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अलीगढ़ः सिटी सेंटर मॉल स्वामी के इशारे पर हत्या का आरोप, हुआ हंगामा
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पथराव करते किशोर को रोकते सीओ।
- फोटो : CITY OFFICE
महानगर के सबसे प्रमुख और व्यस्त सेंटर प्वाइंट चौराहे के पास सिटी सेंटर मॉल के सफाईकर्मी की सुबह हत्या की खबर ने एकाएक वाल्मीकि समाज को आंदोलित कर दिया। जैसे-जैसे खबर मिलती गई, लोग मौके पर पहुंचते गए। शुरुआत में तोड़फोड़ के बाद जब जाम लगाकर धरना शुरू किया तो पुलिस ने समझाया कि गार्ड गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पर मुआवजा, नौकरी के अलावा मॉल स्वामी के इशारे पर हत्या का आरोप उछालते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग उठा दी गई। बस इसी मांग ने हंगामा बढ़ा दिया। शाम तक पुलिस समझाने का प्रयास करती रही। बाद में पोस्टमार्टम केंद्र पर कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन व विधायक संजीव राजा ने अधिकारियों से वार्ता कर परिवार को समझाया। तब जाकर हंगामा शांत हुआ। तहरीर के आधार पर गार्ड के साथ-साथ मॉल स्वामी को नामजद कराया गया है।
यह लिखा मुकदमा, आरोपी ऐसे दबोचा
पिता लक्ष्मण सिंह की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि उनका बेटा काम के दौरान माल स्वामी राजीव अग्रवाल से अपने वेतन का रुपया मांग रहा था। इसी बात पर उसे डपटा गया था और गाली-गलौज की गई। जब उसने विरोध किया तो मॉल स्वामी के इशारे पर सिक्योरिटी गार्ड ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, इस तहरीर के आधार पर दोनों पर एससी/एसटी एक्ट व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, पुलिस ने सासनी गेट इलाके में उसके किराये के घर से चंद घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर लोगों द्वारा आरोपी से छीनी गई उसकी बंदूक भी जब्त कर ली गई है। पिता के अनुसार यह चार भाई बहनों में सबसे बड़ा था।
इस तरह बनी मुआवजा और नौकरी पर सहमति
मौके पर सुबह से हंगामे के बीच ही कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन, पूर्व विधायक विवेक बंसल, राजेश राज जीवन, सफाईकर्मी अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, कांग्रेस युवा जिलाध्यक्ष रूपेश पाठक, सपा नेता बिल्लू चौहान, प्रशांत वाल्मीकि, आगा यूनुस, भाजपा नेता राजीव भारती आदि पहुंच गए थे। इन्होंने परिवार के समर्थन में परिवार को 25 लाख रुपये आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी की आवाज बुलंद की। इस दौरान कांग्रेस नेता श्यौराज जीव ने भीड़ को संबोधित करते हुए एलान किया कि अगर मांगें न मानी गईं तो शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि मुआवजा व नौकरी की व्यवस्था करा दी जाएगी। इसी बीच मॉल स्वामी की तत्काल गिरफ्तारी व मॉल को सील करने की आवाज बुलंद हो गई। इस पर अधिकारियों ने कहा कि ये जांच का विषय है। ऐसे गिरफ्तारी संभव नहीं है। इसे लेकर काफी देर तक खींचतान हुई। मगर सहमति नहीं बनी। यहां से नेतागण पोस्टमार्टम केंद्र पहुंच गए। मगर भीड़ जाम लगाए बैठी रही। फिर शाम को पोस्टमार्टम पर परिवार की तहरीर पर गार्ड व माल स्वामी पर मुकदमा दर्ज कर उसकी प्रति मिल गई। यहां श्यौराज जीवन, विधायक संजीव राजा, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, नगर आयुक्त की बातचीत में यह तय हुआ कि फिलहाल फौरी तौर पर 4 लाख और बाद में 4 लाख मुआवजा, नगर निगम में नौकरी का वायदा किया गया। तब जाकर सहमति बनी। साथ में मॉल स्वामी की गिरफ्तारी को लेकर भरोसा दिलाया कि जांच में जो तथ्य उजागर होंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। यह भी तय हुआ कि मॉल को सील करने पर एडीए व नगर निगम स्तर से जांच के अनुसार कार्रवाई तय कराई जाएगी।
