोषणा से ऐन पहले भाजपा की इस रैली काट खोजने में विपक्षी खेमा जुट गया है और सियासी हानि-लाभ पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटे थे। किसानों ने यहां से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था। ऐसे में पश्चिमी यूपी के जाट वर्चस्व वाले इलाके की इस किसान महापंचायत और किसान आंदोलन की धार को कम करने के लिए पीएम का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। जाट समाज के बीच राजा महेंद्र प्रताप सिंह का काफी सम्मान है। सियासी जानकार मान रहे हैं कि उनके नाम पर यूनिवर्सिटी खोले जाने को वे स्वाभिमान से जोड़ेंगे। पश्चिमी यूपी के आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर मंडलों में जाट समाज का अच्छा खासा दबदबा है। ऐसे में आने वाले यूपी चुनाव में इस सौगात के जरिये सीधा लाभ लेने का पूरा प्रयास भाजपा करेगी।
अलीगढ़ और राजा के साथ चरण सिंह व छोटूराम से ऐसे जुड़े मोदी
राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर विश्वविद्यालय के शिलान्यास के बाद संबोधन की शुरुआत ब्रज में राधा अष्टमी के महत्व से की। इस दौरान राजा महेंद्र प्रताप के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए अलीगढ़ से यह कहकर जुड़े कि उन्होंने वृंदावन के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को जमीन दी। मगर उन्हें सम्मान नहीं मिला। इसी बीच उन्होंने हरियाणा के दिग्गज जाट नेता सर छोटूराम का जिक्र किया। उन्होंने चौ.चरण सिंह द्वारा बताए गए एमएसपी से छोटे किसानों को मिल रहे लाभ का जिक्र किया और कहा कि हम चरण सिंह का अनुसरण कर रहे हैं। इसलिए किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है और करते रहेंगे। इस तरह उन्होंने चरण सिंह का नाम लेकर रालोद व किसान आंदोलन को लेकर हमला किया।
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जाट युवाओं को साधने की कोशिश
युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा। इस टैग लाइन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन से नाराज युवाओं और जाट समाज को मनाने के लिए यूनिवर्सिटी और डिफेंस कॉरिडोर की सौगात दी। इससे केवल यूपी ही नहीं बल्कि हरियाणा और राजस्थान के जाट समुदायों को भी साधा जा सकेगा।
कल्याण और सुहेलदेव को याद कर खेला पिछड़ा कार्ड
मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही अलीगढ़ की धरती के लाल कल्याण सिंह से की। कहा कि अगर आज वे होते तो बहुत खुश होते। इसी बीच उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी सुहेलदेव का जिक्र किया। इस तरह उन्होंने यूपी के बहुसंख्यक पिछड़ों को साधने का भी अपनी इस रैली में पूरा प्रयास किया।
अलीगढ़ के ताले और सेल्समैन से अलीगढ़ वालों से जुड़े
पीएम ने अलीगढ़ वालों से जुड़ने का पूरा प्रयास किया। इस दौरान उन्होेंने अलीगढ़ के ताले का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक यहां के ताले से हमारे घर व दुकानों की रक्षा होती थी। अब यहां के रक्षा उत्पाद देश की सरहद की रक्षा करेंगे। इस दौरान उन्होंने अलीगढ़ के एक मुस्लिम सेल्समैन से पिता की दोस्ती का जिक्र कर मुस्लिमों पर भी डोरे डाले।
हिंदुत्व कार्ड भी बन सकता है नया विश्वविद्यालय
अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के बाद अब अलीगढ़ में दूसरा राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर खोलकर इसे भाजपा आने वाले चुनाव में जाटों के साथ-साथ हिंदुत्व कार्ड के रूप में भी प्रयोग कर सकती है। राजनीतिक जानकार व विपक्षी इन्हीं मुद्दों पर इस आयोजन, पीएम के संबोधन व रैली की समीक्षा में जुटे हैं।
राजा के नारे के साथ दिया संबोधन को विराम
बृज में राधाष्टमी के महत्व। कल्याण सिंह को याद कर। राजा महेंद्र प्रताप के इतिहास को सुनाकर। अलीगढ़ में शिक्षा व विकास की बयार का जिक्र कर। मोदी चरण सिंह, छोटे किसान, पश्चिमी यूपी में पलायन आदि से होते हुए लोगों से किसी के बहकावे में न आने की अपील करते हुए अंत में राजा के नारे लगवाकर रुके।
ये खास इशारे--
-जाटों की नाराजगी दूर करने के मकसद से राजा महेंद्र प्रताप के साथ-साथ चरण सिंह, सर छोटू राम का इतिहास भी याद किया
--ये आंकड़े किए पेश--
- देश का 80 फीसदी छोटा किसान है, जिस पर दो हेक्टेयर तक जमीन है
- देश में एक लाख करोड़ छोटे किसानों को केंद्र ने मदद के रूप में दिए हैं
- यूपी में 25 हजार करोड़ रुपये इन छोटे किसानों को मदद के रूप में दिए
- 1.40 हजार करोड़ रुपये गन्ना किसानों का यूपी में किया गया भुगतान
