{"_id":"65157f8b86d59556ac0ba239","slug":"whole-family-sleeping-at-night-then-an-crocodile-entered-home-in-up-2023-09-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: आधी रात को किसान के घर में घुस आया मगरमच्छ, सो रहा था परिवार...; ऐसे बची जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: आधी रात को किसान के घर में घुस आया मगरमच्छ, सो रहा था परिवार...; ऐसे बची जान
Thu, 28 Sep 2023 06:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 28 Sep 2023 06:58 PM IST
सार
आगरा के मनसुखपुरा क्षेत्र एक गांव में किसान का परिवार रात के समय सो रहा था, उसी दौरान मगरमच्छ घर में घुस आया। जब घर के सदस्यों ने देखा तो हड़कंप मच गया। गांव के लोगों को पता चला तो मौके पर भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
किसान के घर में घुस आया मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना मनसुखपुरा क्षेत्र के अंतर्गत गांव नांद का पूरा में बुधवार की रात को गांव में एक विशाल मगरमच्छ पहुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। विशाल मगरमच्छ ग्रामीण के घर में घुस गया और परिवार पर हमला बोल दिया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। दहशत में आए परिवार के लोगों ने तत्काल पुलिस और वन विभाग को सूचना। मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर विशाल मगरमच्छ को पड़कर चंबल नदी में छोड़ा है।
यहां की है घटना
बुधवार की देर रात को किसान रामवीर अपने परिवार के साथ घर के आंगन में सो रहे थे, तभी बीहड के रास्ते से चलकर एक विशाल मगरमच्छ गांव में पहुंच गया। उस समय परिवार के लोग सो रहे थे। गनीमत ये रही कि मगरमच्छ हमला बोल पाता, उससे पहले ही वे जाग गए।
ये भी पढ़ें - आगरा: एक ओर मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन, तो दूसरी ओर हाथियों के दर्द की दास्तां; जाना कैसा है इनका जीवन
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां की है घटना
बुधवार की देर रात को किसान रामवीर अपने परिवार के साथ घर के आंगन में सो रहे थे, तभी बीहड के रास्ते से चलकर एक विशाल मगरमच्छ गांव में पहुंच गया। उस समय परिवार के लोग सो रहे थे। गनीमत ये रही कि मगरमच्छ हमला बोल पाता, उससे पहले ही वे जाग गए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - आगरा: एक ओर मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन, तो दूसरी ओर हाथियों के दर्द की दास्तां; जाना कैसा है इनका जीवन
विज्ञापन
मच गई चीख पुकार
मगरमच्छ को देखकर परिवार के लोगों में चीख पुकार मच गई। आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण जाग कर मौके पर पहुंच गए। मगरमच्छ दीवार किनारे बैठा हुआ था। मगरमच्छ कोई उत्पाद मचाता, उससे पहले ही एकत्रित ग्रामीणों ने तत्काल सूचना डायल 112 पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग को मामले को लेकर जानकारी दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टीम द्वारा मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया।
मगरमच्छ को देखकर परिवार के लोगों में चीख पुकार मच गई। आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण जाग कर मौके पर पहुंच गए। मगरमच्छ दीवार किनारे बैठा हुआ था। मगरमच्छ कोई उत्पाद मचाता, उससे पहले ही एकत्रित ग्रामीणों ने तत्काल सूचना डायल 112 पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग को मामले को लेकर जानकारी दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टीम द्वारा मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया।
वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ लिया और रात में ही उसे ले जाकर चंबल नदी के पिनाहट घाट पर सुरक्षित छोड़ दिया। चंबल नदी से निकलकर बीहड के रास्ते से होकर पूर्व में भी मगरमच्छ कई बार गांव में पहुंचे हैं, जहां उन्होंने पशुओं को अपना शिकार बनाने के लिए हमला बोला।
ये भी पढ़ें - सह न सके जुदाई: शादी करने की थी जिद, फिर घरवालों ने लिया ऐसा फैसला....; रुला देगी ये प्रेम कहानी
वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ लिया और रात में ही उसे ले जाकर चंबल नदी के पिनाहट घाट पर सुरक्षित छोड़ दिया। चंबल नदी से निकलकर बीहड के रास्ते से होकर पूर्व में भी मगरमच्छ कई बार गांव में पहुंचे हैं, जहां उन्होंने पशुओं को अपना शिकार बनाने के लिए हमला बोला।
ये भी पढ़ें - सह न सके जुदाई: शादी करने की थी जिद, फिर घरवालों ने लिया ऐसा फैसला....; रुला देगी ये प्रेम कहानी
चंबल से आते हैं मगरमच्छ
बता दें चंबल नदी मगरमच्छ और घड़ियालों के लिए संरक्षित है। चंबल सेंचुरी में वन विभाग की देखरेख में इनका संरक्षण हो रहा है। मगर मगरमच्छ चंबल नदी से निकलकर गांव के तालाब और गांव तक पहुंच जाते हैं। गनीमत रही कि मगरमच्छ ने किसी पर हमला नहीं बोला अन्यथा अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
बता दें चंबल नदी मगरमच्छ और घड़ियालों के लिए संरक्षित है। चंबल सेंचुरी में वन विभाग की देखरेख में इनका संरक्षण हो रहा है। मगर मगरमच्छ चंबल नदी से निकलकर गांव के तालाब और गांव तक पहुंच जाते हैं। गनीमत रही कि मगरमच्छ ने किसी पर हमला नहीं बोला अन्यथा अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।