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19 साल पहले हाथरस में किंगमेकर बने थे राजू भैया 

Sat, 07 Oct 2017 01:22 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sat, 07 Oct 2017 01:22 AM IST
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19 years ago Raju Bhaiya was a kingmaker in Hathras
19 साल पहले हाथरस में किंगमेकर बने थे राजू भैया  - फोटो : Rupesh
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू की कुर्सी बचाने में एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की मुख्य भूमिका रही। ऐसी ही किंगमेकर की भूमिका राजू भैया ने 19 साल पहले हाथरस जिले के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन में निभाई थी।
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तब अलीगढ़ से अलग होकर हाथरस जिला बना था। उसके बाद जिपं के चुनाव में अपना प्रत्याशी जिताना भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था। तब राजू भैया ने कई दिन पहले वहां पहुंचकर वहां के भाजपा नेताओं को साथ लेकर कमान संभाली थी। इस रणनीति से ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी डालचंद हाथरस के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। हालांकि उसके बाद से आज तक यह कुर्सी भाजपा को नहीं मिली है। 
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मई 1997 में जब हाथरस महामायानगर के नाम से अलीगढ़ से अलग होकर जिला बना, तो इसमें मथुरा का भी सादाबाद व सहपऊ क्षेत्र शामिल किया गया। जिला बनने के बाद वहां जिला पंचायत के सृजन की मांग उठने लगी। उस समय अलीगढ़ और मथुरा से अलग हुए क्षेत्र में 17 सदस्य थे।
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ऐसे में शासनादेश पर नये जिले में चुनाव कराए गए। उस समय बसपा का प्रभाव बढ़ रहा था। कहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद बसपा के खाते में न चला जाए, ऐसी स्थिति देख कल्याण सिंह खुद सक्रिय हुए। उस समय वह सीएम थे। उन्होंने हाथरस जिला पंचायत पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष निर्वाचित कराने के लिए खुद राजवीर सिंह राजू को वहां भेजा। राजवीर सिंह ने कई दिनों तक डेरा जमाए रखा।

भाजपाइयों को एकजुट किया। अलीगढ़ का सीमावर्ती जिला होने के कारण बाबूजी की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से जुड़ी थी। पूर्व विधायक राजवीर सिंह का वरदहस्त प्राप्त जिला पंचायत सदस्य डालचंद माहौर को पार्टी समर्थित उम्मीदवार बनाया गया। राजवीर पहलवान की भी चुनाव में अहम भूमिका थी।


आखिर में भाजपा को जीत मिली। पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान बताते हैं कि उस दौरान राजू भैया ने खुद यहां आकर रणनीति तय की थी। जब अलीगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष उमेश कुमारी थीं, तब हाथरस जिला बना था। तब यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई थी। डालचंद यहां के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे और उन्होंने महावीर को हराया था।
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