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इलेक्ट्रो-मैकेनिकल जूसर ग्राइंडर का आविष्कार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के पॉलीटेक्निक विभाग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेक्शन के डॉ. शमशाद अली ने एक ऐसे इलेक्ट्रो-मैकेनिकल जूसर ग्राइंडर का अविष्कार किया है, जो बिजली न होने पर भी कार्य करेगा।
डॉ. अली के इस आविष्कार को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा बौद्धिक संपदा के रूप में पेटेंट कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस जूसर ग्राइंडर को एक लीवर की सहायता से मानव चालित से बिजली चालित में बदला जा सकता है। इस आविष्कार से उपभोक्ताओं को यह उपकरण के संपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
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एएमयू के पॉलीटेक्निक विभाग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेक्शन के डॉ. शमशाद अली ने एक ऐसे इलेक्ट्रो-मैकेनिकल जूसर ग्राइंडर का अविष्कार किया है, जो बिजली न होने पर भी कार्य करेगा।
डॉ. अली के इस आविष्कार को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा बौद्धिक संपदा के रूप में पेटेंट कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस जूसर ग्राइंडर को एक लीवर की सहायता से मानव चालित से बिजली चालित में बदला जा सकता है। इस आविष्कार से उपभोक्ताओं को यह उपकरण के संपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
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