{"_id":"6a593cc61184925b6e012d5e","slug":"zoya-palace-did-not-issue-a-single-bill-for-three-months-withheld-crores-of-rupees-agra-news-c-25-1-agr1067-1110480-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: जोया पैलेस ने तीन माह तक नहीं काटा एक भी बिल, करोड़ों दबाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: जोया पैलेस ने तीन माह तक नहीं काटा एक भी बिल, करोड़ों दबाए
विज्ञापन
आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित नामी डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल जोया पैलेस का संचालन करने वाली इवेंट मैनेजमेंट फर्म मैसर्स क्राफ्टफोलियो स्टूडियो एलएलपी ने करोड़ों रुपये की कर चोरी की है। इस खेल को अंजाम देने के लिए फर्म न सिर्फ बिल कम रकम का बनाती थी, बल्कि कई बार तो वह बिल ही जारी नहीं करती थी। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने ग्राहक बनकर खेल पकड़ा तो पता चला है कि फर्म ने मई, जून और जुलाई में एक भी बिल नहीं बनाया, जबकि इस दौरान एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आय की।
राज्य कर विभाग को पोर्टल स्क्रूटनी के दौरान आशीष जैन एवं आरती गुप्ता की फर्म की ओर से कम टर्नओवर घोषित किए जाने पर शक हुआ। इस पर संयुक्त आयुक्त चंद्रकांत रल्हन के निर्देशन में उपायुक्त आकांक्षा शुक्ला, सहायक आयुक्त कमलेश कुमार एवं दीपांकर की टीम ने ग्राहक बनकर आलीशान मैरिज लॉन की डमी बुकिंग कराई और रेकी की। सैंपल बुकिंग और ऑनलाइन छानबीन में सामने आया कि व्यापारी प्रति बुकिंग करीब 15 लाख रुपये वसूलता था लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करता। चूंकि यह कारोबार मालिक और ग्राहक के रूप में आम जनता (बी2 सी श्रेणी) के बीच होता है, ऐसे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) या पक्के बिल की जरूरत नहीं होती। इसी बात का फायदा उठाकर फर्म कर चोरी कर रही थी। 27 अप्रैल, 2026 के बाद से कोई भी टैक्स इनवॉइस जारी ही नहीं किया और बिना बिलिंग के बुकिंग राशि सीधे डकारते रहे।
पांच महीने में कमाई 5.67 करोड़, दिखाई 1.38 करोड़
गोपनीय दस्तावेजों, डायरियों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की गहनता से जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने नवंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच रिटर्न में कमाई 1.80 करोड़ दिखाई, जबकि वास्तविक कमाई 5.67 करोड़ रुपये थी। इसी तरह, अप्रैल से जून के बीच 50.45 लाख का टर्नओवर घोषित किया, जबकि वास्तविक टर्नओवर 1.43 करोड़ था। यही नहीं, मैरिज लॉन को 19 लाख के वार्षिक किराये पर लीज पर लिया लेकिन पिछले तीन साल में लीज रेंट पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) के तहत 10.26 लाख का जीएसटी भी जमा नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य कर विभाग को पोर्टल स्क्रूटनी के दौरान आशीष जैन एवं आरती गुप्ता की फर्म की ओर से कम टर्नओवर घोषित किए जाने पर शक हुआ। इस पर संयुक्त आयुक्त चंद्रकांत रल्हन के निर्देशन में उपायुक्त आकांक्षा शुक्ला, सहायक आयुक्त कमलेश कुमार एवं दीपांकर की टीम ने ग्राहक बनकर आलीशान मैरिज लॉन की डमी बुकिंग कराई और रेकी की। सैंपल बुकिंग और ऑनलाइन छानबीन में सामने आया कि व्यापारी प्रति बुकिंग करीब 15 लाख रुपये वसूलता था लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करता। चूंकि यह कारोबार मालिक और ग्राहक के रूप में आम जनता (बी2 सी श्रेणी) के बीच होता है, ऐसे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) या पक्के बिल की जरूरत नहीं होती। इसी बात का फायदा उठाकर फर्म कर चोरी कर रही थी। 27 अप्रैल, 2026 के बाद से कोई भी टैक्स इनवॉइस जारी ही नहीं किया और बिना बिलिंग के बुकिंग राशि सीधे डकारते रहे।
विज्ञापन
पांच महीने में कमाई 5.67 करोड़, दिखाई 1.38 करोड़
गोपनीय दस्तावेजों, डायरियों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की गहनता से जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने नवंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच रिटर्न में कमाई 1.80 करोड़ दिखाई, जबकि वास्तविक कमाई 5.67 करोड़ रुपये थी। इसी तरह, अप्रैल से जून के बीच 50.45 लाख का टर्नओवर घोषित किया, जबकि वास्तविक टर्नओवर 1.43 करोड़ था। यही नहीं, मैरिज लॉन को 19 लाख के वार्षिक किराये पर लीज पर लिया लेकिन पिछले तीन साल में लीज रेंट पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) के तहत 10.26 लाख का जीएसटी भी जमा नहीं किया।
विज्ञापन