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फिरोजाबाद: कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ बना शातिर अपराधी, खुद के टेलीकॉलर भर्ती कर शुरू की ऑनलाइन ठगी   

Sun, 10 Apr 2022 07:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 10 Apr 2022 07:14 PM IST
सार

टेलीकॉलर  बैंक अफसर व कर्मचारी बनकर फोन पर झांसा देते थे। एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर बैंक खाते की जानकारी जुटाते थे। इसके अलावा इंश्योरेंस पॉलिसी के नवीनीकरण, केसीसी आदि के नाम पर लोगों को जाल में फंसा लेते थे।

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Vicious criminal left the job of call center started online fraud by recruiting own telecaller
शातिर अपराधियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी आशीष तिवारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंश्योरेंस पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले सात ठगों को साइबर क्राइम सेल व सिरसागंज पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार किया है। एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार गैंग का सरगना अमित बेहद शातिर है। कई साल तक कॉल सेंटर में नौकरी करने वाले अमित ने ऊंची उड़ान भरने की सोची। इसके बाद अमित ने कुछ साथियों की टीम तैयार की। 

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उसने खुद का नोएडा सेक्टर -2 में कॉल सेंटर खोला। इसमें टेलीकॉलरों की भर्ती की। टेलीकॉलरों को डाटा देने का काम अमित का होता था। इन टेलीकॉलरों को ठगी की रकम का दस प्रतिशत अतिरिक्त दिया जाता था। ये लोग लोग बैंक के अफसर व कर्मचारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक जांच में पांच करोड़ की ठगी की बात सामने आई है। यह रकम अभी और भी बढ़ सकती है। 
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कॉलसेंटर में जिस नंबर से फोन किया जाता था, वह नंबर यानि सिम की व्यवस्था करने का काम गैंग का सदस्य हिमांशु करता था। वह इसके लिए बिहार के लोगों की आईडी पर सिम की व्यवस्था करता था। जौनी कॉल सेंटर चलाता था, जहां लड़के-लड़कियां खुद को बैंक और बीमा कंपनी का अधिकारी-एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते थे। उन्हें  इंश्योरेंस पॉलिसी के नवीनीकरण, केसीसी, लोन कराने आदि का झांसा देते थे।
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 एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर ग्राहकों से एटीएम का पासवर्ड, आधार कार्ड का नंबर पूछने के बाद उनके खाते से ऑनलाइन नकदी अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। केवाईसी अपडेट के नाम पर भी लिंक भेजकर यह पैसे उड़ा देते थे। कभी कभार ग्राहकों से नोकझोंक होने पर वह अमित से बात कराते थे। अमित अंग्रेजी का एक्सपर्ट था। अमित के बातचीत में ग्राहक फंस जाते थे। 

कॉलसेंटर में अमित के साथ देने वाले कर चुके उसके साथ काम 

ठगी के सरगना अमित के बनाए कॉलसेंटर में उसके साथ काम कर चुके दीपू, प्रिंस, श्वेता व अभिषेक सहयोगी थे। अभिषेक और श्वेता रखे गए टेलीकॉलरों को ट्रेनिंग देते थे। शिवम द्वारा फर्जी खाते सीएसपी केंद्र से मिलीभगत कर खुलवाए जाते थे। जिसमें उसका साथ रोशन, अमन, विवेक व आलोक देते थे। बदमाशों द्वारा विभिन्न खातों में पांच करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन का विवरण प्राप्त हुआ है। जिसमें मोहाली पंजाब के रहने वाले प्रवीन कुमार से एक लाख 60 हजार की ठगी का मामला भी सामने आया है।

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