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छत से कूदने को सात मंजिला पर चढ़ा मृत युवक का भाई
जिस वक्त हंगामा चल रहा था। उस वक्त मृत युवक पुनीत का भाई प्रशांत मॉल के ठीक सामने की मार्केट में सातवीं मंजिल पर पहुंच गया और उसने वहां से कूदने का ऐलान कर दिया। कहा कि अगर उनकी मांग न मानी गई तो यहां से कूदकर जान दे देगा। इस पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। किसी तरह अधिकारियों ने उसे वहां से उतारा।
धड़ाधड़ गिरे शटर, दिन भर बंद रहा बाजार
तोड़फोड़ जिस वक्त हुई, उस वक्त बाजार लगभग खुल चुका था। जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई और जाम लगा तो मैरिस रोड पर घटनास्थल से लेकर पेट्रोल पंप तक और उधर सेंटर प्वाइंट चौराहे तक के सभी शोरूम एकाएक बंद कर दिए गए। इसके बाद उनके स्वामी और वहां कार्यरत स्टाफ दिन भर इधर से उधर भटकता रहा। पूरा बाजार दिन भर बंद रहा। शाम को भीड़ के वहां से हटने के बाद ही हालात सामान्य हो सके।
दिन भर लगा रहा फोर्स
मौके से लेकर पोस्टमार्टम केंद्र और मृत युवक के घर तक पुलिस, पीएसी बल की टुकड़ियां लगी रहीं। साथ में सिविल लाइंस, क्वार्सी, सासनी गेट, बन्नादेवी, महुआ खेड़ा थानों का फोर्स, शहर के तीनों सीओ भी व्यवस्थाओं में लगे रहे। एक टीम को पोस्टमार्टम पर लगाया गया। एक टीम गिरफ्तारी व लिखा पढ़ी पर लगाई गई। एक टीम को मॉल पर सीसीटीवी संकलित करने पर लगाया गया।
एक्सरे कराने गई एंबुलेंस में तोड़फोड़
बेशक मैरिस रोड पर विवाद शांत हो गया था। मगर पुलिस को पूरा अंदेशा था कि शव के घर पहुंचने पर भी विवाद हो सकता है। इसलिए पोस्टमार्टम कराने के बाद से घर तक पुलिस सक्रिय रही। इस बीच पोस्टमार्टम से शव को एक बार जब एक्सरे कराने जिला अस्पताल लाया गया। उस समय भी कुछ युवकों ने उसमें तोड़फोड़ कर दी। किसी तरह शव वहां से निकालकर लाया गया। इसके बाद जब शव घर पहुंचा तो वहां से शमशान ले जाते समय पांच मिनट जाम लगाया। मगर पुलिस ने वहां से यह कहकर सख्त रुख दिखाया कि जब सभी मांगें मान ली गईं तो अब क्या विवाद है।
बेहोश हो गई महिला होमगार्ड
इस हंगामे के दौरान पुलिस बल इधर उधर समझाने का प्रयास कर रहा था। इन्हीं में शामिल महिला होमगार्ड अचानक बेहोश होकर गिर गई। जिसे बाद में अस्पताल भेजा गया।
सरकार व योगी-मोदी विरोधी नारे लगे
इस घटना में सियासी एंट्री के बाद मौके पर कई बार पुलिस प्रशासन विरोधी, मॉल स्वामी की गिरफ्तारी, मॉल को सील करने संबंधी नारे लगे। बीच बीच में सरकार व योगी मोदी विरोधी नारे भी लगे। जिनकी वजह से पूर्व मेयर शकुंतला भारती भी वहां से मजबूरन वापस हो गईं।
मॉल स्वामी के समर्थन में आ सकते हैं व्यापारी
इस घटना में मॉल स्वामी को नामजद करने और मॉल को सील करने जैसे मुद्दे पर व्यापारी समाज आंदोलन की तैयारी में है। अंदरखाने इस बात पर विचार चल रहा है। इसकी प्रतिक्रिया मंगलवार को दिखाई दे सकती है। हालांकि सीधा अभी प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर कहा जा रहा है कि जब मॉल स्वामी न तो घटनास्थल पर थे और न घटना का उनसे कोई वास्ता तो उनको क्यों नामजद किया गया है। वे पूरे दिन अपने प्रतिष्ठान रहे। अगर उन्हें इस आड़ में परेशान किया तो वे भी कोई कदम उठा सकते हैं।
ये बोले नेता
