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अवैध रूप से चलता मिला देवांश अस्पताल, सील
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:28 PM IST
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अवैध रूप से चलता मिला देवंाश अस्पताल, सील
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एसीएमओ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर में अनाधिकृत रूप से चल रहे देवांश हास्पिटल को सील कर दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारी कोई कागजात नहीं दिखा पाए थे।
एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि काफी दिनों से खैर में कुछ अनाधिकृत हास्पिटलों के संचालनों की शिकायत मिल रही थी। जिन पर बिना डॉक्टरों के ही महिलाओं की डिलीवरी व मरीजों के ऑपरेशन तक किए जा रहे थे।
पच्चीस दिन पूर्व खैर में देवांश हॉस्पीटल पर छापा मारा था। वहां हास्पिटल के पंजीकरण व अन्य आवश्यक कागजात नहीं दिखाए जा सके। उन्हें नोटिस देते हुए तीन दिन में कागजात प्रस्तुत कर जवाब देने के लिए कहा था। लेकिन 25 दिन बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
जिस पर डिप्टी सीएमओ डॉ. खानचंद्र ने डॉ. बीएन झा के साथ मिलकर रविवार को दोबारा छापा मारा। मौके पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। डिलीवरी के लिए एक महिला तथा एक मरीज जिसका हर्निया का ऑपरेशन होना था, दोनों अस्पताल में मौजूद थे।
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पूछताछ में किसी तरह का अनुमति पत्र, पंजीकरण पत्र आदि नहीं मिला। जिस पर अस्पताल को सील कर दिया गया है। कुछ आशा व एएनएम की सहभागिता भी पाई गई है। उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। यदि कागजात प्रस्तुत नहीं किए तो एफआईआर कर कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एसीएमओ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर में अनाधिकृत रूप से चल रहे देवांश हास्पिटल को सील कर दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारी कोई कागजात नहीं दिखा पाए थे।
एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि काफी दिनों से खैर में कुछ अनाधिकृत हास्पिटलों के संचालनों की शिकायत मिल रही थी। जिन पर बिना डॉक्टरों के ही महिलाओं की डिलीवरी व मरीजों के ऑपरेशन तक किए जा रहे थे।
पच्चीस दिन पूर्व खैर में देवांश हॉस्पीटल पर छापा मारा था। वहां हास्पिटल के पंजीकरण व अन्य आवश्यक कागजात नहीं दिखाए जा सके। उन्हें नोटिस देते हुए तीन दिन में कागजात प्रस्तुत कर जवाब देने के लिए कहा था। लेकिन 25 दिन बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
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जिस पर डिप्टी सीएमओ डॉ. खानचंद्र ने डॉ. बीएन झा के साथ मिलकर रविवार को दोबारा छापा मारा। मौके पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। डिलीवरी के लिए एक महिला तथा एक मरीज जिसका हर्निया का ऑपरेशन होना था, दोनों अस्पताल में मौजूद थे।
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पूछताछ में किसी तरह का अनुमति पत्र, पंजीकरण पत्र आदि नहीं मिला। जिस पर अस्पताल को सील कर दिया गया है। कुछ आशा व एएनएम की सहभागिता भी पाई गई है। उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। यदि कागजात प्रस्तुत नहीं किए तो एफआईआर कर कार्रवाई की जाएगी।