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अलीगढ़ : झगड़े में डॉक्टर-पुलिस अफसरों पर आरोप, मुकदमे का अनुरोध
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इगलास क्षेत्र के गांव रामपुर में एक वर्ष पुराने झगड़े में अब पुलिस व डॉक्टर पर दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा है। इस संबंध में न्यायालय में दो सीओ, एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, एक डॉक्टर सहित 18 लोगों के खिलाफ अर्जी दायर की गई है, जिसमें मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
अधिवक्ता अरविंद कुमार उपाध्याय के अनुसार, गांव रामपुर के सुरेश चंद्र की ओर से यह अर्जी न्यायालय में दायर की गई है, जिसमें कहा गया कि 15 मई 2021 को उनके भाई रामप्रकाश, बेटा पवन और पत्नी निहाल देवी घर पर थीं। दूसरे पक्ष के नामजद लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की।
इसका मुकदमा थाने में दर्ज कराया गया। मगर अगले ही दिन दूसरे पक्ष ने तत्कालीन सीओ से सांठगांठ कर अस्पताल के डॉक्टर की मदद से फर्जी चोटों की मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई और क्रास मुकदमा हम लोगों पर दर्ज करा दिया। इसके बाद मुकदमे में समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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इसको लेकर इंस्पेक्टर से बात हुई तो इंस्पेक्टर ने स्वीकारा कि मुकदमा झूठा है। यह रिकार्डिंग भी मौजूद है। इस मामले में पहले विवेचक पर भी धाराएं घटाने का दबाव बनाया। फिर दूसरे दरोगा को विवेचना दी तो गवाहों को धमकी दी गई। बाद में धारा घटाने सहित तीन आरोपियों के नाम निकाल दिए गए।
इस मामले में अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। तब जाकर मजदूरी में सुरेश चंद्र ने अदालत में अर्जी दायर की है, जिसमें दूसरे पक्ष के सभी लोगों के अलावा तत्कालीन, वर्तमान सीओ, एक इंस्पेक्टर, दरोगा, डॉक्टर आदि को आरोपी बनाया गया है। न्यायालय से मामले में मुकदमे का अनुरोध किया है।
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अधिवक्ता अरविंद कुमार उपाध्याय के अनुसार, गांव रामपुर के सुरेश चंद्र की ओर से यह अर्जी न्यायालय में दायर की गई है, जिसमें कहा गया कि 15 मई 2021 को उनके भाई रामप्रकाश, बेटा पवन और पत्नी निहाल देवी घर पर थीं। दूसरे पक्ष के नामजद लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की।
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इसका मुकदमा थाने में दर्ज कराया गया। मगर अगले ही दिन दूसरे पक्ष ने तत्कालीन सीओ से सांठगांठ कर अस्पताल के डॉक्टर की मदद से फर्जी चोटों की मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई और क्रास मुकदमा हम लोगों पर दर्ज करा दिया। इसके बाद मुकदमे में समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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इसको लेकर इंस्पेक्टर से बात हुई तो इंस्पेक्टर ने स्वीकारा कि मुकदमा झूठा है। यह रिकार्डिंग भी मौजूद है। इस मामले में पहले विवेचक पर भी धाराएं घटाने का दबाव बनाया। फिर दूसरे दरोगा को विवेचना दी तो गवाहों को धमकी दी गई। बाद में धारा घटाने सहित तीन आरोपियों के नाम निकाल दिए गए।
इस मामले में अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। तब जाकर मजदूरी में सुरेश चंद्र ने अदालत में अर्जी दायर की है, जिसमें दूसरे पक्ष के सभी लोगों के अलावा तत्कालीन, वर्तमान सीओ, एक इंस्पेक्टर, दरोगा, डॉक्टर आदि को आरोपी बनाया गया है। न्यायालय से मामले में मुकदमे का अनुरोध किया है।