{"_id":"61b4efc38e985966f7693c4b","slug":"aligarh-junior-doctors-strike-ends-city-office-news-ali280330122","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
विज्ञापन
जेएन मेडिकल में हड़ताल के बाद वापस लौटे जूनियर डॉक्टर। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की शनिवार रात 11 बजे हड़ताल खत्म हो गई। इमरजेंसी में अपनी सेवाएं शुरू कर दीं। हड़ताल खत्म करने की घोषणा रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की जनरल बॉडी की बैठक में हुई।
27 नवंबर को नीट पीजी में काउंसिलिंग में देरी होने और काम का दबाव ज्यादा होने से जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। पहले ओपीडी, वार्ड फिर इमरजेंसी में सेवाएं देनी बंद कर दी थीं। उनके हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थीं।
हालांकि, परामर्शदाता व सीनियर रेजिडेंट अपनी सेवाएं दे रहे थे, जो नाकाफी साबित हो रहा था। लगातार दूरदराज से आ रहे मरीज लौट रहे थे। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद खलफ सबा व सचिव डॉ. मोहम्मद आदिल ने बताया कि उन्हें मरीजों की परेशानी का एहसास था।
विज्ञापन
इसलिए उन्होंने नॉन एकेडमिक जेआर की भर्ती करने की गुजारिश कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से की थी। उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में 25 नॉन एकेडमिक जेआर की भर्ती करने की अनुमति प्रदान की। डॉ. खलफ व डॉ. आदिल ने कहा कि आरडीए कांप्लेक्स में जनरल बॉडी की बैठक हुई, जिसमें हड़ताल खत्म करने की घोषणा हुई।
विज्ञापन
27 नवंबर को नीट पीजी में काउंसिलिंग में देरी होने और काम का दबाव ज्यादा होने से जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। पहले ओपीडी, वार्ड फिर इमरजेंसी में सेवाएं देनी बंद कर दी थीं। उनके हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थीं।
विज्ञापन
हालांकि, परामर्शदाता व सीनियर रेजिडेंट अपनी सेवाएं दे रहे थे, जो नाकाफी साबित हो रहा था। लगातार दूरदराज से आ रहे मरीज लौट रहे थे। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद खलफ सबा व सचिव डॉ. मोहम्मद आदिल ने बताया कि उन्हें मरीजों की परेशानी का एहसास था।
विज्ञापन
इसलिए उन्होंने नॉन एकेडमिक जेआर की भर्ती करने की गुजारिश कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से की थी। उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में 25 नॉन एकेडमिक जेआर की भर्ती करने की अनुमति प्रदान की। डॉ. खलफ व डॉ. आदिल ने कहा कि आरडीए कांप्लेक्स में जनरल बॉडी की बैठक हुई, जिसमें हड़ताल खत्म करने की घोषणा हुई।