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प्रसव के दौरान नवजात की मौत, खतरे में प्रसूता की जान
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:51 AM IST
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प्रसव के दौरान नवजात की मौत, खतरे में प्रसूता की जान
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अतरौली।
गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की जान खतरे में है। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने स्टाफ नर्स की लापरवाही से नवजात की जान जाने और प्रसूता की जिंदगी खतरे में होने का आरोप लगाते हुए सीएचसी में हंगामा काटा। सीएचसी अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर परिजनों को शांत कराया।
तहसील क्षेत्र के गांव किरथला निवासी मुनेश की पत्नी नीरज देवी को गुरुवार की सुबह प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। दोपहर में स्टाफ नर्स ममतेश और सुनीता ने प्रसव कराया। प्रसूता ने बेटी को जन्म दिया। पैदा होते ही उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उधर, प्रसव के बाद महिला की भी हालत बिगड़ने लगी, तो परिजन आननफानन मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। वहां महिला की हालत चिंताजनक है। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की स्टाफ नर्स ने कमीशन के चक्कर में प्राइवेट अल्ट्रासाउंड कराया, जबकि सीएचसी में मुफ्त में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। सीएचसी अधीक्षक ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय जांच कराने का भरोसा देकर शांत कराया।
- बच्चे की मौत हुई है। सीएचसी में मुफ्त अल्ट्रासाउंड होता है, तो बाहर से क्यों कराया गया? परिजनों की लापरवाही की शिकायत पर जांच की जा रही है। स्टाफ नर्स दोषी हुईं तो उनकी संविदा सेवा समाप्त करने के लिए लिखा जाएगा। - डॉ. कुलदीप राजपुरी, अधीक्षक।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अतरौली।
गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की जान खतरे में है। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने स्टाफ नर्स की लापरवाही से नवजात की जान जाने और प्रसूता की जिंदगी खतरे में होने का आरोप लगाते हुए सीएचसी में हंगामा काटा। सीएचसी अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर परिजनों को शांत कराया।
तहसील क्षेत्र के गांव किरथला निवासी मुनेश की पत्नी नीरज देवी को गुरुवार की सुबह प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। दोपहर में स्टाफ नर्स ममतेश और सुनीता ने प्रसव कराया। प्रसूता ने बेटी को जन्म दिया। पैदा होते ही उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उधर, प्रसव के बाद महिला की भी हालत बिगड़ने लगी, तो परिजन आननफानन मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। वहां महिला की हालत चिंताजनक है। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की स्टाफ नर्स ने कमीशन के चक्कर में प्राइवेट अल्ट्रासाउंड कराया, जबकि सीएचसी में मुफ्त में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। सीएचसी अधीक्षक ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय जांच कराने का भरोसा देकर शांत कराया।
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- बच्चे की मौत हुई है। सीएचसी में मुफ्त अल्ट्रासाउंड होता है, तो बाहर से क्यों कराया गया? परिजनों की लापरवाही की शिकायत पर जांच की जा रही है। स्टाफ नर्स दोषी हुईं तो उनकी संविदा सेवा समाप्त करने के लिए लिखा जाएगा। - डॉ. कुलदीप राजपुरी, अधीक्षक।
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