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों-इशारों में यूपी का चुनावी बिगुल फूंक दिया। यह कार्य दिग्गज जाट नेता व स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर विश्वविद्यालय की सौगात देकर की। चौ.चरण सिंह व सर छोटू राम के इतिहास का स्मरण कर उन्होंने पश्चिमी यूपी के जाट समाज को साधने की कोशिश की है। साथ में छोटे किसानों की नब्ज पर हाथ रखा। सरकार द्वारा छोटे किसानों को दी जा रही योजनाओं का गुणगान कर किसान आंदोलन का प्रभाव कम करने की भी कोशिश की। अंत में उन्होंने एक ही संदेश दिया कि किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। अब यूपी देश के विकास के नेतृत्व की ओर अग्रसर है। इस तरह यूपी चुनाव की घोषणा से ऐन पहले भाजपा की इस रैली काट खोजने में विपक्षी खेमा जुट गया है और सियासी हानि-लाभ पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटे थे। किसानों ने यहां से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था। ऐसे में पश्चिमी यूपी के जाट वर्चस्व वाले इलाके की इस किसान महापंचायत और किसान आंदोलन की धार को कम करने के लिए पीएम का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। जाट समाज के बीच राजा महेंद्र प्रताप सिंह का काफी सम्मान है। सियासी जानकार मान रहे हैं कि उनके नाम पर यूनिवर्सिटी खोले जाने को वे स्वाभिमान से जोड़ेंगे। पश्चिमी यूपी के आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर मंडलों में जाट समाज का अच्छा खासा दबदबा है। ऐसे में आने वाले यूपी चुनाव में इस सौगात के जरिये सीधा लाभ लेने का पूरा प्रयास भाजपा करेगी।
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अलीगढ़ और राजा के साथ चरण सिंह व छोटूराम से ऐसे जुड़े मोदी
राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर विश्वविद्यालय के शिलान्यास के बाद संबोधन की शुरुआत ब्रज में राधा अष्टमी के महत्व से की। इस दौरान राजा महेंद्र प्रताप के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए अलीगढ़ से यह कहकर जुड़े कि उन्होंने वृंदावन के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को जमीन दी। मगर उन्हें सम्मान नहीं मिला। इसी बीच उन्होंने हरियाणा के दिग्गज जाट नेता सर छोटूराम का जिक्र किया। उन्होंने चौ.चरण सिंह द्वारा बताए गए एमएसपी से छोटे किसानों को मिल रहे लाभ का जिक्र किया और कहा कि हम चरण सिंह का अनुसरण कर रहे हैं। इसलिए किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है और करते रहेंगे। इस तरह उन्होंने चरण सिंह का नाम लेकर रालोद व किसान आंदोलन को लेकर हमला किया।
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जाट युवाओं को साधने की कोशिश
युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा। इस टैग लाइन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन से नाराज युवाओं और जाट समाज को मनाने के लिए यूनिवर्सिटी और डिफेंस कॉरिडोर की सौगात दी। इससे केवल यूपी ही नहीं बल्कि हरियाणा और राजस्थान के जाट समुदायों को भी साधा जा सकेगा।
कल्याण और सुहेलदेव को याद कर खेला पिछड़ा कार्ड
मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही अलीगढ़ की धरती के लाल कल्याण सिंह से की। कहा कि अगर आज वे होते तो बहुत खुश होते। इसी बीच उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी सुहेलदेव का जिक्र किया। इस तरह उन्होंने यूपी के बहुसंख्यक पिछड़ों को साधने का भी अपनी इस रैली में पूरा प्रयास किया।
अलीगढ़ के ताले और सेल्समैन से अलीगढ़ वालों से जुड़े
पीएम ने अलीगढ़ वालों से जुड़ने का पूरा प्रयास किया। इस दौरान उन्होेंने अलीगढ़ के ताले का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक यहां के ताले से हमारे घर व दुकानों की रक्षा होती थी। अब यहां के रक्षा उत्पाद देश की सरहद की रक्षा करेंगे। इस दौरान उन्होंने अलीगढ़ के एक मुस्लिम सेल्समैन से पिता की दोस्ती का जिक्र कर मुस्लिमों पर भी डोरे डाले।
हिंदुत्व कार्ड भी बन सकता है नया विश्वविद्यालय
अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के बाद अब अलीगढ़ में दूसरा राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर खोलकर इसे भाजपा आने वाले चुनाव में जाटों के साथ-साथ हिंदुत्व कार्ड के रूप में भी प्रयोग कर सकती है। राजनीतिक जानकार व विपक्षी इन्हीं मुद्दों पर इस आयोजन, पीएम के संबोधन व रैली की समीक्षा में जुटे हैं।
राजा के नारे के साथ दिया संबोधन को विराम
बृज में राधाष्टमी के महत्व। कल्याण सिंह को याद कर। राजा महेंद्र प्रताप के इतिहास को सुनाकर। अलीगढ़ में शिक्षा व विकास की बयार का जिक्र कर। मोदी चरण सिंह, छोटे किसान, पश्चिमी यूपी में पलायन आदि से होते हुए लोगों से किसी के बहकावे में न आने की अपील करते हुए अंत में राजा के नारे लगवाकर रुके।
ये खास इशारे--
-जाटों की नाराजगी दूर करने के मकसद से राजा महेंद्र प्रताप के साथ-साथ चरण सिंह, सर छोटू राम का इतिहास भी याद किया
--ये आंकड़े किए पेश--
- देश का 80 फीसदी छोटा किसान है, जिस पर दो हेक्टेयर तक जमीन है
- देश में एक लाख करोड़ छोटे किसानों को केंद्र ने मदद के रूप में दिए हैं
- यूपी में 25 हजार करोड़ रुपये इन छोटे किसानों को मदद के रूप में दिए
- 1.40 हजार करोड़ रुपये गन्ना किसानों का यूपी में किया गया भुगतान