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विश्व योग दिवस: योग से दी जानलेवा बीमारियों को मात, अब दूसरों को बना रहीं निरोगी
Fri, 21 Jun 2019 10:26 AM IST
मुकेश कुमार
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला, मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 21 Jun 2019 10:26 AM IST
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योग प्रशिक्षक दाखश्री
- फोटो : अमर उजाला
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योग से शरीर निरोगी बनता है। बस जरूरत है नियमित योग करने की। मैनपुरी के देवी रोड निवासी 74 वर्षीय दाखश्री यादव ने योग से ही जानलेवा बीमारियों की मात दी। आज न केवल वे खुद स्वस्थ हैं, बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ बना रही हैं। साथ ही लोगों को योग के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।
15 वर्ष पहले दाखश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदी की प्रवक्ता थीं। उन्हें माइग्रेन, सर्वाइकल और क्षीण दृष्टि जैसे लाइलाज रोगों ने चपेट में ले लिया। एक दिन उन्होंने टीवी पर योगगुरु बाबा रामदेव को योगासन के बारे में बताते हुए देखा।
इसके बाद दाखश्री ने निरंतर एक माह तक योगाभ्यास किया तो बीमारियों से कुछ राहत मिली। इसके बाद उन्होंने जब छह महीने तक योगाभ्यास किया तो उन्हें रोगों से निजात मिल गई। कभी चश्मे से भी देख पाना मुश्किल था, लेकिन आज वे बिना चश्मे के किताबें पढ़ती हैं।
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15 वर्ष पहले दाखश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदी की प्रवक्ता थीं। उन्हें माइग्रेन, सर्वाइकल और क्षीण दृष्टि जैसे लाइलाज रोगों ने चपेट में ले लिया। एक दिन उन्होंने टीवी पर योगगुरु बाबा रामदेव को योगासन के बारे में बताते हुए देखा।
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इसके बाद दाखश्री ने निरंतर एक माह तक योगाभ्यास किया तो बीमारियों से कुछ राहत मिली। इसके बाद उन्होंने जब छह महीने तक योगाभ्यास किया तो उन्हें रोगों से निजात मिल गई। कभी चश्मे से भी देख पाना मुश्किल था, लेकिन आज वे बिना चश्मे के किताबें पढ़ती हैं।
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दूसरों को सिखा रहीं योगासन
वर्ष 2007 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पतंजलि योगपीठ से योग शिक्षक का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्हें जिला प्रभारी की कमान सौंपी गई। अब वो स्वस्थ जीवन के लिए दूसरों को योगासन सिखाती हैं।
देवी रोड निवासी उर्मिला यादव और राजा का बाग निवासी शशिप्रभा ने योग कर बीमारियों से छुटकारा पाया। शशिप्रभा जहां माइग्रेन पेन से जूझ रही थीं तो वहीं उर्मिला आंतों में संक्रमण से, लेकिन योग के कारण आज दोनों ही स्वस्थ हैं।
दाखश्री के लिए योग ही अब उनका जीवन बन चुका है। सुबह और शाम वो योग कक्षाओं का संचालन कर योगासन सिखाती हैं। अगर कोई दिन में भी उनके घर पहुंच जाता है तो भी वो उसे योगासनों के बारे में जानकारी देती हैं।
देवी रोड निवासी उर्मिला यादव और राजा का बाग निवासी शशिप्रभा ने योग कर बीमारियों से छुटकारा पाया। शशिप्रभा जहां माइग्रेन पेन से जूझ रही थीं तो वहीं उर्मिला आंतों में संक्रमण से, लेकिन योग के कारण आज दोनों ही स्वस्थ हैं।
दाखश्री के लिए योग ही अब उनका जीवन बन चुका है। सुबह और शाम वो योग कक्षाओं का संचालन कर योगासन सिखाती हैं। अगर कोई दिन में भी उनके घर पहुंच जाता है तो भी वो उसे योगासनों के बारे में जानकारी देती हैं।
दाखश्री ने बताया कि योग से ही उनको स्वस्थ जीवन मिला है। अब योग ही उनका जीवन है। उनका कहना है कि व्यक्ति को स्वस्थ रहना है तो उसे नियमित रूप से सुबह आधे घंटे तक योगासन करने चाहिए।
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