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एलमपुर में पाए गए फर्जी आईडी से 10 विद्युत कनेक्शन
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अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
एलमपुर परियोजना के 15 फ्लैटों में से 10 विद्युत कनेक्शन फर्जी आईडी पर चलते मिले हैं। ये कनेक्शन डेढ़ वर्ष पहले लिए गए थे। हालांकि विद्युत विभाग 12 दिनों में 24 फ्लैटों को ही जांच सका है। जिनमे 15 में ही कनेक्शन हैं। शेष 7 फ्लैटों को इन्हीं फ्लैटों से बिजली दी जाती थी। फर्जी आईडी पर चल रहे संयोजनों को ढूंढने में विभाग की सुस्ती पर स्मार्ट विलेज फाउंडेशन ने नाराजगी जताई है और पूरा प्रकरण अमर उजाला की खबरों के साथ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा तक पहुंचा दिया है।
रविवार को मंत्री कार्यालय से पूरा प्रकरण व्हाट्सएप पर मांगा गया। जल्द ही ऊर्जा मंत्री इस मामले की जांच रिपोर्ट तलब कर सकते हैं। हालांकि अधिशासी अभियंता का कहना है कि मामले में प्रत्येक फर्जीवाड़ा करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला गत 26 अप्रैल से लगातार आईएचएसडीपी परियोजना के भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े की पड़ताल कर रहा है। 28 अप्रैल को आवास आवंटन में दलालों की करतूत के साथ विद्युत संयोजनों में भी फर्जी आईडी का खुलासा किया गया था। खुलासे में फ्लैट 25 एफ ए का जिक्र किया था। इस फ्लैट में किरायेदार ममता शर्मा पत्नी आशीष शर्मा का फोटो इस्तेमाल कर राजकुमारी नाम की फर्जी आईडी बनाई गई थी।
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इसी आईडी पर विद्युत कनेक्शन ले लिया। हालांकि इस फ्लैट का आवंटन कमला देवी के नाम है। इस खुलासे पर अगले ही दिन ममता ने विद्युत विभाग को लिखित शिकायत कर स्पष्ट किया था कि उक्त फर्जी आईडी से उसका कोई वास्ता नहीं। उसे पता भी नहीं कि कब उनके फोटो से फर्जी आईडी बन गयी। उन्होंने तो पिसावा निवासी दलाल से ये फ्लैट किराये पर लिया था।
शिकायत करने के बाद ही ममता ने ये फ्लैट खाली कर दिया था। इन खबरों पर चेते अधिशासी अभियंता रतनलाल ने फ्लैटों में आईडी सत्यापन हेतु एसडीओ को आदेश जारी किये थे। इस आदेश में 22 फ्लैटों पर विशेष जोर दिया गया था। एसडीओ ने जेई पुष्पेंद्र को निर्देशित किया। परंतु जेई पुष्पेंद्र ने सिर्फ 2 फ्लैट की आईडी सत्यापित करके इतिश्री कर ली।
15 कनेक्शन में से 10 में फर्जी आईडी मिलने पर भी अभी तक बाकी फ्लैटों में सत्यापन नहीं किया है। हालांकि जो दस फर्जी आईडी मिली हैं, उन पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को लिखा गया है। वहीं स्मार्ट विलेज फाउंडेशन प्रबंधक विपिन चौधरी ने रविवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के लखनऊ कार्यालय संपर्क कर पूरी बात बताई।
उन्होंने व्हाट्सएप नंबर देकर पूरा विवरण मांग लिया है। विपिन चौधरी ने फोन पर पूरा प्रकरण बता दिया है। उधर से भरोसा दिलाया गया है कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा स्तर से इस मामले में जल्द ही विद्युत अधिकारियों से जांच व प्रगति रिपोर्ट तलब की जाएगी। दूसरी ओर, फाउंडेशन प्रबंधक ने ट्विटर पर भी नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्यमंत्री योगी सहित प्रधानमंत्री कार्यालय को अमर उजाला के अब तक के सभी खुलासे टैग कर दिए हैं।
इस मामले में अब तक जो भी कनेक्शन फर्जी आईडी पर पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं आगे भी सत्यापन कराया जाएगा। किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी।
