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यमुना खादर वाले गांव शेरपुर में पीएसी तैनात
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:51 AM IST
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यमुना खादर वाले गांव शेरपुर में पीएसी तैनात
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
यमुना की धारा बदलने से छिड़ा हरियाणा के समीपवर्ती गांवों एवं अलीगढ़ के शेरपुर समेत अन्य गांवों के किसानों के मध्य विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। मामले में हरियाणा के प्रशासनिक अफसरों की टालमटोल एवं दो बार समय देकर वार्ता से मुकर जाने से आजिज आए नोडल अफसर एवं एडीएम प्रशासन ने फाइल डीएम को सौंप दी है। इस सबके बीच गांव शेरपुर में फसल काटने के विवाद को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है।
यमुना की धारा बदलने के चलते हरियाणा के तीन गांव एवं अलीगढ़ के शेरपुर समेत दो अन्य गांवों की जमीन को लेकर करीब 22 वर्ष पुराना विवाद पलवल हरियाणा के अफसरों के टालू रवैये के कारण नहीं सुलझ सका है। इस मामले में पिछले दिनों हुए समझौते के बाद हरियाणा के जिन गांवों के किसानों की भूमि अलीगढ़ की तरफ आ गई है, उसे यहां के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने तथा यहां की हरियाणा की ओर की जमीन को वहां के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने पर सहमति बनी थी। इस काम के लिए दोनों राज्यों के अफसरों के मध्य वार्ता कराकर इस समझौते को अंतिम रूप देना बाकी रह गया था। एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा ने स्वीकार किया कि पलवल के अफसरों ने पहले शुक्रवार और उसके बाद मंगलवार को वार्ता के लिए कहा था। लेकिन कोई नहीं आया। इस मामले की फाइल डीएम को सौंप दी गई है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
यमुना की धारा बदलने से छिड़ा हरियाणा के समीपवर्ती गांवों एवं अलीगढ़ के शेरपुर समेत अन्य गांवों के किसानों के मध्य विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। मामले में हरियाणा के प्रशासनिक अफसरों की टालमटोल एवं दो बार समय देकर वार्ता से मुकर जाने से आजिज आए नोडल अफसर एवं एडीएम प्रशासन ने फाइल डीएम को सौंप दी है। इस सबके बीच गांव शेरपुर में फसल काटने के विवाद को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है।
यमुना की धारा बदलने के चलते हरियाणा के तीन गांव एवं अलीगढ़ के शेरपुर समेत दो अन्य गांवों की जमीन को लेकर करीब 22 वर्ष पुराना विवाद पलवल हरियाणा के अफसरों के टालू रवैये के कारण नहीं सुलझ सका है। इस मामले में पिछले दिनों हुए समझौते के बाद हरियाणा के जिन गांवों के किसानों की भूमि अलीगढ़ की तरफ आ गई है, उसे यहां के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने तथा यहां की हरियाणा की ओर की जमीन को वहां के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने पर सहमति बनी थी। इस काम के लिए दोनों राज्यों के अफसरों के मध्य वार्ता कराकर इस समझौते को अंतिम रूप देना बाकी रह गया था। एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा ने स्वीकार किया कि पलवल के अफसरों ने पहले शुक्रवार और उसके बाद मंगलवार को वार्ता के लिए कहा था। लेकिन कोई नहीं आया। इस मामले की फाइल डीएम को सौंप दी गई है।
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