फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Fight in KK nursing home, doctors on strike

केके नर्सिंग होम में डॉक्टर-तीमारदारों में मारपीट, डॉक्टर हड़ताल पर

Sat, 27 Feb 2021 01:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2021 01:47 AM IST
विज्ञापन
Fight  in KK nursing home, doctors on strike
केके हॉस्पीटल में हुई मारपीट के बाद क्वार्सी थाने में पहुंचे डॉक्टर व भाजपा नेता। - फोटो : अमर उजाला
महानगर के रामघाट रोड स्थित केके नर्सिंग होम में शुक्रवार शाम रुपयों के विवाद में डॉक्टर व नर्सिंग होम स्टाफ संग तीमारदारों ने मारपीट कर दी। इस दौरान नर्सिंग होम स्टाफ पर भी मारपीट का आरोप लगा है। खबर पर पहुंची पुलिस के सामने झगड़ा हो रहा था। यह देख पुलिस डॉक्टर सहित दोनों पक्षों को पकड़कर थाने ले गई। बस डॉक्टर के पकड़े जाने की खबर ने तूल पकड़ लिया और काफी संख्या में डॉक्टर एकत्रित होकर थाने पहुंच गए।
विज्ञापन


जहां देर रात तक चली गहमागहमी के बाद डॉक्टर की ओर से तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तीमारदार पक्ष के चार लोग हिरासत में हैं। वहीं, डॉक्टर को थाने ले जाते समय मारपीट के आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और होमगार्ड को हटा दिया गया है। घटना के विरोध में व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर डॉक्टरों ने हड़ताल का एलान कर दिया है।
विज्ञापन


खैर के गांव करसुआ निवासी शिक्षिका रजनी पत्नी नरेन्द्र तोमर को प्रसव पीड़ा पर 20 फरवरी को केके नर्सिंग होम में भरती कराया गया। यहां 21 फरवरी को प्रसव के दौरान महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया। नर्सिंग होम प्रबंधन के अनुसार शुक्रवार दोपहर छुट्टी के प्रपत्र तैयार करते समय काउंटर स्टाफ ने नरेंद्र तोमर से 15 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। इस पर नरेंद्र बिफर गया और उसने रुपये देने का विरोध किया। पहले तो काउंटर स्टाफ व नरेंद्र तोमर के बीच नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि नरेंद्र पक्ष ने हाथापाई-मारपीट तक कर दी। हंगामा होते देख केके हॉस्पिटल संचालक पुत्र डॉ. सागर वहां आ गए और उनके सुरक्षा कर्मी भी साथ थे। उनसे भी नरेंद्र पक्ष उलझने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी बीच सूचना पर इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल मय पुलिस बल के मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस के सामने भी अस्पताल डॉक्टर/स्टाफ व तीमारदारों के बीच मारपीट हो रही थी। यह देख इंस्पेक्टर बीचबचाव में आए तो उनका चश्मा तक टूटकर गिर गया। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को अलग किया और मौके से डॉक्टर सागर वार्ष्णेय सहित सात लोगों को पकड़कर थाने ले गए। थाने पहुंचकर पता लगा कि इनमें डॉक्टर सागर हैं तो उन्हें छोड़ दिया गया।

मगर, तब तक काफी संख्या में शहर के डॉक्टर एकत्रित होकर थाने पहुंच गए। सीओ तृतीय भी मौके पर आ गए। दोनों ओर से कार्रवाई को लेकर सियासी दबाव चला। देर रात मामले में डॉक्टर सागर की तहरीर पर नरेंद्र तोमर पक्ष के चार नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, डॉक्टर सागर की उंगली तोड़ने व अस्पताल सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।

इधर, विवाद को देखे हुए कई थानों का फोर्स भी वहां तैनात था। प्रसव के लिए 35 हजार रुपया देना तय हुआ था। इसके बाद डेढ़ लाख रुपये की दवाएं खर्च हो गईं और प्रसव होने तक 65 हजार रुपये जमा करा लिए गए। शुक्रवार दोपहर छुट्टी के दौरान फिर काउंटर स्टाफ ने 35 हजार रुपये मांगे। इस पर एतराज जताया तो हमारे साथ मारपीट की गई और बाउंसर ने पिस्टल तानकर गोली मारने तक की धमकी दी। - नरेंद्र तोमर, तीमारदार

