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अरविंद को पद से हटाने के बाद इस्तीफों की झड़ी
अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:12 AM IST
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arun aditya
- फोटो : amar Ujala
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अरविंद आदित्य को जिलाध्यक्ष पद से हटाने के बाद बसपा में एक बार फिर से इस्तीफों की झड़ी लग गई है। जिला कमेटी के इस्तीफों के बाद अब कोल विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है और मंडल जोन कोआर्डिनेटरों पर गंभीर आरोप लगाये हैं।
कोल विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष लाल सिंह रस्तोगी, कोषाध्यक्ष डा.नवी हसन, महासचिव बंटी सिंह, प्रमोद गौतम, उदयवीर भारती, बनवारीलाल लोधी, फूल सिंह, सुनील चौहान, सचिन कुमार, अबरार खान, पुष्पेंद्र शर्मा, ध्यानेंद्र तोमर, बीवीएफ संयोजक सुनील कुमार आदि ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है।
इनका कहना है कि अलीगढ़ के मुख्य जोन कोआर्डिनेटरों ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती को गुमराह कर अरविंद आदित्य को जिलाध्यक्ष पद से हटवाया है। उनकी पार्टी में पूरी आस्था है, लेकिन वह जोन कोआर्डिनेटरों के गलत काम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये कोआर्डिनेटर कर्मठ कार्यकर्ताआें को पदों से हटाकर उगाही कर रहे हैं। इनका आरोप है कि जिन लोगों ने पूर्व मंत्री जयवीर सिंह के पुतले जलाये। वही लोग अब कोआर्डिनेटर बन गये हैं। इस्तीफा देने वाले बसपाईयों ने बसपा सुप्रीमो से मांग की है कि वह अलीगढ़ मंडल जोन कोआर्डिनेटरों को हटाएं।
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बसपा आगरा-अलीगढ़ मंडल के मुख्य जोन कोआर्डिनेटर डा. रामकुमार कुरील ने कहा है कि वह रविवार को अलीगढ़ में आगरा और अलीगढ़ मंडल के बसपा नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक करेंगें।
उन्होंने जोन कोआर्डिनेटर पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि हटाए जाने के बाद अक्सर आरोप प्रत्यारोप होते हैं। बहन मायावती का निर्देश है कि सभी लोग पूरी मेहनत के साथ काम करें, जो काम नहीं करेगा वो हटा दिया जाए।
चुनाव लड़ने के लिए घोषित हुए उम्मीदवार हों या वर्तमान विधायक। मतदाता पुनरीक्षण अभियान में कार्यरत बीएलओ पर किसी को भरोसा नहीं है। अपने क्षेत्र में नहीं मिलने, मिलने पर फार्म नहीं होने का बहाना बनाने, सवाल पूछने पर बेवजह गुस्सा करने, महिलाओं को डांट कर भागने की बीएलओ की शिकायतें आम हो गई है। इसीलिए अब चुनाव लड़ने के प्रमुख उम्मीदवार और टिकट प्राप्त कर चुके नेताओं ने अपने स्तर से चुनाव की तैयारियों को पुख्ता करने का काम शुरू कर दिया है।
सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने अपने स्तर पर कुछ युवाओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। अन्य विधायकों ने भी इस अभियान में 15-15 हजार वोट बनवाने का लक्ष्य तय किया है। हरेक विधानसभा में तकरीबन इतने ही नये वोट बनने की संभावना है। नई वोटर लिस्ट दिसंबर अंत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही फाइनल सूची पर होगा चुनाव।
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कोल विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष लाल सिंह रस्तोगी, कोषाध्यक्ष डा.नवी हसन, महासचिव बंटी सिंह, प्रमोद गौतम, उदयवीर भारती, बनवारीलाल लोधी, फूल सिंह, सुनील चौहान, सचिन कुमार, अबरार खान, पुष्पेंद्र शर्मा, ध्यानेंद्र तोमर, बीवीएफ संयोजक सुनील कुमार आदि ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है।
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इनका कहना है कि अलीगढ़ के मुख्य जोन कोआर्डिनेटरों ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती को गुमराह कर अरविंद आदित्य को जिलाध्यक्ष पद से हटवाया है। उनकी पार्टी में पूरी आस्था है, लेकिन वह जोन कोआर्डिनेटरों के गलत काम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये कोआर्डिनेटर कर्मठ कार्यकर्ताआें को पदों से हटाकर उगाही कर रहे हैं। इनका आरोप है कि जिन लोगों ने पूर्व मंत्री जयवीर सिंह के पुतले जलाये। वही लोग अब कोआर्डिनेटर बन गये हैं। इस्तीफा देने वाले बसपाईयों ने बसपा सुप्रीमो से मांग की है कि वह अलीगढ़ मंडल जोन कोआर्डिनेटरों को हटाएं।
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बसपा आगरा-अलीगढ़ मंडल के मुख्य जोन कोआर्डिनेटर डा. रामकुमार कुरील ने कहा है कि वह रविवार को अलीगढ़ में आगरा और अलीगढ़ मंडल के बसपा नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक करेंगें।
उन्होंने जोन कोआर्डिनेटर पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि हटाए जाने के बाद अक्सर आरोप प्रत्यारोप होते हैं। बहन मायावती का निर्देश है कि सभी लोग पूरी मेहनत के साथ काम करें, जो काम नहीं करेगा वो हटा दिया जाए।
चुनाव लड़ने के लिए घोषित हुए उम्मीदवार हों या वर्तमान विधायक। मतदाता पुनरीक्षण अभियान में कार्यरत बीएलओ पर किसी को भरोसा नहीं है। अपने क्षेत्र में नहीं मिलने, मिलने पर फार्म नहीं होने का बहाना बनाने, सवाल पूछने पर बेवजह गुस्सा करने, महिलाओं को डांट कर भागने की बीएलओ की शिकायतें आम हो गई है। इसीलिए अब चुनाव लड़ने के प्रमुख उम्मीदवार और टिकट प्राप्त कर चुके नेताओं ने अपने स्तर से चुनाव की तैयारियों को पुख्ता करने का काम शुरू कर दिया है।
सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने अपने स्तर पर कुछ युवाओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। अन्य विधायकों ने भी इस अभियान में 15-15 हजार वोट बनवाने का लक्ष्य तय किया है। हरेक विधानसभा में तकरीबन इतने ही नये वोट बनने की संभावना है। नई वोटर लिस्ट दिसंबर अंत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही फाइनल सूची पर होगा चुनाव।