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कृष्णांजलि नाट्यशाला बनेगी भव्य आडिटोरियम
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी की कृष्णांजलि नाट्यशाला को प्रदेश का सबसे बड़ा आडिटोरियम बनाया जाएगा। इस बात की घोषणा जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने सोमवार को नुमाइश के समापन समारोेह में कही। कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित हुए इस समापन समारोह में प्रदर्शनी कार्यकारिणी के सदस्य, शहर के गणमान्य जन और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश बेहद विलक्षण आयोजन है। यहां पर तीन बड़े मंच हैं। तीनों पर सुबह से लेकर रात तक कार्यक्रम होते हैं और इसके बाद भी ऐसा लगता है कि संस्थाएं अधिक हैं मंच कम पड़ गए हैं।
उन्होंने कृष्णांजलि नाट्यशाला को बड़े आडिटोरियम में बदलने के प्रस्ताव पर कहा कि वह कोशिश करेंगे कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भी इसके लिए पैसा मिल जाए। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि हमें बड़े कार्यक्रम कराने के लिए एक करोड़ रुपये का टेंट लगवाना पड़ता है।
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आडिटोरियम बनने से नुमाइश का पैसा बचेगा और सभी बड़े कार्यक्रम यहां पर हो पाएंगे। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि इस सफल आयोजन के लिए वह प्रशासन के साथ साथ पुलिस के सिपाही से लेकर डीआईजी तक सभी का धन्यवाद अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि नुमाइश से जा रहे दुकानदारों को खदेड़ा न जाए बल्कि उन्हें अपना सामान ले जाने का पर्याप्त समय दिया जाए।
महापौर फुरकान ने कहा कि यह नुमाइश अलग अलग शहरों के लोगों का एक संगम है। यह सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय भी देता है। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नत्थी सिंह, सीडीओ अनुनय झा, पूर्व महापौर शकुंतला भारती, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मुदस्सिर, विष्णु कुमार बंटी, पंकज धीरज, प्रदीप सक्सेना, अशोक सक्सेना, भाजपा नेता मानव महाजन, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, त्रिलोकी नाथ गौड़, तहसील दार गौतम सिंह आदि मौजूद थे।
पीछे बैठने की कहने पर भड़कीं शकुंतला भारती
प्रदर्शनी के समापन समारोह के दौरान मंच पर पीछे की पंक्ति में बैठने की कहने पर पूर्व महापौर शकुंतला भारती संचालन कर रहे डॉ. राकेश सक्सेना पर भड़क गई। उन्होंने मंच से ही कहा आप होते कौन हैं मेरी बैठने की जगह तय करने वाले? आपकी हिम्मत कैसे हुई?
इस समय मंच पर जिलाधिकारी, सांसद सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि बैठे हुए थे। इसके बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह आदि ने उन्हें समझा कर शांत किया और मंच पर प्रमुख जगह पर बैठाया।
मुशायरा स्थगन का अफसोस : डीएम
प्रदर्शनी के समापन कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने संकेत दिए कि स्थगित कराया गया मुशायरा नुमाइश के बाद कराया जा सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बेहद अफसोस है कि कुछ घटनाओं के चलते उन्हें नुमाइश के कुछ कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। लेकिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी था। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि नुमाइश के बाद आयोजन कराया जाए।
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी की कृष्णांजलि नाट्यशाला को प्रदेश का सबसे बड़ा आडिटोरियम बनाया जाएगा। इस बात की घोषणा जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने सोमवार को नुमाइश के समापन समारोेह में कही। कृष्णांजलि नाट्यशाला में आयोजित हुए इस समापन समारोह में प्रदर्शनी कार्यकारिणी के सदस्य, शहर के गणमान्य जन और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश बेहद विलक्षण आयोजन है। यहां पर तीन बड़े मंच हैं। तीनों पर सुबह से लेकर रात तक कार्यक्रम होते हैं और इसके बाद भी ऐसा लगता है कि संस्थाएं अधिक हैं मंच कम पड़ गए हैं।
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उन्होंने कृष्णांजलि नाट्यशाला को बड़े आडिटोरियम में बदलने के प्रस्ताव पर कहा कि वह कोशिश करेंगे कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भी इसके लिए पैसा मिल जाए। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि हमें बड़े कार्यक्रम कराने के लिए एक करोड़ रुपये का टेंट लगवाना पड़ता है।
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आडिटोरियम बनने से नुमाइश का पैसा बचेगा और सभी बड़े कार्यक्रम यहां पर हो पाएंगे। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि इस सफल आयोजन के लिए वह प्रशासन के साथ साथ पुलिस के सिपाही से लेकर डीआईजी तक सभी का धन्यवाद अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि नुमाइश से जा रहे दुकानदारों को खदेड़ा न जाए बल्कि उन्हें अपना सामान ले जाने का पर्याप्त समय दिया जाए।
महापौर फुरकान ने कहा कि यह नुमाइश अलग अलग शहरों के लोगों का एक संगम है। यह सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय भी देता है। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नत्थी सिंह, सीडीओ अनुनय झा, पूर्व महापौर शकुंतला भारती, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मुदस्सिर, विष्णु कुमार बंटी, पंकज धीरज, प्रदीप सक्सेना, अशोक सक्सेना, भाजपा नेता मानव महाजन, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, त्रिलोकी नाथ गौड़, तहसील दार गौतम सिंह आदि मौजूद थे।
पीछे बैठने की कहने पर भड़कीं शकुंतला भारती
प्रदर्शनी के समापन समारोह के दौरान मंच पर पीछे की पंक्ति में बैठने की कहने पर पूर्व महापौर शकुंतला भारती संचालन कर रहे डॉ. राकेश सक्सेना पर भड़क गई। उन्होंने मंच से ही कहा आप होते कौन हैं मेरी बैठने की जगह तय करने वाले? आपकी हिम्मत कैसे हुई?
इस समय मंच पर जिलाधिकारी, सांसद सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि बैठे हुए थे। इसके बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह आदि ने उन्हें समझा कर शांत किया और मंच पर प्रमुख जगह पर बैठाया।
मुशायरा स्थगन का अफसोस : डीएम
प्रदर्शनी के समापन कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने संकेत दिए कि स्थगित कराया गया मुशायरा नुमाइश के बाद कराया जा सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बेहद अफसोस है कि कुछ घटनाओं के चलते उन्हें नुमाइश के कुछ कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। लेकिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी था। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि नुमाइश के बाद आयोजन कराया जाए।