- रतन लाल, अधिशासी अभियंता
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एलमपुर परियोजना के 15 फ्लैटों में से 10 विद्युत कनेक्शन फर्जी आईडी पर चलते मिले हैं। ये कनेक्शन डेढ़ वर्ष पहले लिए गए थे। हालांकि विद्युत विभाग 12 दिनों में 24 फ्लैटों को ही जांच सका है। जिनमे 15 में ही कनेक्शन हैं। शेष 7 फ्लैटों को इन्हीं फ्लैटों से बिजली दी जाती थी। फर्जी आईडी पर चल रहे संयोजनों को ढूंढने में विभाग की सुस्ती पर स्मार्ट विलेज फाउंडेशन ने नाराजगी जताई है और पूरा प्रकरण अमर उजाला की खबरों के साथ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा तक पहुंचा दिया है।
रविवार को मंत्री कार्यालय से पूरा प्रकरण व्हाट्सएप पर मांगा गया। जल्द ही ऊर्जा मंत्री इस मामले की जांच रिपोर्ट तलब कर सकते हैं। हालांकि अधिशासी अभियंता का कहना है कि मामले में प्रत्येक फर्जीवाड़ा करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला गत 26 अप्रैल से लगातार आईएचएसडीपी परियोजना के भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े की पड़ताल कर रहा है। 28 अप्रैल को आवास आवंटन में दलालों की करतूत के साथ विद्युत संयोजनों में भी फर्जी आईडी का खुलासा किया गया था। खुलासे में फ्लैट 25 एफ ए का जिक्र किया था। इस फ्लैट में किरायेदार ममता शर्मा पत्नी आशीष शर्मा का फोटो इस्तेमाल कर राजकुमारी नाम की फर्जी आईडी बनाई गई थी।
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इसी आईडी पर विद्युत कनेक्शन ले लिया। हालांकि इस फ्लैट का आवंटन कमला देवी के नाम है। इस खुलासे पर अगले ही दिन ममता ने विद्युत विभाग को लिखित शिकायत कर स्पष्ट किया था कि उक्त फर्जी आईडी से उसका कोई वास्ता नहीं। उसे पता भी नहीं कि कब उनके फोटो से फर्जी आईडी बन गयी। उन्होंने तो पिसावा निवासी दलाल से ये फ्लैट किराये पर लिया था।
शिकायत करने के बाद ही ममता ने ये फ्लैट खाली कर दिया था। इन खबरों पर चेते अधिशासी अभियंता रतनलाल ने फ्लैटों में आईडी सत्यापन हेतु एसडीओ को आदेश जारी किये थे। इस आदेश में 22 फ्लैटों पर विशेष जोर दिया गया था। एसडीओ ने जेई पुष्पेंद्र को निर्देशित किया। परंतु जेई पुष्पेंद्र ने सिर्फ 2 फ्लैट की आईडी सत्यापित करके इतिश्री कर ली।
15 कनेक्शन में से 10 में फर्जी आईडी मिलने पर भी अभी तक बाकी फ्लैटों में सत्यापन नहीं किया है। हालांकि जो दस फर्जी आईडी मिली हैं, उन पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को लिखा गया है। वहीं स्मार्ट विलेज फाउंडेशन प्रबंधक विपिन चौधरी ने रविवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के लखनऊ कार्यालय संपर्क कर पूरी बात बताई।
उन्होंने व्हाट्सएप नंबर देकर पूरा विवरण मांग लिया है। विपिन चौधरी ने फोन पर पूरा प्रकरण बता दिया है। उधर से भरोसा दिलाया गया है कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा स्तर से इस मामले में जल्द ही विद्युत अधिकारियों से जांच व प्रगति रिपोर्ट तलब की जाएगी। दूसरी ओर, फाउंडेशन प्रबंधक ने ट्विटर पर भी नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्यमंत्री योगी सहित प्रधानमंत्री कार्यालय को अमर उजाला के अब तक के सभी खुलासे टैग कर दिए हैं।
इस मामले में अब तक जो भी कनेक्शन फर्जी आईडी पर पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं आगे भी सत्यापन कराया जाएगा। किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी।
- रतन लाल, अधिशासी अभियंता