फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   1280 units of electricity generation will increase the credibility of the district

अलीगढ़ः 1280 यूनिट बिजली उत्पादन से जिले की साख बढ़ेगी

Wed, 05 Jan 2022 01:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
1280 units of electricity generation will increase the credibility of the district
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कासिमपुर में 660 मेगावाट बिजली उत्पादन यूनिट का लोकार्पण करते अलीगढ़ प्रदेश में बिजली उत्पादन के मामले में भी रफ्तार पकड़ेगा। इस यूनिट को लोकार्पण का साथ अलीगढ़ सहित आसपास के अन्य जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। गंगा-जमुनी तहजीब के लिये जाना जाने वाले शहर अलीगढ़ को अब एक और उपलब्धि हासिल हो गई है। पहले जिले में 620 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। जिसमें 250-250 मेगावाट की दो यूनिटें चल रही थीं। इसके अतिरिक्त 120 मेगावाट की एक अतिरिक्त यूनिट और थी। लेकिन मंगलवार को 660 मेगावाट की यूनिट का लोकार्पण होने के बाद अब 1280 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे आसपास के जिलों को काफी फायदा होगा और जिला बिजली उत्पादन में प्रदेश में उच्च पायदान हासिल करेगा।
विज्ञापन

72 घंटे तक लगातार चलेगी इकाई, तब घोषित होगी व्यावसायिक
। हरदुआगंज तापीय परियोजना विस्तार के तहत स्थापित 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से संचालित है। यह इकाई एक महीने तक ट्रायल पर चलेगी। इससे पहले इसकी टेस्टिंग हो चुकी है। खास बात यह है कि यह यूनिट लगातार 72 घंटे तक फुल लोड पर जाती है, तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ स्थित एसएलडीसी रीडिंग और लोड को चेक करेंगे। इसके बाद ही इस इकाई को व्यावसायिक घोषित किया जाएगा।
विज्ञापन

नई इकाई की टेस्टिंग विगत महीनों से की जा चुकी है। लोकार्पण से पहले 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से ट्रायल पर है। लोकार्पण के बाद इसे फुल लोड पर डाला गया है। अब लगातार 72 घंटे तक यह इकाई 660 मेगावाट के फुल लोड पर चलेगी तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ में एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) इसकी रीडिंग व लोड को चेक करेंगे। वह लगातार इकाई की मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं। जैसे ही लगातार 72 घंटे तक इकाई फुल लोड पर बनी रहेगी। वैसे ही इसे व्यावसायिक घोषित कर दिया जाएगा। 72 घंटे फुल लोड पर चलने का मतलब है कि बिजली का उत्पादन 660 मेगावाट होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed