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कृषि मंत्री से रूबरू होंगे किसान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर सरकार की ओर से चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी देने के लिए आज (मंगलवार) खुद प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही किसानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रूबरू होंगे। इसके साथ ही किसान कृषि वैज्ञानिकों से अपनी समस्याओं और उनके निदान को लेकर सवाल जवाब भी कर सकेंगे। ‘वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ’ कार्यक्रम केवीके छेरत और कलेक्ट्रेट में स्थित एनआईसी में आयोजित होगा।
जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह के अनुसार दोपहर तीन बजे से शाम के छह बजे तक कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम की शुरूआत कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के उद्बोधन से होगी। इसके बाद केवीके कानपुर के वैज्ञानिक किसानों को आय दोगुनी करने की तरकीब के बार में बताएंगे।
इसके साथ ही धान उत्पादन, बासमती चावल, फसल अवशेष प्रबंधन संबंधी फिल्मों का प्रदर्शन, खरीफ में दलहनी और तिलहनी फसलों के प्रबंधन, खरीफ में सब्जी उत्पादन, मक्का उत्पादन की उन्नत तकनीक, पशुओं का रोगों से बचाव, औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती, कृ षि विविधीकरण एवं आर्गेनिक खेती के बारे में किसानों को समझाने के बाद पांच बजे से छह बजे तक किसान वैज्ञानिकों के सामने अपने प्रश्नों को रख उनके जवाब भी पा सकेंगे।
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किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर सरकार की ओर से चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी देने के लिए आज (मंगलवार) खुद प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही किसानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रूबरू होंगे। इसके साथ ही किसान कृषि वैज्ञानिकों से अपनी समस्याओं और उनके निदान को लेकर सवाल जवाब भी कर सकेंगे। ‘वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ’ कार्यक्रम केवीके छेरत और कलेक्ट्रेट में स्थित एनआईसी में आयोजित होगा।
जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह के अनुसार दोपहर तीन बजे से शाम के छह बजे तक कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम की शुरूआत कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के उद्बोधन से होगी। इसके बाद केवीके कानपुर के वैज्ञानिक किसानों को आय दोगुनी करने की तरकीब के बार में बताएंगे।
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इसके साथ ही धान उत्पादन, बासमती चावल, फसल अवशेष प्रबंधन संबंधी फिल्मों का प्रदर्शन, खरीफ में दलहनी और तिलहनी फसलों के प्रबंधन, खरीफ में सब्जी उत्पादन, मक्का उत्पादन की उन्नत तकनीक, पशुओं का रोगों से बचाव, औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती, कृ षि विविधीकरण एवं आर्गेनिक खेती के बारे में किसानों को समझाने के बाद पांच बजे से छह बजे तक किसान वैज्ञानिकों के सामने अपने प्रश्नों को रख उनके जवाब भी पा सकेंगे।
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