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अलीगढ़ : गोवंश संरक्षण पर 34 करोड़ खर्च, नहीं सुधरे हालात

Wed, 18 May 2022 01:06 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 01:06 AM IST
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34 crores spent on cow protection, the situation did not improve
अतरौली के गांव नोरथा की गोशाला में सूखा भूसा खाते गोवंश। - फोटो : CITY OFFICE
गोवंश संरक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए जिले में भी गोवंश संरक्षण को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक 34 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आ पाया है। तमाम निराश्रित गोवंश खेतों और सड़कों पर भटक रहे हैं। गोशालाओं में मौजूद गोवंश भीषण गर्मी सहने के साथ - साथ सूखा भूसा खाकर पेट भर रहे हैं। अफसरों का दावा है कि जिले में कुल 175 गो आश्रय स्थलों पर 28,559 गोवंश को संरक्षित किया गया है।
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नहीं मिल रहा पर्याप्त चारा-पानी
तहसील अतरौली क्षेत्र के गांव नोरथा की गोशाला में करीब 210 गोवंश हैं। यहां उन्हें सूखा भूसा खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गर्मी, बारिश से बचाव के इंतजाम न होने के कारण उन्हें खुले आसमान में रहना पड़ रहा है। यही हाल गभाना तहसील के गांव वीरपुरा स्थित गोशाला का है। यहां 185 गोवंश मौजूद हैं। जोकि चारे- पानी के नाम पर सूखा भूसा खा रहे है। टिन शेड कम होने पर गोवंश खुले आसमान के नीचे रहते हैं। यही स्थिति जिले की
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अधिकांश गोशालाओं की है।
महंगा हुआ भूसा
भूसे पर इन दिनों महंगाई की भारी मार है। 1200 रुपये क्विंटल तक भूसे की बिक्री हो रही है। जिसका असर गोशालाओं पर साफ दिखाई पड़ रहा है। एक गोवंश कम से कम दिन भर में आठ किलो भूसा खाता है। जबकि शासन से भूसे के लिए रोजाना मात्र 30 रुपये ही दिए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों तथा गोशाला संचालकों को पर्याप्त भूसे का इंतजाम कर पाना मुश्किल हो रहा है। पशुपालन विभाग भी भविष्य की चिंताओं को देखते हुए किसानों से अधिक से अधिक हरा चारा बोने की अपील कर रहा है। जिसके कारण आने वाले दिनों में कोई दिक्कत न रहे।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रवीर सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जिले से बाहर भूसा की बिक्री पर रोक लगा दी है। सभी तहसील व ब्लाक स्तरीय अफसरों को सरकारी गोशालाओं में पर्याप्त भूसा संग्रहित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से सरकारी गोशालाओं में भूसा दान करने की अपील भी की है। इसके लिए लोग 9411063522 , 9412442243 , 9412582274 इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
यह है स्थिति
जिले में निराश्रित गोवंश - 28,559
अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल
ग्रामीण - 161
शहरी - 13
कान्हा गोशाला
शहरी में 304 गोवंश
कांजी हाउस, संरक्षित पशु
ग्रामीण - एक, 12
शहरी - दो, 43
बोले गोपालक
सुबह से देर रात तक गोवंश की देखरेख करनी पड़ती है। कोई छुट्टी नहीं मिलती है। इसके बदले महज 3500 रुपये महीने मिलते हैं। इतनी कम रकम में गुजारा करना बेहद मुश्किल है। सरकार को मानदेय बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

- बनवारी लाल, नौरथा-अतरौली, गोपालक
गोशाला में मौजूद गोवंश को पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है। इससे उनका पेट पूरी तरह से भर नहीं पाता है। भूसे के दाम आसमान छू रहे हैं। हरा चारा बेहद कम है।
- राजेंद्र शर्मा, नगौला- गभाना, गोपालक
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