{"_id":"603611a270484332fb01cf1f","slug":"vrindavan-kumabh-news-yamuna-cleaning-message-given-by-lal-baba","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वृंदावन कुंभ: यमुना शुद्धिकरण की अलख जगा रहे लाला बाबा, लोगों को दे रहे संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृंदावन कुंभ: यमुना शुद्धिकरण की अलख जगा रहे लाला बाबा, लोगों को दे रहे संदेश
Thu, 25 Feb 2021 12:01 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 25 Feb 2021 12:01 AM IST
विज्ञापन
वृंदावन कुंभ: लाल बाबा जगा रहे यमुना साफ रखने की अलख
- फोटो : अमर उजाला
एकला चलो की तर्ज पर यमुना शुद्धिकरण की अलख जगाते चले आ रहे साधु लाला बाबा ने वृंदावन कुंभ में यमुना के तट पर अपना डेरा जमा दिया है। वे यहां बैठक कर पोस्टर आदि के माध्यम से यमुना को प्रदूषित न करने का आग्रह भक्तजनों से कर रहे हैं। लोगों को पूछने पर यमुना प्रदूषण में आम लोगों की सहभागिता से भी अवगत कराते हैं।
विज्ञापन
करीब 70 वर्षीय लाल बाबा पिछले करीब चार दशकों से कान्हा की नगरी में निवासरत है। मूल रूप से राजस्थान के झुंझनूं जिला के व्यापारी वर्ग से मोहनलाल अर्थात लाल बाबा ने कृष्ण की भक्ति के वशीभूत होकर चार दशक पहले वृंदावन वास का निर्णय लिया। भरे पूरे परिवार को छोड़कर वृंदावन चले आये। राजनीति शास्त्र, संस्कृत और आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित चुके लाल बाबा ने वृंदावन आकर अपनी पैतृक संपत्ति के रूप में मौजूद स्थान पर न रहते हुए मंदिर-मंदिर और द्वारे-द्वारे जाकर ठाकुर जी की आराधना में लीन रहने लगे।
विज्ञापन
नित्यप्रति ठाकुर श्रीबांकेबिहारी और श्रीराधावल्लभ मंदिर के दर्शन और यमुना स्नान का नियम बनाया। पिछले दो दशक से यमुना की बिगड़ी दशा को देख सरकार के साथ आम जनमानस को जागरूक करने की मुहिम चला दी। बाबा यमुना में आने वाली अज्ञात लाशों को निकालते हुए उनका दाह संस्कार भी करने लगे।
विज्ञापन
यमुना के लिए उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन भी किया था। अब वे एक बार फिर वृंदावन कुंभ आ रहे साधु-संतों और भक्तजनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। वे कहते हैं कि इन पोस्टरों पर लिखी बातों पर लोग अमल कर लें तो यमुना काफी हद तक साफ हो जाएगी। वे पॉलिथीन सहित कूड़ा, पूजा आदि सामग्री यमुना में न डालने की अपील ही तो लोगों से कर रहे हैं। खुद लोग देखें कि वे किस तरह यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं।