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दिल्ली-हावड़ा रूट की 15 ट्रेनें प्लेटफार्म दो से चलेंगी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sat, 07 Oct 2017 01:22 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अब दिल्ली-हावड़ा रूट की 15 ट्रेनें प्लेटफार्म संख्या दो से ही चलेंगी। बार-बार ट्रैक बदलने से हो रही यात्रियों को परेशानी एवं हादसे रोकने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है।
सीएमआई संजय शुक्ला ने बताया कि इलाहाबाद के एरिया अफसर ने निर्देश दिए हैं कि दिल्ली से हावडा की ओर जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस, बरेली-बांदीकुई, मुरी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, कालका मेल, महाबोधि एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, कैफियात एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, दोपहर 12 बजे वाली ईएमयू पैसेंजर और सायं 4:23 बजे वाली ईएमयू पैसेंजर, दादर-बरेली ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर दो से गुजारने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि यह आदेश शुक्रवार से लागू भी हो गए हैं। इन आदेशों से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल अचानक प्लेटफार्म बदलने के कारण यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसके चलते कई बार ट्रेन छूट जाती थी तो कई बार ट्रेन पकड़ने की हड़बड़ी में यात्री लाइन क्रास करने का जोखिम भी उठाने पर मजबूर होते थे और आरपीएफ के चंगुल में फंस कर जुर्माना भी भरने पर मजबूर होेते थे। कई हादसे भी हो चुके हैं।
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सीएमआई संजय शुक्ला ने बताया कि इलाहाबाद के एरिया अफसर ने निर्देश दिए हैं कि दिल्ली से हावडा की ओर जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस, बरेली-बांदीकुई, मुरी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, कालका मेल, महाबोधि एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, कैफियात एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, दोपहर 12 बजे वाली ईएमयू पैसेंजर और सायं 4:23 बजे वाली ईएमयू पैसेंजर, दादर-बरेली ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर दो से गुजारने के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि यह आदेश शुक्रवार से लागू भी हो गए हैं। इन आदेशों से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल अचानक प्लेटफार्म बदलने के कारण यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसके चलते कई बार ट्रेन छूट जाती थी तो कई बार ट्रेन पकड़ने की हड़बड़ी में यात्री लाइन क्रास करने का जोखिम भी उठाने पर मजबूर होते थे और आरपीएफ के चंगुल में फंस कर जुर्माना भी भरने पर मजबूर होेते थे। कई हादसे भी हो चुके हैं।
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