इस मामले में कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने कहा है कि प्रशासन को इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर काम करना होगा। अन्यथा उग्र आंदोलन होगा। सफाईकर्मी नेता बिल्लू चौहान ने कहा है कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो तैयारी कर आंदोलन किया जाएगा। वहीं भाजपा नेता राजीव भारती ने कहा है कि परिवार सुबह ही समझ गया था। मगर कुछ अन्य दलों के नेताओं ने पहुंचकर माहौल बिगाड़ा है।
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यह लिखा मुकदमा, आरोपी ऐसे दबोचा
पिता लक्ष्मण सिंह की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि उनका बेटा काम के दौरान माल स्वामी राजीव अग्रवाल से अपने वेतन का रुपया मांग रहा था। इसी बात पर उसे डपटा गया था और गाली-गलौज की गई। जब उसने विरोध किया तो मॉल स्वामी के इशारे पर सिक्योरिटी गार्ड ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, इस तहरीर के आधार पर दोनों पर एससी/एसटी एक्ट व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, पुलिस ने सासनी गेट इलाके में उसके किराये के घर से चंद घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर लोगों द्वारा आरोपी से छीनी गई उसकी बंदूक भी जब्त कर ली गई है। पिता के अनुसार यह चार भाई बहनों में सबसे बड़ा था।
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इस तरह बनी मुआवजा और नौकरी पर सहमति
मौके पर सुबह से हंगामे के बीच ही कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन, पूर्व विधायक विवेक बंसल, राजेश राज जीवन, सफाईकर्मी अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, कांग्रेस युवा जिलाध्यक्ष रूपेश पाठक, सपा नेता बिल्लू चौहान, प्रशांत वाल्मीकि, आगा यूनुस, भाजपा नेता राजीव भारती आदि पहुंच गए थे। इन्होंने परिवार के समर्थन में परिवार को 25 लाख रुपये आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी की आवाज बुलंद की। इस दौरान कांग्रेस नेता श्यौराज जीव ने भीड़ को संबोधित करते हुए एलान किया कि अगर मांगें न मानी गईं तो शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि मुआवजा व नौकरी की व्यवस्था करा दी जाएगी। इसी बीच मॉल स्वामी की तत्काल गिरफ्तारी व मॉल को सील करने की आवाज बुलंद हो गई। इस पर अधिकारियों ने कहा कि ये जांच का विषय है। ऐसे गिरफ्तारी संभव नहीं है। इसे लेकर काफी देर तक खींचतान हुई। मगर सहमति नहीं बनी। यहां से नेतागण पोस्टमार्टम केंद्र पहुंच गए। मगर भीड़ जाम लगाए बैठी रही। फिर शाम को पोस्टमार्टम पर परिवार की तहरीर पर गार्ड व माल स्वामी पर मुकदमा दर्ज कर उसकी प्रति मिल गई। यहां श्यौराज जीवन, विधायक संजीव राजा, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, नगर आयुक्त की बातचीत में यह तय हुआ कि फिलहाल फौरी तौर पर 4 लाख और बाद में 4 लाख मुआवजा, नगर निगम में नौकरी का वायदा किया गया। तब जाकर सहमति बनी। साथ में मॉल स्वामी की गिरफ्तारी को लेकर भरोसा दिलाया कि जांच में जो तथ्य उजागर होंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। यह भी तय हुआ कि मॉल को सील करने पर एडीए व नगर निगम स्तर से जांच के अनुसार कार्रवाई तय कराई जाएगी।
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जिस वक्त हंगामा चल रहा था। उस वक्त मृत युवक पुनीत का भाई प्रशांत मॉल के ठीक सामने की मार्केट में सातवीं मंजिल पर पहुंच गया और उसने वहां से कूदने का ऐलान कर दिया। कहा कि अगर उनकी मांग न मानी गई तो यहां से कूदकर जान दे देगा। इस पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। किसी तरह अधिकारियों ने उसे वहां से उतारा।
