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कारोबार: गाजियाबाद और पंजाब के रास्ते विदेशी रसोई में महकेगा बासमती, 10 लाख क्विंटल की खरीद का अनुमान

Tue, 29 Sep 2026 02:33 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Tue, 29 Sep 2026 02:33 PM IST
सार

अलीगढ़ से लगभग 10 लाख क्विंटल धान पड़ोसी राज्यों की बड़ी धान मिलों में जाएगा। वहां इससे सुपरफाइन बासमती के ब्रांडेड पैकेट बनाए जाएंगे। बड़ी मात्रा में यही बासमती विदेशों को निर्यात किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के बाद अलीगढ़ बासमती धान की सबसे बड़ी मंडी है।

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Aligarh Basmati To Reach Foreign Kitchens
बासमती चावल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अलीगढ़ के धनीपुर मंडी में इन दिनों रोजाना लगभग 30 हजार क्विंटल धान पहुंच रहा है, इसमें बासमती की उन्नत किस्में शामिल हैं। गाजियाबाद, हरियाणा और पंजाब में धान मिलें संचालित करने वाले बड़े उद्यमियों के प्रतिनिधि इन दिनों इसकी खरीदारी कर रहे हैं। यही धान मिलों से पैक्ड बासमती के रूप में विदेशी बाजारों तक पहुंचेगा। घरेलू बाजार में भी आएगा।

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अलीगढ़ से लगभग 10 लाख क्विंटल धान पड़ोसी राज्यों की बड़ी धान मिलों में जाएगा। वहां इससे सुपरफाइन बासमती के ब्रांडेड पैकेट बनाए जाएंगे। बड़ी मात्रा में यही बासमती विदेशों को निर्यात किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के बाद अलीगढ़ बासमती धान की सबसे बड़ी मंडी है। एक सीजन में अलीगढ़ की धनीपुर मंडी में लगभग 12 लाख क्विंटल धान आता है। दो लाख किवंटल धान स्थानीय स्तर पर उपयोग में आता है।

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गाजियाबाद, हरियाणा और पंजाब में धान मिलें संचालित करने वाले बड़े कारोबारियों के प्रतिनिधि मंडी से हजारों क्विंटल धान रोजाना खरीद रहे हैं। यही धान वहां से पैक्ड ब्रांडेड बासमती चावल के रूप में बाजार में आएगा।-योगेंद्र पाल सिंह लालू, आढ़ती।

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बासमती धान की खरीद जारी है। सबसे बेहतरीन पी-10, रूसी और 1718 किस्में भी 10 अक्तूबर के बाद आने लगेंगी। इन दिनों बासमती की 1509, 1692 और शरबती किस्में आ रही हैं, जिनकी इस वक्त बहुत मांग है।-विक्की गुप्ता, महामंत्री धनीपुर गल्ला मंडी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के बाद धनीपुर धान की सबसे बड़ी मंडी है। यहां इसकी भरपूर मात्रा उपलब्ध रहती है। शनिवार को हुई बरसात से कोई बड़ा नुकसान नहीं है। सब धान तिरपाल से ढके हुए रहे हैं।-मुकेश त्रिपाठी, सचिव धनीपुर मंडी।

धान पर लगने वाला शुल्क और खर्च
धान पर एक फीसदी का मंडी शुल्क और .50 फीसदी का विकास सेस लिया जाता है। तौलाई एक फीसदी, ट्रैक्टर से माल पलटने पर छह रुपये बोरी और भरवाने पर 13 रुपये बोरी का खर्च आता है।

बासमती का भाव

  • (1509) बासमती 4295 रुपये क्विंटल
  • (1692) बासमती 4295 रुपये क्विंटल
  • (1718) बासमती 5000 रुपये क्विंटल
  • (रूसी) बासमती 5000 रुपये क्विंटल
  • (पी-10) बासमती 5000 रुपये क्विंटल
  • शरबती बासमती 3090 रुपये क्विंटल


कटाई का खर्च
हाथ से कटाई करने पर धान सूखा रहता है, इसलिए इसका भाव 300 रुपये क्विंटल तक अधिक रहता है। वहीं कंबाइन से कटने पर धान गीला रहता है, इसका भाव लगभग 300 रुपये क्विंटल कम रहता है। बारिश से पहले एक बीघा खेत की कटाई लगभग 700 रुपये में हो रही थी, जो अब 1000 रुपये तक पहुंच गई है।

दूसरे अनाज के भाव
गेहूं 2610 से 2615 रुपये क्विंटल, पीली सरसों 8200 से 8300 रुपये क्विंटल और काली सरसों 7400 से 7500 रुपये क्विंटल के भाव में है। बाजरा की आवक अभी नहीं हो रही है।

धान में 10 फीसदी की नमी
शनिवार को दिन भर हुई बारिश के दौरान धनीपुर मंडी के 10 चबूतरों पर फैला धान भी भीगा। यहां पर खुले और बोरियों में रखे गए धान को तिरपाल से ढका गया था, लेकिन थोड़ा पानी पहुंच गया। जिससे इसमें लगभग 10 फीसदी की नमी आई। अब किसान इसे सूखा रहे हैं। आढ़तियों ने इन चबूतरों पर टिनशेड लगवाने की मांग की है। मंडी सचिव मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि दो बड़े चबूतरों पर टिनशेड लगवाने के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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