एटा: मंदिर की जमीन के विवाद में ग्रामीण की हत्या, प्रधान सहित चार के खिलाफ मुकदमा
आरोपी ग्राम प्रधान पक्ष के लोग मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। उक्त मंदिर मृतक के पिता ने बनवाया था। वह जमीन पर कब्जे का विरोध कर रहा था। इसी बात पर आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
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एटा जिले के थाना जसरथपुर क्षेत्र के एक गांव में मंदिर की जमीन पर कब्जे के विवाद में ग्रामीण की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मृतक के चचेरे भाई, भतीजों और ग्राम प्रधान पर लगा है। मृतक की पत्नी ने प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सोमवार रात करीब 8.30 बजे गांव सरौंठ पछायां निवासी उमाशंकर (55) पुत्र लल्लू सिंह की हत्या कर दी गई। मृतक के भाई महीपाल ने बताया कि पिता लल्लू सिंह ने पैतृक जमीन पर मंदिर निर्माण कराया था। इसके आसपास जमीन खाली पड़ी है।
इस जमीन पर चचेरे भाई द्रोप सिंह इसके पुत्र पिंटू, रिंकू जानवर बांधकर कब्जा कर रहे थे। इसका विरोध किया तो द्रोप सिंह, भतीजे पिंकू और रिंकू और वर्तमान प्रधान चंद्रभान ने उमाशंकर पर जानलेवा हमला कर दिया। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।
आगरा ले जाते समय तोड़ा दम
परिजन उमाशंकर को सीएचसी अलीगंज लेकर पहुंचे, यहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय रास्ते में उमाशंकर की मौत हो गई। महीपाल का आरोप है कि दो जुलाई को भी आरोपियों ने मारपीट की थी।
इसका मुकदमा थाने पर दर्ज कराया था। सोमवार शाम गांव में पुलिस पहुंची तो द्रोप सिंह आदि बौखला गए। पुलिस के लौटने के 10 मिनट बाद ही हमला कर दिया। इस हमले में मृतक का भतीजा सुंदरम भी घायल हुआ है। मृतक की पत्नी रामादेवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीओ अलीगंज राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मंदिर की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। उमाशंकर को चोट ज्यादा लग गई थी। इलाज को ले जाते समय मौत हुई है। तहरीर के आधार पर प्रधान सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।