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Agra News: आगरा कॉलेज में भर्ती 66 कर्मियों को डाटा खंगालेगी विजिलेंस, पूर्व प्राचार्य के साथ कर्मचारियों से भी होगी पूछताछ, बढ़ेगा जांच का दायरा, कई और नाम आएंगे सामने
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आगरा। आगरा कॉलेज में भर्ती हुए 66 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की जांच के लिए विजिलेंस जल्द कॉलेज जाकर पूरा डाटा खंगाल सकती है। इनकी भर्ती के लिए फाइलों में प्रबंध समिति से कोई अनुमति का पत्र लगाया गया था या नहीं। दस्तावेज लगाने में किसी तरह का फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया। कर्मचारी किन-किन पद पर भर्ती हुए, उनकी सेवाएं कब समाप्त की गईं। इन कर्मचारियों ने कितना वेतन प्राप्त किया। यह कॉलेज में आए या नहीं, सिर्फ कागजों पर ही पूरा खेल चलता रहा। वर्तमान में कोई कर्मचारी कार्यरत हैं तो वो कहां पर तैनात हैं। इन सभी सवालों की जानकारी जुटाई जाएगी। विजिलेंस की जांच का दायरा बढ़ सकता है। इसमें कई और नाम सामने आ सकते हैं।
सतर्कता अधिष्ठान आगरा सेक्टर के निरीक्षक सौदान सिंह ने विजिलेंस थाना में पांच पूर्व प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इनमें जयपुर हाउस निवासी डॉ. मनोज रावत, दयालबाग निवासी डॉ. अशोक विक्रम सिंह, माधव कुंज निवासी डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, प्रोफेसर कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह और न्यू आगरा कॉलोनी निवासी डॉ. अनिल कुमार शामिल थे। आरोप लगाया था कि इन प्राचार्य ने अपने कार्यकाल में 66 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अनियमित रूप से संविदा पर रखा। इन भर्तियों के संबंध में कोई पत्रावली कॉलेज में उपलब्ध नहीं हैं। इन भर्तियों के संबंध में प्रबंध समिति से कोई अनुमोदन भी नहीं लिया गया। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस के विवेचक भर्तियों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाएंगे। यह देखा जाएगा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए किन दस्तावेजों को लगाया गया। प्राचार्य के साथ और कितने लोग शामिल रहे। जो लोग भर्ती हुए थे, उन्होंने अपने दस्तावेज क्या लगाए। प्रबंध समिति की अनुमति नहीं ली गई थी, लेकिन जिन लोगों की नियुक्ति की गई, वो वाकई में उस पद के लिए पात्र लोग थे या नहीं? इसके लिए दस्तावेज देखे जाएंगे। फिलहाल खुली जांच में भर्ती से संबंधित कोई दस्तावेज अब तक विजिलेंस को नहीं मिला है। आशंका है कि मामले की शिकायत के बाद यह दस्तावेज गायब कर दिए गए होंगे। ऐसे में विवेचक कॉलेज में जाकर विस्तृत जानकारी लेंगे। संबंधित प्राचार्य के समय विभागों में तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
नोटिस देकर बुलाए जाएंगे पूर्व प्राचार्य
विवेचक पूर्व प्राचार्य को नोटिस देकर बुलाएंगे। आरोपी पूर्व प्राचार्य के बयान दर्ज होंगे। भर्ती से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी ली जाएगी। अगर कोई प्राचार्य नहीं आएगा तो उसकी मुश्किल बढ़ जाएगी।
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साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी
आगरा कॉलेज के पांच पूर्व प्राचार्य के मामले में विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक शर्मा, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस
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सतर्कता अधिष्ठान आगरा सेक्टर के निरीक्षक सौदान सिंह ने विजिलेंस थाना में पांच पूर्व प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इनमें जयपुर हाउस निवासी डॉ. मनोज रावत, दयालबाग निवासी डॉ. अशोक विक्रम सिंह, माधव कुंज निवासी डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, प्रोफेसर कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह और न्यू आगरा कॉलोनी निवासी डॉ. अनिल कुमार शामिल थे। आरोप लगाया था कि इन प्राचार्य ने अपने कार्यकाल में 66 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अनियमित रूप से संविदा पर रखा। इन भर्तियों के संबंध में कोई पत्रावली कॉलेज में उपलब्ध नहीं हैं। इन भर्तियों के संबंध में प्रबंध समिति से कोई अनुमोदन भी नहीं लिया गया। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस के विवेचक भर्तियों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाएंगे। यह देखा जाएगा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए किन दस्तावेजों को लगाया गया। प्राचार्य के साथ और कितने लोग शामिल रहे। जो लोग भर्ती हुए थे, उन्होंने अपने दस्तावेज क्या लगाए। प्रबंध समिति की अनुमति नहीं ली गई थी, लेकिन जिन लोगों की नियुक्ति की गई, वो वाकई में उस पद के लिए पात्र लोग थे या नहीं? इसके लिए दस्तावेज देखे जाएंगे। फिलहाल खुली जांच में भर्ती से संबंधित कोई दस्तावेज अब तक विजिलेंस को नहीं मिला है। आशंका है कि मामले की शिकायत के बाद यह दस्तावेज गायब कर दिए गए होंगे। ऐसे में विवेचक कॉलेज में जाकर विस्तृत जानकारी लेंगे। संबंधित प्राचार्य के समय विभागों में तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
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नोटिस देकर बुलाए जाएंगे पूर्व प्राचार्य
विवेचक पूर्व प्राचार्य को नोटिस देकर बुलाएंगे। आरोपी पूर्व प्राचार्य के बयान दर्ज होंगे। भर्ती से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी ली जाएगी। अगर कोई प्राचार्य नहीं आएगा तो उसकी मुश्किल बढ़ जाएगी।
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साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी
आगरा कॉलेज के पांच पूर्व प्राचार्य के मामले में विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक शर्मा, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस