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एक दर्जन चालक-परिचालक नहीं चला रहे बसें
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज बसों में फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद अपना दामन बचाने में लगे अधिकारियों ने बुद्ध विहार डिपो की करीब 25 बसों को वर्कशाप में ही खड़ा करा दिया है। स्टाफ की कमी के नाम पर इन बसों का संचालन रोका गया है, जबकि करीब 12 चालक, परिचालकों को बसों पर भेजने की जगह उनसे दफ्तर में काम कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा दामन में पड़ने वाले छीटों से बचने की कवायद है।
फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने से पहले मथुरा, आगरा एवं हाथरस मार्ग पर करीब 40 बसें दिनभर दौड़ती थीं। ऐसे में यात्रियों को बसों की सुविधा मिल रही थी। अब गांधी पार्क बस स्टैंड पर आगरा, मथुरा, हाथरस, अनूपशहर एवं कासगंज समेत अन्य मार्गों के लिए बसों का टोटा हो गया है। कई-कई घंटे इंतजार के बाद यात्रियों को रोडवेज की बस मिल पा रही है।
रात में बसों की स्थिति और भी खराब है। अलीगढ़ में परिवहन निगम के पास बसों की यह कमी फर्जी टिकट रैकेट के खुलासे के बाद कृत्रिम रूप से पैदा की गई है। विभागीय कर्मियों के अनुसार वर्कशाप में बसें खड़ी हैं और चालक, परिचालक एआरएम आफिस में बाबू बन गए हैं। बुद्ध विहार डिपो में आठ नियमित परिचालक एवं चार चालक अन्य काम कर रहे हैं। एक ईटीएम मशीन पर, कुछ को एआरएम आफिस में कंप्यूटर तथा अन्य को मलाईदार सीट पर बिठा रखा गया है।
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रोडवेज बसों में फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद अपना दामन बचाने में लगे अधिकारियों ने बुद्ध विहार डिपो की करीब 25 बसों को वर्कशाप में ही खड़ा करा दिया है। स्टाफ की कमी के नाम पर इन बसों का संचालन रोका गया है, जबकि करीब 12 चालक, परिचालकों को बसों पर भेजने की जगह उनसे दफ्तर में काम कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा दामन में पड़ने वाले छीटों से बचने की कवायद है।
फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने से पहले मथुरा, आगरा एवं हाथरस मार्ग पर करीब 40 बसें दिनभर दौड़ती थीं। ऐसे में यात्रियों को बसों की सुविधा मिल रही थी। अब गांधी पार्क बस स्टैंड पर आगरा, मथुरा, हाथरस, अनूपशहर एवं कासगंज समेत अन्य मार्गों के लिए बसों का टोटा हो गया है। कई-कई घंटे इंतजार के बाद यात्रियों को रोडवेज की बस मिल पा रही है।
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रात में बसों की स्थिति और भी खराब है। अलीगढ़ में परिवहन निगम के पास बसों की यह कमी फर्जी टिकट रैकेट के खुलासे के बाद कृत्रिम रूप से पैदा की गई है। विभागीय कर्मियों के अनुसार वर्कशाप में बसें खड़ी हैं और चालक, परिचालक एआरएम आफिस में बाबू बन गए हैं। बुद्ध विहार डिपो में आठ नियमित परिचालक एवं चार चालक अन्य काम कर रहे हैं। एक ईटीएम मशीन पर, कुछ को एआरएम आफिस में कंप्यूटर तथा अन्य को मलाईदार सीट पर बिठा रखा गया है।
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