धड़ाधड़ गिरे शटर, दिन भर बंद रहा बाजार
तोड़फोड़ जिस वक्त हुई, उस वक्त बाजार लगभग खुल चुका था। जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई और जाम लगा तो मैरिस रोड पर घटनास्थल से लेकर पेट्रोल पंप तक और उधर सेंटर प्वाइंट चौराहे तक के सभी शोरूम एकाएक बंद कर दिए गए। इसके बाद उनके स्वामी और वहां कार्यरत स्टाफ दिन भर इधर से उधर भटकता रहा। पूरा बाजार दिन भर बंद रहा। शाम को भीड़ के वहां से हटने के बाद ही हालात सामान्य हो सके।
दिन भर लगा रहा फोर्स
मौके से लेकर पोस्टमार्टम केंद्र और मृत युवक के घर तक पुलिस, पीएसी बल की टुकड़ियां लगी रहीं। साथ में सिविल लाइंस, क्वार्सी, सासनी गेट, बन्नादेवी, महुआ खेड़ा थानों का फोर्स, शहर के तीनों सीओ भी व्यवस्थाओं में लगे रहे। एक टीम को पोस्टमार्टम पर लगाया गया। एक टीम गिरफ्तारी व लिखा पढ़ी पर लगाई गई। एक टीम को मॉल पर सीसीटीवी संकलित करने पर लगाया गया।
एक्सरे कराने गई एंबुलेंस में तोड़फोड़
बेशक मैरिस रोड पर विवाद शांत हो गया था। मगर पुलिस को पूरा अंदेशा था कि शव के घर पहुंचने पर भी विवाद हो सकता है। इसलिए पोस्टमार्टम कराने के बाद से घर तक पुलिस सक्रिय रही। इस बीच पोस्टमार्टम से शव को एक बार जब एक्सरे कराने जिला अस्पताल लाया गया। उस समय भी कुछ युवकों ने उसमें तोड़फोड़ कर दी। किसी तरह शव वहां से निकालकर लाया गया। इसके बाद जब शव घर पहुंचा तो वहां से शमशान ले जाते समय पांच मिनट जाम लगाया। मगर पुलिस ने वहां से यह कहकर सख्त रुख दिखाया कि जब सभी मांगें मान ली गईं तो अब क्या विवाद है।
बेहोश हो गई महिला होमगार्ड
इस हंगामे के दौरान पुलिस बल इधर उधर समझाने का प्रयास कर रहा था। इन्हीं में शामिल महिला होमगार्ड अचानक बेहोश होकर गिर गई। जिसे बाद में अस्पताल भेजा गया।
सरकार व योगी-मोदी विरोधी नारे लगे
इस घटना में सियासी एंट्री के बाद मौके पर कई बार पुलिस प्रशासन विरोधी, मॉल स्वामी की गिरफ्तारी, मॉल को सील करने संबंधी नारे लगे। बीच बीच में सरकार व योगी मोदी विरोधी नारे भी लगे। जिनकी वजह से पूर्व मेयर शकुंतला भारती भी वहां से मजबूरन वापस हो गईं।
मॉल स्वामी के समर्थन में आ सकते हैं व्यापारी
इस घटना में मॉल स्वामी को नामजद करने और मॉल को सील करने जैसे मुद्दे पर व्यापारी समाज आंदोलन की तैयारी में है। अंदरखाने इस बात पर विचार चल रहा है। इसकी प्रतिक्रिया मंगलवार को दिखाई दे सकती है। हालांकि सीधा अभी प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर कहा जा रहा है कि जब मॉल स्वामी न तो घटनास्थल पर थे और न घटना का उनसे कोई वास्ता तो उनको क्यों नामजद किया गया है। वे पूरे दिन अपने प्रतिष्ठान रहे। अगर उन्हें इस आड़ में परेशान किया तो वे भी कोई कदम उठा सकते हैं।
ये बोले नेता
इस मामले में कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने कहा है कि प्रशासन को इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर काम करना होगा। अन्यथा उग्र आंदोलन होगा। सफाईकर्मी नेता बिल्लू चौहान ने कहा है कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो तैयारी कर आंदोलन किया जाएगा। वहीं भाजपा नेता राजीव भारती ने कहा है कि परिवार सुबह ही समझ गया था। मगर कुछ अन्य दलों के नेताओं ने पहुंचकर माहौल बिगाड़ा है।

पुनीत की गोली मारकर की हत्या के बाद सफाई कर्मचारियों को समझाते श्योराज जीवन। - फोटो : CITY OFFICE