केके नर्सिंग होम में लेनदेन को लेकर तीमारदार व अस्पताल स्टाफ में मारपीट हुई थी। डॉक्टर पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिन पुलिसकर्मियों पर डॉ. सागर संग मारपीट का आरोप है, उनकी जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी और कार्रवाई होगी। दूसरे पक्ष ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। - अनिल समानिया, सीओ तृतीय

डॉक्टर को पीटते हुए ले गए पुलिसकर्मी, हुई कार्रवाई
केके नर्सिंग होम में हुए घटनाक्रम के दौरान डाक्टर केके वार्ष्णेय के पुत्र डॉ. सागर वार्ष्णेय को कुछ सिपाही पीटते हुए गाड़ी में बैठाते वीडियो में कैद हो गए। वीडियो वायरल होने के बाद शहर के चिकित्सकों का गुस्सा भड़क उठा। तमाम चिकित्सक मरीजों को छोड़कर थाने पहुंच गए और कार्रवाई होने तक हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया।

सांसद सतीश गौतम ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई और दोषी सिपाहियों को निलंबित कर जिले से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करूंगा। इस मामले में वीडियो फुटेज के आधार पर सिपाही गौरव को निलंबित कर दिया है और होमगार्ड सुरेश कुमार को हटाते हुए कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

केके नर्सिंग होम के कर्मियों एवं तीमारदारों के बीच मारपीट का मामला गरमा गया है। मारपीट की घटना में डॉ. सागर की अंगुली की हड्डी टूटी है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता का कहना है कि प्रतिष्ठित चिकित्सक को पुलिसकर्मी मारते हुए ले जा रहे हैं। वीडियो देखकर डॉक्टरी करने का मन नहीं करता है। सांसद सतीश गौतम कहते हैं कि यह पुलिस की बर्बरता की पराकाष्ठा है। दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दूसरे जनपद में भेजा जाए, अन्यथा मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करूंगा।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता ने बताया कि फिलहाल डॉक्टरों ने घटना के विरोध में और पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल का एलान कर दिया है। शनिवार सुबह में बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार मामले में सिपाही को निलंबित किया गया है। होमगार्ड को हटाकर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को लिखा गया है। बाकी मामले की जांच जारी है।

पुलिसकर्मी हमारे चिकित्सक पुत्र को थप्पड़ मारते एवं घसीटते हुए ले गए। उसका कुछ दोष नहीं था। उसके हाथ की हड्डी टूट गई है। तीमारदार 15 हजार रुपये नहीं दे रहे थे। जमा पैसा भी मांग रहे थे। एफआईआर के बाद तीन तीमारदारों को गिरफ्तार किया गया है।
-डॉ. केके वार्ष्णेय, डायरेक्टर, केके नर्सिंग होम

पुलिस के बर्बर व्यवहार से चिकित्सकों में नाराजगी है। फिलहाल शहर भर के चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया है। सुबह 10 बजे आईएमए की बैठक होगी, उसमें आगे का निर्णय लिया जाएगा। तीमारदारों के खिलाफ एफआईआई दर्ज हो रही है। पुलिस वाले खेद व्यक्त कर रहे ह्रैं।

- डॉ. भरत वार्ष्णेय, सचिव, आईएमए

शहर के सम्मानित डॉक्टर के साथ अमानवीय व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉ. सागर प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी है। अस्पताल में गंभीर मरीज का जीवन बचाया। पैसे के चक्कर में तीमारदारों ने हमला कर दिया।
डॉ. संजीव गर्ग, अध्यक्ष, प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन

 डॉ. सागर वार्ष्णेय खींचकर ले जाती पुलिस।

डॉ. सागर वार्ष्णेय खींचकर ले जाती पुलिस।- फोटो : CITY OFFICE

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed