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पीएनबी की वसूली में नहीं रुचि-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙

Tue, 27 Feb 2018 02:56 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 02:56 AM IST
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पीएनबी की वसूली में नहीं रुचि-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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जहां पूरे देश में नीरव मोदी कांड को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर कोई नीरव मोदी की नीयत पर सवाल उठाने में लगा है, लेकिन बैंक अफसरों की खराब ऋणों के मामले में ढुलमुल नीति पर चर्चाएं कम ही हो रही हैं।

एक तरफ खराब ऋणों की वसूली के प्रति सरकारी उपेक्षा को लेकर बैंकों की ओर से तमाम सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बैंकों की कार्रवाई एवं खराब ऋणों की वसूली के प्रति बैंकों के रवैये पर नजर डालेेें तो बैंक खुद ही कटघरे में खड़े नजर आते हैं। जनपद के एक मामले पर गौर फरमाएं तो पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
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यहां हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम की फर्म है। इस फर्म के डायरेक्टर सिराजुद्दीन कुरैशी ने पंजाब नेशनल बैंक इंटरनेशनल शाखा नई दिल्ली से करोड़ों का लोन लिया था। इसके बदले में फर्म की छेरत सुढ़ियाल तहसील कोल की जमीन बंधक रखी थी। आरोप है कि फर्म ने न लोन चुकाया और न ही ब्याज दिया।
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यह राशि बढ़कर अब 123 करोड़ हो चुकी है। इस मामले में पिछले साल बैंक के उच्चाधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह की अदालत में सरफेसी एक्ट के तहत मुकदमा डालते हुए उक्त जमीन पर कब्जा दिलाने का अनुरोध किया। एडीएम न्यायालय ने कार्रवाई करते हुए 19 जून 2017 को एसडीएम कोल को सात दिन के अंदर उक्त जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए। एसडीएम कोल ने बैंक के उच्चाधिकारियों को सूचना देकर उनसे कब्जा लेने आने को कहा, लेकिन आना तो दूर किसी ने जवाब तक नहीं दिया।

नवंबर में पुन: भेजा दोनों को नोटिस
एसडीएम ने नवंबर माह में दोबारा से नोटिस जारी कर कहा कि हमें फर्म ने 13 नवंबर 2017 को आपकी बैंक की रसीद की छायाप्रति दी है। इसमें 2.75 करोड़ जमा करने का उल्लेख किया गया है।

बैंक अफसर बताएं कि फर्म ने अब तक कितनी धनराशि जमा कर दी है और आपके व फर्म के बीच क्या समझौता हुआ है। ताकि 15 नवंबर 2017 तक फर्म की जमीन पर कब्जा दिलाने के मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा सके।


नवंबर माह में नोटिस देने के बावजूद बैंक के किसी भी उच्चाधिकारी की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में इस मामले में कोई कार्रवाई करना संभव नहीं है।
- डा. पंकज वर्मा, एसडीएम कोल
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