{"_id":"5f6f9b1f8ebc3e1a2257104e","slug":"aligarh-news-city-office-news-ali244812269","type":"story","status":"publish","title_hn":"आमजन के वाहनों का चालान, अधिकारियों पर हो रहे मेहरबान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आमजन के वाहनों का चालान, अधिकारियों पर हो रहे मेहरबान
विज्ञापन
एसपी क्राइम की गाड़ी
- फोटो : CITY OFFICE
राहुल दक्ष
यातायात पुलिस से लेकर परिवहन विभाग तक आमजन के वाहनों के चालान काटने में दनादन लगा हुआ है। इसको लेकर कई बार पुलिस-जनता और जनप्रतिनिधियों का आपस में टकराव भी हो चुका है। थानों के सामने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी से लेकर मामला गाली-गलौज तक पहुंच चुका है। यह गुस्सा यूं ही नहीं है। यातायात नियम तोड़ने पर जनता पर भारी-भरकम जुर्माना लाद दिया जाता है। पर, अपने ही अधिकारियों पर मेहरबानी दिखाई जाती है। जिला प्रशासन से लेकर पुलिस विभाग तक के अधिकारियों के वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं है। यह हाल तब है जब सरकारी वाहन को शासन ने टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस परमिट जैसे मानकों से दूर रखा है।
सिर्फ उन पर प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। मगर, यह एक जांच भी नहीं कराई जा रही है। कई लोगों पर तो चालान लंबित हैं। इनको भरा नहीं जा रहा है। इससे साफ है कि अधिकारियों के रौब के आगे सरकार के दावे फेल और कानून बौना है। यहां कुछ अधिकारियों के वाहनों की जानकारी दी जा रही है, जो कि सिर्फ बानगी भर है। जिले में दर्जनों अधिकारियों के सरकारी और निजी वाहन है, जिनको नियमों को ताक पर रख सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है।
केस-1
सीडीओ की इनोवा कार संख्या यूपी 81 सीटी 5019 अमित के नाम से अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। यह टैक्सी वाहन की श्रेणी में दर्ज है। इस गाड़ी का बीमा पांच जून 2020 को खत्म हो गया। टैक्स 31 अगस्त 2019 को खत्म हो गया। 2019 के जुलाई, अगस्त, सितंबर में दो-दो हजार रुपये के तीन ई-चालान कटे। इनको अभी तक भरा नहीं गया है।
विज्ञापन
केस-2
एसडीएम कोल की स्कार्पियो कार संख्या यूपी 81 सीएफ 3542 संधिया नाम पर आरटीओ अलीगढ़ में पंजीकृत है। यह प्राइवेट वाहन की श्रेणी में दर्ज है। इसका इंश्योरेंस चार जुलाई 2020 को खत्म हो गया। प्रदूषण का प्रमाण पत्र नहीं है। नौ मई 2020 को दो हजार रुपये का ई-चालान कटा। मगर, उसे अभी तक भरा नहीं गया।
केस-3
एसपी क्राइम की टाटा सूमो कार एडीजी यूपी पुलिस हेडक्वार्टर के पदनाम पर प्रयागराज आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र ही नहीं है।
केस-4
सिटी मजिस्ट्रेट की टाटा सूमो कार डीएम अलीगढ़ के पदनाम पर अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का भी प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं कराया गया।
केस-5
एडीएम प्रशासन की बुलेरो कार भी चालान कटा है। डीएम अलीगढ़ के पदनाम पर अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का भी प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं कराया गया।
सरकारी वाहनों को सरकार की ओर से टैक्स, फिटनेस, इंश्योरेंस की छूट दी गई है। मगर, प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। जिन अधिकारियों के लिए निजी टैक्सी गाडिय़ां लगी हैं, उनको आम वाहनों के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जनता और अधिकारियों के लिए नियम समान हैं।
- फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
यातायात पुलिस से लेकर परिवहन विभाग तक आमजन के वाहनों के चालान काटने में दनादन लगा हुआ है। इसको लेकर कई बार पुलिस-जनता और जनप्रतिनिधियों का आपस में टकराव भी हो चुका है। थानों के सामने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी से लेकर मामला गाली-गलौज तक पहुंच चुका है। यह गुस्सा यूं ही नहीं है। यातायात नियम तोड़ने पर जनता पर भारी-भरकम जुर्माना लाद दिया जाता है। पर, अपने ही अधिकारियों पर मेहरबानी दिखाई जाती है। जिला प्रशासन से लेकर पुलिस विभाग तक के अधिकारियों के वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं है। यह हाल तब है जब सरकारी वाहन को शासन ने टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस परमिट जैसे मानकों से दूर रखा है।
सिर्फ उन पर प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। मगर, यह एक जांच भी नहीं कराई जा रही है। कई लोगों पर तो चालान लंबित हैं। इनको भरा नहीं जा रहा है। इससे साफ है कि अधिकारियों के रौब के आगे सरकार के दावे फेल और कानून बौना है। यहां कुछ अधिकारियों के वाहनों की जानकारी दी जा रही है, जो कि सिर्फ बानगी भर है। जिले में दर्जनों अधिकारियों के सरकारी और निजी वाहन है, जिनको नियमों को ताक पर रख सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
केस-1
सीडीओ की इनोवा कार संख्या यूपी 81 सीटी 5019 अमित के नाम से अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। यह टैक्सी वाहन की श्रेणी में दर्ज है। इस गाड़ी का बीमा पांच जून 2020 को खत्म हो गया। टैक्स 31 अगस्त 2019 को खत्म हो गया। 2019 के जुलाई, अगस्त, सितंबर में दो-दो हजार रुपये के तीन ई-चालान कटे। इनको अभी तक भरा नहीं गया है।
विज्ञापन
केस-2
एसडीएम कोल की स्कार्पियो कार संख्या यूपी 81 सीएफ 3542 संधिया नाम पर आरटीओ अलीगढ़ में पंजीकृत है। यह प्राइवेट वाहन की श्रेणी में दर्ज है। इसका इंश्योरेंस चार जुलाई 2020 को खत्म हो गया। प्रदूषण का प्रमाण पत्र नहीं है। नौ मई 2020 को दो हजार रुपये का ई-चालान कटा। मगर, उसे अभी तक भरा नहीं गया।
केस-3
एसपी क्राइम की टाटा सूमो कार एडीजी यूपी पुलिस हेडक्वार्टर के पदनाम पर प्रयागराज आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र ही नहीं है।
केस-4
सिटी मजिस्ट्रेट की टाटा सूमो कार डीएम अलीगढ़ के पदनाम पर अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का भी प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं कराया गया।
केस-5
एडीएम प्रशासन की बुलेरो कार भी चालान कटा है। डीएम अलीगढ़ के पदनाम पर अलीगढ़ आरटीओ में पंजीकृत है। इस वाहन का भी प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं कराया गया।
सरकारी वाहनों को सरकार की ओर से टैक्स, फिटनेस, इंश्योरेंस की छूट दी गई है। मगर, प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। जिन अधिकारियों के लिए निजी टैक्सी गाडिय़ां लगी हैं, उनको आम वाहनों के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जनता और अधिकारियों के लिए नियम समान हैं।
- फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन

एसडीएम की गाड़ी- फोटो : CITY OFFICE